{"_id":"617aefb8dc887c17ed55f4a3","slug":"harendra-and-pankaj-will-ride-on-bicycle-today-muzaffarnagar-news-mrt5627139170","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज साइकिल पर सवार होंगे हरेंद्र और पंकज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज साइकिल पर सवार होंगे हरेंद्र और पंकज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आज साइकिल पर सवार होंगे हरेंद्र और पंकज
मुजफ्फरनगर। पूर्व राज्यसभा सांसद हरेंद्र मलिक अपने बेटे पंकज मलिक के साथ शुक्रवार को सपा में शामिल होंगे। 19 अक्तूबर को पिता-पुत्र ने कांग्रेस के विभिन्न पदों से इस्तीफा दे दिया था। पिता-पुत्र लखनऊ पहुंच गए हैं। पूर्व सांसद के समर्थक भी समाजवादी पार्टी का दामन थामेंगे।
कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद हरेंद्र मलिक ने किसी दूसरी पार्टी में जाने का एलान नहीं किया था, जिस कारण समर्थकों के बीच संशय बना हुआ था। बृहस्पतिवार को पिता-पुत्र लखनऊ पहुंच गए हैं। शुक्रवार को उनके सपा में शामिल होने की संभावना है। काजीखेड़ा के रहने वाले हरेंद्र मलिक ने 1976-77 में डीएवी कॉलेज में छात्र राजनीति की। 1978 में संजय गांधी और इंदिरा गांधी के साथ आंदोलन में शामिल होकर जेल गए। 1982 में बीडीसी बने, 1985 में खतौली विधानसभा सीट से चुनाव जीते। इसके बाद तीन बार बघरा विधानसभा सीट से विधायक रहे । 1996 में विधानसभा और इसके बाद सपा से लोकसभा चुनाव हारे। 2002 में ये इनेलो में शामिल हो गए और राज्यसभा पहुंच गए। 2004 में कांग्रेस में शामिल होकर अपने बेटे पंकज मलिक को बघरा से उप चुनाव लड़वाया। 2012 के विधानसभा चुनाव में पंकज मलिक शामली विधानसभा सीट से कांग्रेस से विधायक रहे।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। पूर्व राज्यसभा सांसद हरेंद्र मलिक अपने बेटे पंकज मलिक के साथ शुक्रवार को सपा में शामिल होंगे। 19 अक्तूबर को पिता-पुत्र ने कांग्रेस के विभिन्न पदों से इस्तीफा दे दिया था। पिता-पुत्र लखनऊ पहुंच गए हैं। पूर्व सांसद के समर्थक भी समाजवादी पार्टी का दामन थामेंगे।
कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद हरेंद्र मलिक ने किसी दूसरी पार्टी में जाने का एलान नहीं किया था, जिस कारण समर्थकों के बीच संशय बना हुआ था। बृहस्पतिवार को पिता-पुत्र लखनऊ पहुंच गए हैं। शुक्रवार को उनके सपा में शामिल होने की संभावना है। काजीखेड़ा के रहने वाले हरेंद्र मलिक ने 1976-77 में डीएवी कॉलेज में छात्र राजनीति की। 1978 में संजय गांधी और इंदिरा गांधी के साथ आंदोलन में शामिल होकर जेल गए। 1982 में बीडीसी बने, 1985 में खतौली विधानसभा सीट से चुनाव जीते। इसके बाद तीन बार बघरा विधानसभा सीट से विधायक रहे । 1996 में विधानसभा और इसके बाद सपा से लोकसभा चुनाव हारे। 2002 में ये इनेलो में शामिल हो गए और राज्यसभा पहुंच गए। 2004 में कांग्रेस में शामिल होकर अपने बेटे पंकज मलिक को बघरा से उप चुनाव लड़वाया। 2012 के विधानसभा चुनाव में पंकज मलिक शामली विधानसभा सीट से कांग्रेस से विधायक रहे।
विज्ञापन