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डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क
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मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर काफी हद तक थम गई है, लेकिन कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। इसी बीच डेंगू को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मौसमी बीमारियों से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। चिकित्सक लोगों को साफ-सफाई की हिदायत दे रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि हाथों को साफ रखकर अथवा सैनिटाइज करने से कोरोना सहित कई बीमारियों से बचा जा सकता है।
सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने बताया कि मौसमी बीमारी व डेंगू प्रत्येक वर्ष सितंबर के अंतिम सप्ताह और अक्टूबर के महीने में चरम पर होता है। अक्तूबर में ही कोरोना संक्रमण एक बार फिर तेज होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसका अभी कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। फिर भी हमें इससे बचने की तैयारी तो करनी ही चाहिए। इसके लिए चिकित्सक भी साफ-सफाई रखने की सलाह देते हैं।
जिला वेक्टर जनित रोग परामर्शदाता अहतेशाम खान ने बताया कि जिले में अभी तक एक भी डेंगू का मरीज नहीं है, जबकि मलेरिया के दो मामले हैं। उन्होंने कहा कि पूरी सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया एंटी लार्वा के छिड़काव में कराया जा रहा है। जुलाई से निरंतर कई टीमें शहर से लेकर देहात तक एंटी लार्वा का छिड़काव कर रही हैं। गांव में बीडीओ की देखरेख में छिड़काव करवाया जा रहा है, जबकि शहरी क्षेत्र में निगम द्वारा यह काम करवाया जा रहा है।
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ऐसे करें बचाव
जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया कि मौसमी बीमारियां दूषित खानपान से होती हैं। डेंगू भी कई दिन तक एक ही स्थान पर ठहरे पानी में मच्छरों के लार्वा पनपने से होता है। दो तीन दिन में कूलर का पानी बदला जाना चाहिये, गमले में पानी जरूरत से ज्यादा न भरा जाए और किसी पुराने बर्तन, टायर या अन्य पात्र में पानी न भरने दिया जाए, तो मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लोग अपने शरीर, घर को साफ रखें, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक खानपान पर ध्यान दें।
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सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने बताया कि मौसमी बीमारी व डेंगू प्रत्येक वर्ष सितंबर के अंतिम सप्ताह और अक्टूबर के महीने में चरम पर होता है। अक्तूबर में ही कोरोना संक्रमण एक बार फिर तेज होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसका अभी कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। फिर भी हमें इससे बचने की तैयारी तो करनी ही चाहिए। इसके लिए चिकित्सक भी साफ-सफाई रखने की सलाह देते हैं।
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जिला वेक्टर जनित रोग परामर्शदाता अहतेशाम खान ने बताया कि जिले में अभी तक एक भी डेंगू का मरीज नहीं है, जबकि मलेरिया के दो मामले हैं। उन्होंने कहा कि पूरी सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया एंटी लार्वा के छिड़काव में कराया जा रहा है। जुलाई से निरंतर कई टीमें शहर से लेकर देहात तक एंटी लार्वा का छिड़काव कर रही हैं। गांव में बीडीओ की देखरेख में छिड़काव करवाया जा रहा है, जबकि शहरी क्षेत्र में निगम द्वारा यह काम करवाया जा रहा है।
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ऐसे करें बचाव
जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया कि मौसमी बीमारियां दूषित खानपान से होती हैं। डेंगू भी कई दिन तक एक ही स्थान पर ठहरे पानी में मच्छरों के लार्वा पनपने से होता है। दो तीन दिन में कूलर का पानी बदला जाना चाहिये, गमले में पानी जरूरत से ज्यादा न भरा जाए और किसी पुराने बर्तन, टायर या अन्य पात्र में पानी न भरने दिया जाए, तो मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लोग अपने शरीर, घर को साफ रखें, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक खानपान पर ध्यान दें।