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तीन धमाकों की आवाज सुनी, दोस्त एक-दूसरे की कर रहे मदद
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हर्ष गोयल
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना। कस्बे के मौहल्ला पुरानी तहसील निवासी एमबीबीएस के छात्र हर्ष गोयल पुत्र अनुज फिलहाल यूक्रेन में हैं। उन्होंने बताया कि यहां के हालात बहुत बुरे हैं। फिर भी यहां के अधिकारियों द्वारा उनका बहुत सहयोग किया जा रहा है। छात्र ने बताया कि वह यहां पर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। हम अपने दोस्तों के साथ सुरक्षित हैं। रात के समय दो तीन ब्लास्ट की आवाज हुई।
छात्र सुबह एटीएम से कैश लेने गए तो चार घंटे लग गए। किसी का तो केश कार्ड काम भी नहीं कर रहा है। हम सभी दोस्त एक ग्रुप बनाकर एक दूसरे की मदद कर रहे हैं। हम एक ही बिल्डिंग में रह रहे हैं। लेकिन यहां के स्थानीय नागरिक पलायन कर रहे हैं। हम कहां जाएं ये हम नहीं समझ पा रहे हैं। हम सभी यार दोस्त एक दूसरे से आपस में बात करके एक दूसरे को हौसला दे रहे हैं। हालांकि हमें डर लग रहा है, लेकिन यहां की सरकार हमारे साथ है। उन्होंने परिवार और देशवासियों से कहा कि संयम बनाएं रखें।
कम्हेड़ा का मुस्तकीम भी फंसा
कम्हेड़ा का मुस्तकीम भी यूक्रेन तरनोपिल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। छात्र की मां रईसा, भाई अल्तमश और पिता हुसैन अहमद ने दिन में कई बार कॉल कर खैर खबर ली। वीडियो कॉल पर बात की गई है। छात्र ने कहा कि वह ठीक है और किसी तरह किवी पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
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निगारिश की चिंता में डूबा परिवार
जटवाड़ा गांव की निगारिश उजहोरोद शहर से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। मां हुसन जहां, बहन अरशी और पिता सैय्याद जहां चिंता में है। हुसन जहां ने बताया कि बेटी सुरक्षित है, लेकिन परिवार को चिंता लगी है।
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छात्र सुबह एटीएम से कैश लेने गए तो चार घंटे लग गए। किसी का तो केश कार्ड काम भी नहीं कर रहा है। हम सभी दोस्त एक ग्रुप बनाकर एक दूसरे की मदद कर रहे हैं। हम एक ही बिल्डिंग में रह रहे हैं। लेकिन यहां के स्थानीय नागरिक पलायन कर रहे हैं। हम कहां जाएं ये हम नहीं समझ पा रहे हैं। हम सभी यार दोस्त एक दूसरे से आपस में बात करके एक दूसरे को हौसला दे रहे हैं। हालांकि हमें डर लग रहा है, लेकिन यहां की सरकार हमारे साथ है। उन्होंने परिवार और देशवासियों से कहा कि संयम बनाएं रखें।
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कम्हेड़ा का मुस्तकीम भी फंसा
कम्हेड़ा का मुस्तकीम भी यूक्रेन तरनोपिल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। छात्र की मां रईसा, भाई अल्तमश और पिता हुसैन अहमद ने दिन में कई बार कॉल कर खैर खबर ली। वीडियो कॉल पर बात की गई है। छात्र ने कहा कि वह ठीक है और किसी तरह किवी पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
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निगारिश की चिंता में डूबा परिवार
जटवाड़ा गांव की निगारिश उजहोरोद शहर से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। मां हुसन जहां, बहन अरशी और पिता सैय्याद जहां चिंता में है। हुसन जहां ने बताया कि बेटी सुरक्षित है, लेकिन परिवार को चिंता लगी है।

मुजफ्फरनगर : निगारिश खान पुत्री सैय्याद हसन निवासी जटवाड़ा।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

मुजफ्फरनगर : मुस्तक़ीम पुत्र हुसैन अहमद निवासी कम्हेड़ा।- फोटो : MUZAFFARNAGAR