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गृहस्थितयों के लिए आदर्श है हनुमान जी का जीवन : भारती
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शुक्रतीर्थ हुनमतधाम में सन्त समेलन में बोलते महामंडलेश्वर स्वामी विसोकनन्द भारती महाराज बीकान
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर, मोरना। बीकानेर राजस्थान निर्वाण पीठाधिश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती महाराज ने कहा कि सेवा, शिक्षा, संस्कार और आचारण से जिस दिन संत प्रसन्न हो जायें, तो समझो की आपका कल्याण हो गया। हनुमान जी जैसा पुत्र पैदा करें , जो आपकी सेवा कर सके, हनुमान जी का जीवन परिवार के लिए आदर्श है ।
तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित हनुमतधाम में श्री हनुमत जन्मोत्सव के पावन पर्व आयोजित विराट संत सम्मेलन कराया गया। भारती महाराज ने कहा कि संत ओर आश्रम के लिए सेवक बनना पड़ता है, जब तक अहंकार नही जाता, तब तक मनुष्य आध्यात्मिक मार्ग पर उन्नति नही कर सकता।
महामंडलेश्वर कमल पुरी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति की कैसे रक्षा हो, इसका हिंदु समाज के लोगों को चिंतन और विचार करना होगा। महामंडलेश्वर आंनद चेतन्य महाराज ने कहा कि बुराइयों से छुटकारा चाहते हो तो प्रतिदिन हनुमान जी का दर्शन करें। महामंडलेश्वर शिवपुरी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति परंपराओं की स्तुति आप अपने बच्चों को करायें, तभी अच्छे कर्म करने की ओर अग्रसर होंगे।
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संचालन कर रहे मुंबई से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद महाराज ने कहा कि सनातन धर्म व राष्टृीयता पर प्रश्न उठाने वालों के प्रति संत को मुखर होना चाहिए। हिंदुत्व मे नाम पर बडे़ बड़े संत मौन हो जाते हैं। जबकि संत को धर्म की रक्षा करनी चाहिए। हिंदु धर्म के लोग पीर पर जाते है, यह सबसे बडे़ शर्म की बात है। हनुमान जी भारतीय संस्कृति में भक्ति ज्ञान योग सेवा के प्रतीक है।
हनुमतधाम महामंडलेश्वर स्वामी केशवानंद सरस्वती महाराज ने संतो का सम्मान किया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर चेतनपुरी महाराज, महामंडलेश्वर यतेंद्रानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर अभयानंद सरस्वती महाराज लखनऊ, महामंडलेश्वर आत्मानंद पुरी महाराज, महामंडलेश्वर जयदेवानंद सरस्वती जंबू, महामंडलेश्वर गोविदानंद महाराज आदि दर्जनों संतों ने विचार रखे।
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तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित हनुमतधाम में श्री हनुमत जन्मोत्सव के पावन पर्व आयोजित विराट संत सम्मेलन कराया गया। भारती महाराज ने कहा कि संत ओर आश्रम के लिए सेवक बनना पड़ता है, जब तक अहंकार नही जाता, तब तक मनुष्य आध्यात्मिक मार्ग पर उन्नति नही कर सकता।
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महामंडलेश्वर कमल पुरी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति की कैसे रक्षा हो, इसका हिंदु समाज के लोगों को चिंतन और विचार करना होगा। महामंडलेश्वर आंनद चेतन्य महाराज ने कहा कि बुराइयों से छुटकारा चाहते हो तो प्रतिदिन हनुमान जी का दर्शन करें। महामंडलेश्वर शिवपुरी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति परंपराओं की स्तुति आप अपने बच्चों को करायें, तभी अच्छे कर्म करने की ओर अग्रसर होंगे।
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संचालन कर रहे मुंबई से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद महाराज ने कहा कि सनातन धर्म व राष्टृीयता पर प्रश्न उठाने वालों के प्रति संत को मुखर होना चाहिए। हिंदुत्व मे नाम पर बडे़ बड़े संत मौन हो जाते हैं। जबकि संत को धर्म की रक्षा करनी चाहिए। हिंदु धर्म के लोग पीर पर जाते है, यह सबसे बडे़ शर्म की बात है। हनुमान जी भारतीय संस्कृति में भक्ति ज्ञान योग सेवा के प्रतीक है।
हनुमतधाम महामंडलेश्वर स्वामी केशवानंद सरस्वती महाराज ने संतो का सम्मान किया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर चेतनपुरी महाराज, महामंडलेश्वर यतेंद्रानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर अभयानंद सरस्वती महाराज लखनऊ, महामंडलेश्वर आत्मानंद पुरी महाराज, महामंडलेश्वर जयदेवानंद सरस्वती जंबू, महामंडलेश्वर गोविदानंद महाराज आदि दर्जनों संतों ने विचार रखे।

शुक्रतीर्थ हुनमतधाम में सन्त समेलन में मौजूद महिलाएं।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

शुक्रतीर्थ हुनमतधाम में सन्त समेलन में बोलते महामंडलेश्वर स्वामी विसोकनन्द भारती महाराज बीकान- फोटो : MUZAFFARNAGAR