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हिंदी भी नहीं पढ़ सके कक्षा पांच के बच्चे
ब्यूरो\ अमर उजाला
Updated Sat, 03 Dec 2016 12:18 AM IST
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बीएसए के निरीक्षण में कई स्कूलों में अनेक खामियां मिली। बच्चे सही से हिंदी भी नहीं पढ़ सके। बीएसए ने शिक्षकों का वेतन रोकते हुए खंड शिक्षा अधिकारियों से भी जवाब-तलब किया है।
बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव ने बताया कि शुक्रवार को अनेक विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान छपार के प्राथमिक स्कूल नंबर एक में कम छात्र मिले। कक्षा-5 के छात्र हिंदी पढ़ने में भी कमजोर पाए गए।
भूराहेड़ी के विद्यालय में शौचालय जीर्ण-शीर्ण अवस्था में मिला। विद्यालय परिसर की साफ-सफाई भी नहीं हुई थी। बालकों की शैक्षिक गुणवत्ता का स्तर भी अच्छा नहीं मिला। जिस कारण विद्यालय प्रधानाध्यापक महेंद्र कुमार के वेतन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाई गई।
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विद्यालय के अन्य अध्यापकों से भी जवाब-तलब किया गया। झबरपुर स्कूल में भी साफ-सफाई ठीक नहीं मिली। बच्चों की कॉपी अध्यापकों द्वारा चेक नहीं की गई थी और बच्चे हिन्दी पढ़ने में भी असमर्थ पाये गए। हरिनगर विद्यालय में भी सब सहीं नहीं मिला। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हरिनगर में बालिकाओं का शैक्षिक स्तर निम्न पाया गया ।
बीएसए ने बताया कि कक्षा-5 के बच्चे हिंदी व सामान्य गणित के व्यवहारिक प्रश्नों का भी उत्तर नहीं दे पाते हैं ऐसी परिस्थितियों से उभरने के लिए शीघ्र ही अभियान चला कर बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार किया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी पुरकाजी से भी जवाब-तलब किया गया है।
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बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव ने बताया कि शुक्रवार को अनेक विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान छपार के प्राथमिक स्कूल नंबर एक में कम छात्र मिले। कक्षा-5 के छात्र हिंदी पढ़ने में भी कमजोर पाए गए।
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भूराहेड़ी के विद्यालय में शौचालय जीर्ण-शीर्ण अवस्था में मिला। विद्यालय परिसर की साफ-सफाई भी नहीं हुई थी। बालकों की शैक्षिक गुणवत्ता का स्तर भी अच्छा नहीं मिला। जिस कारण विद्यालय प्रधानाध्यापक महेंद्र कुमार के वेतन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाई गई।
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विद्यालय के अन्य अध्यापकों से भी जवाब-तलब किया गया। झबरपुर स्कूल में भी साफ-सफाई ठीक नहीं मिली। बच्चों की कॉपी अध्यापकों द्वारा चेक नहीं की गई थी और बच्चे हिन्दी पढ़ने में भी असमर्थ पाये गए। हरिनगर विद्यालय में भी सब सहीं नहीं मिला। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हरिनगर में बालिकाओं का शैक्षिक स्तर निम्न पाया गया ।
बीएसए ने बताया कि कक्षा-5 के बच्चे हिंदी व सामान्य गणित के व्यवहारिक प्रश्नों का भी उत्तर नहीं दे पाते हैं ऐसी परिस्थितियों से उभरने के लिए शीघ्र ही अभियान चला कर बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार किया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी पुरकाजी से भी जवाब-तलब किया गया है।