फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Holika Dahan will be held at 1,146 sites in the district

जिले में 1,146 स्थलों पर होगा होलिका दहन

Sat, 27 Mar 2021 11:55 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 27 Mar 2021 11:55 PM IST
विज्ञापन
Holika Dahan will be held at 1,146 sites in the district
जिले में 1,146 स्थलों पर होगा होलिका दहन
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। होली और शब-ए-बरात के उपलक्ष्य में अगले तीन दिन जनपद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। जनपद में कुल 1,146 स्थानों पर होलिका दहन होगा। शहर क्षेत्र में 195 स्थानों पर होलिका दहन होगा। शब-ए-बरात का भी पर्व मनाया जाएगा। इसे लेकर संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। वहीं, दोपहिया को भी लेकर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
रविवार को होलिका दहन व शब-ए-बरात का प्रमुख पर्व दोनों वर्गों के लोगों द्वारा मनाया जाना है। इसके साथ ही सोमवार को रंगोत्सव भी मनाया जाएगा। इसे लेकर जनपद में अगले तीन दिन तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। शहर में शहर कोतवाली क्षेत्र के 95, सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के 32 व नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के 68 होलिका दहन स्थलों पर शनिवार रात से ही लगातार सुरक्षा रहेगी। स्थानीय फोर्स के साथ ही दो कंपनी पीएसी और मेरठ से आए सौ स्पेशल रिक्रूट जवान सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि दोनों वर्गों के प्रमुख त्योहारों को लेकर कुछ संवेदनशील स्थल भी चिह्नित किए गए हैं, जहां विशेष सुरक्षा इंतजाम रहेंगे।
विज्ञापन

शाम 6.30 बजे से शुरू हो जाएगा मुहूर्त
मुजफ्फरनगर। पंडित ध्यानचंद कुश ने बताया कि रविवार को शाम 6.30 बजे से प्रदोष काल शुरू हो जाएगा, इसके साथ ही होलिका दहन का मुहूर्त भी शुरू होगा। शुभ मुहूर्त के बाद करीब दो घंटे की अवधि तक होलिका दहन किया जा सकेगा। होलिका को खरीफ की नवागंतुक फसल गेहूं का भी भोग लगाया जाएगा। होलिका जलने के साथ ही मौसम में ग्रीष्म ऋतु का विधिवत आगमन हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सर्वसिद्धि के लिए होलिका में दें आहुति
मुजफ्फरनगर। ज्योतिष संजय सक्सेना ने बताया कि होलिका दहन में सर्व प्रकार की सिद्धि के लिए आहुति देनी चाहिए। इसमें हवन सामग्री, जौ, काले तिल, गुग्गल, सरसों, कपूर, कमल गट्टा और जायफल एक साथ मिलकर गायत्री मंत्र का जाप करते हुए आहुति देनी चाहिए। व्यापार वृद्धि, कर्ज अदायगी, पितृ शांति, स्वस्थ जीवन और सुख-समृद्धि जैसे सभी मनोरथ इस एक उपाय से सिद्ध होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed