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यूक्रेन से छात्र घर लौटे तो चेहरों पर लौटी खुशी

Thu, 03 Mar 2022 11:50 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2022 11:50 PM IST
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Happiness returned when students returned home from Ukraine
यूक्रेन से वापस लौटा छात्र मीरापुर निवासी छात्र अपने परिजनों के साथ। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
यूक्रेन से छात्र घर लौटे तो चेहरों पर लौटी खुशी
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मुजफ्फरनगर/चरथावल। यूक्रेन के विभिन्न शहरों में फंसे छात्र-छात्राओं के वापस लौटने का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को छात्र लौटे तो घर में जैसे ईद की खुशी छा गई। चरथावल के मेहरबान का बेटा अजीम लौटा तो उन्होंने सरकार का आभार जताया। शाहपुर के कसेरवा का हसन चौधरी भी अपने घर लौट आया है। परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है।
यूक्रेन में फंसा मेडिकल की पढ़ाई करने वाला चरथावल निवासी छात्र अजीम बृहस्पतिवार दोपहर स्वदेश लौट आया है। जिससे परिवार में खुशी का माहौल है। कसबे में बैटरी की दुकान पर पिता मेहरबान को बधाई देने वालों का तांता लग गया। सुरक्षित वतन वापसी पर उन्होंने सरकार का धन्यवाद जताया। यूक्रेन के अन्य शहरों में फंसे भारतीय छात्र-छात्राओं को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार के मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंच गया है। जिन शहरों में स्थिति नाजुक है, वहां फंसे छात्र-छात्राओं की पीड़ा को देखकर प्रतिनिधिमंडल उनके स्वदेश वापसी के प्रयास में जुट गया है।
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हसन की वापसी से परिवार में खुशी
शाहपुर/मीरापुर। क्षेत्र के गांव कसेरवा निवासी छात्र हसन चौधरी भी वतन लौट आया है। परिजन उसे लेने दिल्ली रवाना हो गए हैं। छात्र ने बताया कि वह पोलैंड पहुंच गए थे। सरकार के विशेष विमान से स्वदेश लौट आए हैं। छात्र के पिता उम्मीद अली व अन्य परिजन उसको लेने दिल्ली रवाना हो गए हैं। मीरापुर क्षेत्र के गांव गढ़ी रसूलपुर निवासी साजिद खारकीव यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहा है। बृहस्पतिवार को वह गांव लौट आया। छात्र ने बताया कि युद्ध शुरू होते ही वह अपने दोस्त मेरठ निवासी शारिक के पास कीव में पहुंच गया था। कीव में दोनों दो दिन बंकर में रहे। शहर में तेज धमाकों के बीच आम आदमी भी घबराए हुए हैं। दूतावास से सलाह दी गई कि बंकर न छोड़ें। किसी तरह पांच दोस्तों के साथ वह विनित्सिया शहर पहुंचे। यहां से 20 किमी पैदल रास्ता तय कर रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचे। एनजीओ के माध्यम से करीब 22 घंटे बॉर्डर पर इंतजार करने के किसी तरह रोमानिया पहुंचे। इसके बाद स्वदेश वापसी संभव हो पाई। साजिद की मां फरमीदा ने बताया कि यूक्रेन में फंसे उनके पुत्र से कई दिनों तक उनका कोई संपर्क न होने के कारण पूरा परिवार चिंतित था। संवाद
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दिल्ली पहुंच गया फिरोज आलम
जानसठ/भोपा। पिमौड़ा निवासी एमबीबीएस का छात्र फिरोज आलम पुत्र पूर्व प्रधान वकील अहमद बृहस्पतिवार को दिल्ली पहुंचा। परिजनों ने बताया कि छात्र फिरोज आलम रोमानिया से फ्लाइट में सवार हुआ था और बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा। छात्र दिल्ली में अपने चाचा शहजाद के पास रुक गया है। भोपा निवासी विनय राठी उर्फ बॉबी की बेटी महिमा राठी सुमी में अपने चाचा मनीष के साथ रुकी हुई है। मनीष राठी का यूक्रेन में सुमी व आसपास के जिलों में दवाइयों की कारोबार है। मनीष ने बताया कि जैसे ही उन्हें सुरक्षित व सुलभ सफर मिल जाएगा तो वह भारत के लिए निकल पड़ेंगे। लेकिन फिलहाल सुमी से रोमानिया बॉर्डर तक पहुंचना खतरे से खाली नहीं है। संवाद

यूक्रेन से वतन वापसी के बाद हिंडन एयरफोर्स स्टेशन के बाहर अपनी मां के पैर छूते शामली निवासी मयंक।

यूक्रेन से वतन वापसी के बाद हिंडन एयरफोर्स स्टेशन के बाहर अपनी मां के पैर छूते शामली निवासी मयंक।- फोटो : Ghaziabad

चरथावल लौटने पर पिता मेहरबान के तमाम परिजन और परिचित हुए गदगद

चरथावल लौटने पर पिता मेहरबान के तमाम परिजन और परिचित हुए गदगद- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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