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हिंदी से ही हमारी पहचान
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हिंदी भाषा की उपयोगिता व उत्थान को लेकर महिलाओं ने की चर्चा
देवबंद। अमर उजाला के विशेष अभियान हिंदी हैं हम के तहत रविवार को भारत विकास परिषद (मैन शाखा) महिला मंडल द्वारा विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने हिंदी भाषा की उपयोगिता और उसके उत्थान को लेकर चर्चा की।
रेलवे रोड स्थित अशोक विहार (कैलाशपुरम) में गोष्ठी की गई। जिसमें भाविप की पूर्व महिला संयोजक मोनिका सिंघल ने कहा हिंदी हमारी मातृभाषा है। हिंदी से ही हमारी पहचान है। हिंदी ही हमारा अस्तित्व है। इसलिए हमें हर जगह हिंदी को बढ़ावा देने का प्रयास करना चाहिए। नेहा तायल ने कहा कि हिंदी अगर विश्व में अलग मुकाम रखती है तो उसका विशेष कारण वर्णमाला है। हिंदी में सभी भाषाओं का समावेश है। हिंदी में बोलते हैं कि संस्कृत भाषा का एक रूप है। ब्रिटिश की तरह अगर हम विदेशों पर आक्रमण करते तो पूरे विश्व में हिंदी सबसे ज्यादा बोलने वाली भाषा होगी।
योगिता ने कहा हिंदी हमारी पहचान है और सरकार को विश्व पटल पर हिंदी के उत्थान के लिए और अधिक प्रयास करने होंगे। धीरज सोनी ने कहा हिंदी स्वयं में एक संपूर्ण भाषा है। जिसमें सबसे अधिक शब्दों का समावेश है। सरकारी दफ्तरों में भी अंग्रेजी की जगह पर हिंदी का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। सरकार का चाहिए कि वह हिंदी भाषा का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार कराने पर जोर दें। जिससे कि हिंदी की उपयोगिता कायम रखी जा सके। हमें हिंदी को बढ़ावा देने के प्रयास करने होंगे।
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देवबंद। अमर उजाला के विशेष अभियान हिंदी हैं हम के तहत रविवार को भारत विकास परिषद (मैन शाखा) महिला मंडल द्वारा विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने हिंदी भाषा की उपयोगिता और उसके उत्थान को लेकर चर्चा की।
रेलवे रोड स्थित अशोक विहार (कैलाशपुरम) में गोष्ठी की गई। जिसमें भाविप की पूर्व महिला संयोजक मोनिका सिंघल ने कहा हिंदी हमारी मातृभाषा है। हिंदी से ही हमारी पहचान है। हिंदी ही हमारा अस्तित्व है। इसलिए हमें हर जगह हिंदी को बढ़ावा देने का प्रयास करना चाहिए। नेहा तायल ने कहा कि हिंदी अगर विश्व में अलग मुकाम रखती है तो उसका विशेष कारण वर्णमाला है। हिंदी में सभी भाषाओं का समावेश है। हिंदी में बोलते हैं कि संस्कृत भाषा का एक रूप है। ब्रिटिश की तरह अगर हम विदेशों पर आक्रमण करते तो पूरे विश्व में हिंदी सबसे ज्यादा बोलने वाली भाषा होगी।
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योगिता ने कहा हिंदी हमारी पहचान है और सरकार को विश्व पटल पर हिंदी के उत्थान के लिए और अधिक प्रयास करने होंगे। धीरज सोनी ने कहा हिंदी स्वयं में एक संपूर्ण भाषा है। जिसमें सबसे अधिक शब्दों का समावेश है। सरकारी दफ्तरों में भी अंग्रेजी की जगह पर हिंदी का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। सरकार का चाहिए कि वह हिंदी भाषा का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार कराने पर जोर दें। जिससे कि हिंदी की उपयोगिता कायम रखी जा सके। हमें हिंदी को बढ़ावा देने के प्रयास करने होंगे।
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