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पुलिस की आधी-अधूरी तैयारी पड़ रही भारी, नरमी से बवालियों के हौसले बुलंद
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 28 Jun 2017 12:50 AM IST
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खालापार में पथराव के बाद जमा भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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योगी सरकार की गोकशी पर सख्ती के बाद से यह तीसरा मौका है, जब मुस्लिम समुदाय के लोग और पुलिस आमने-सामने आई है। पुलिस की आधी-अधूरी तैयारी के बीच दबिश के बाद होने वाले बवाल से महकमे की फजीहत हो रही है। पिछले मामलों में भी ऐसी कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पुलिस का इकबाल बुलंद नजर आता। शेरपुर मामले में तो आरोपी कोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लेने में कामयाब हो गए। खालापार की घटना में भी सीओ ने दो दरोगा और चार सिपाहियों को एक गाड़ी से गोकशी पकड़ने भेज दिया।
पुलिस को खालापार के कस्सावान मोहल्ले में गोकशी होने की सूचना मिली। इस दौरान पुलिस की एक टीम सुजडू में गोकशी की सूचना पर ही गई थी, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। टीम लौट रही थी, इसी बीच कस्सावान की सूचना आई। सीओ सिटी तेजवीर सिंह ने थाने के दो दरोगा और चार सिपाहियों को एक गाड़ी से मौके पर भेजा।
बकौल पुलिस, गली में ही गोकशी की जा रही थी। वहां से तीन लोगों को हिरासत में लेकर जीप में बैठाया ही था कि मोहल्ले में हल्ला मचाकर भीड़ एकत्र कर ली गई। देखते ही देखते पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। जहां घटना हुई, वह गली बेहद संकरी है। खुद को घिरता देख पुलिस गाड़ी छोड़कर भाग खड़ी हुई। भीड़ ने पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी।
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इसके बाद अफसरों को मामले की गंभीरता का पता चला। सीओ सिटी तेजवीर सिंह, कोतवाल संजीव शर्मा मय फोर्स मौके पर पहुंचे। पुलिस की हिम्मत मुस्लिम बहुल इलाके में घुसने की नहीं हुई। काफी देर तक अधिकारी रणनीति बनाने में लगे रहे। बाद में कुछ छुटभैय्ये नेताओं को भरोसा में लेकर उन्हें आगे किया गया। तब जाकर पुलिस कस्सावान में पहुंची। घरों के बाहर खड़ी भीड़ को लाठियां फटकार कर खदेड़ा गया। इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी कम नहीं है।
पुलिस बिना तैयारी के दबिश देने पहुंच गई। ईद के त्योहार की वजह से लोग अपने घरों पर थे। शोर-शराबा मचते ही भीड़ को एकत्र होने में समय नहीं लगा। इतना ही नहीं बवाल के बाद गली से बाहर आकर भीड़ ने मेन रोड पर जाम लगाने का प्रयास किया।
अहम पहलू यह है कि गोकशी की सूचना पर पहले भी शेरपुर में बवाल हो चुका है, लेकिन पुलिस ने उस घटना से कोई सबक नहीं लिया। अधिकारी अलर्ट होते तो दो दरोगाओं और कुछ सिपाहियों को मौके पर भेजने के बजाय व्यापक पुलिस बल मौके पर भेजा जाना चाहिए था। पुलिस का कहना है कि मौके से गोकशी में प्रयुक्त उपकरण कुल्हाड़ी, रस्सी वगैरहा बरामद हुई है। मौके के फोटो और वीडियो से स्पष्ट हो रहा है कि भीड़ सैकड़ों में थी, जबकि पुलिस ने 17 नामजद और 25-30 अज्ञात के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस ने कहा था, दो दिन की छूट है
मुजफ्फरनगर। बवाल के बाद मौके पर जमा भीड़ को पुलिस अधिकारी समझाने बुझाने में लगे हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों का कहना था कि ईद के त्योहार पर पुलिस ने पहले ही दो दिन के लिए मीट लाने की छूट दी थी। मौके पर गाय नहीं कटड़ा काटा गया था। हालांकि एसपी सिटी ओमवीर सिंह का कहना था कि यह जांच की जाएगी कि किसने मीट की छूट दी थी। दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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पुलिस को खालापार के कस्सावान मोहल्ले में गोकशी होने की सूचना मिली। इस दौरान पुलिस की एक टीम सुजडू में गोकशी की सूचना पर ही गई थी, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। टीम लौट रही थी, इसी बीच कस्सावान की सूचना आई। सीओ सिटी तेजवीर सिंह ने थाने के दो दरोगा और चार सिपाहियों को एक गाड़ी से मौके पर भेजा।
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बकौल पुलिस, गली में ही गोकशी की जा रही थी। वहां से तीन लोगों को हिरासत में लेकर जीप में बैठाया ही था कि मोहल्ले में हल्ला मचाकर भीड़ एकत्र कर ली गई। देखते ही देखते पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। जहां घटना हुई, वह गली बेहद संकरी है। खुद को घिरता देख पुलिस गाड़ी छोड़कर भाग खड़ी हुई। भीड़ ने पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी।
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इसके बाद अफसरों को मामले की गंभीरता का पता चला। सीओ सिटी तेजवीर सिंह, कोतवाल संजीव शर्मा मय फोर्स मौके पर पहुंचे। पुलिस की हिम्मत मुस्लिम बहुल इलाके में घुसने की नहीं हुई। काफी देर तक अधिकारी रणनीति बनाने में लगे रहे। बाद में कुछ छुटभैय्ये नेताओं को भरोसा में लेकर उन्हें आगे किया गया। तब जाकर पुलिस कस्सावान में पहुंची। घरों के बाहर खड़ी भीड़ को लाठियां फटकार कर खदेड़ा गया। इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी कम नहीं है।
पुलिस बिना तैयारी के दबिश देने पहुंच गई। ईद के त्योहार की वजह से लोग अपने घरों पर थे। शोर-शराबा मचते ही भीड़ को एकत्र होने में समय नहीं लगा। इतना ही नहीं बवाल के बाद गली से बाहर आकर भीड़ ने मेन रोड पर जाम लगाने का प्रयास किया।
अहम पहलू यह है कि गोकशी की सूचना पर पहले भी शेरपुर में बवाल हो चुका है, लेकिन पुलिस ने उस घटना से कोई सबक नहीं लिया। अधिकारी अलर्ट होते तो दो दरोगाओं और कुछ सिपाहियों को मौके पर भेजने के बजाय व्यापक पुलिस बल मौके पर भेजा जाना चाहिए था। पुलिस का कहना है कि मौके से गोकशी में प्रयुक्त उपकरण कुल्हाड़ी, रस्सी वगैरहा बरामद हुई है। मौके के फोटो और वीडियो से स्पष्ट हो रहा है कि भीड़ सैकड़ों में थी, जबकि पुलिस ने 17 नामजद और 25-30 अज्ञात के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस ने कहा था, दो दिन की छूट है
मुजफ्फरनगर। बवाल के बाद मौके पर जमा भीड़ को पुलिस अधिकारी समझाने बुझाने में लगे हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों का कहना था कि ईद के त्योहार पर पुलिस ने पहले ही दो दिन के लिए मीट लाने की छूट दी थी। मौके पर गाय नहीं कटड़ा काटा गया था। हालांकि एसपी सिटी ओमवीर सिंह का कहना था कि यह जांच की जाएगी कि किसने मीट की छूट दी थी। दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई होगी।