देवबंद। गन्ना विभाग द्वारा रविवार को साखन कलां के जंगल में ड्रोन (मानव रहित विमान) से गन्ने की फसल पर नैनो यूरिया का पर्णीय छिड़काव का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने कृषकों को नवीनतम गन्ना प्रजातियों की बुवाई पर जोर दिया।
उप गन्ना आयुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्र और जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी आदि की देखरेख में साखन कलां में किसान कंवरपाल सिंह और देवबंद में गन्ना अधिकारी सेठपाल सिंह की ईख में ड्रोन का डेमो किया गया। त्रिवेणी चीनी मिल के यूनिट हेड पुष्कर मिश्र, महाप्रबंधक (गन्ना) राजकुमार टाया और उप महाप्रबंधक (गन्ना) डॉ. बी.एस. तोमर ने बताया कि ड्रोन एक ऐसा मानव रहित विमान है, जिसे दूर से नियंत्रित तरीके से उड़ाया जा सकता है। इसके खेती में इस्तेमाल की अपार संभावनाएं हैं। यह बिल्कुल मधुमक्खी की तरह होता है और एक जगह पर स्थिर भी रह सकता है। रिमोट से संचालित ड्रोन आटोमेटिक व सामान्य मोड पर कार्य करता है। इसमें लगे टैंक की क्षमता 10 लीटर है। जिसे दवा भरकर एक खेत में आसानी से छिड़काव किया जा सकता है। 5 से 7 मिनट में तकरीबन एक एकड़ क्षेत्रफल में अच्छी तरह छिड़काव कर देता है। इससे छिड़काव करने में समय के साथ-साथ लेबर की भी बचत होती है। अल्ट्रोथ ग्लोबल के सीईओ डी.बी. यादव ने किसान केवल उसी गन्ना बीज की बुवाई करें जिसे गन्ना विभाग या चीनी मिल उपलब्ध करा सके। उन्होंने किसानों से गन्ना प्रजाति 15023 व 0118 की ट्रेंच विधि से बुवाई करने पर बल दिया। जिला गन्ना अधिकारी ने नैनो यूरिया और सगारिका के उपयोग पर बल दिया। महाप्रबंधक गन्ना राजकुमार टाया ने ड्रोन से ईख पर छिड़काव संबंधी कृषकों के सवालों का जवाब दिया। डॉ. बीएस तोमर ने कृषकों से 15023 गन्ना प्रजाति की कम से कम एक बीघा बुवाई अवश्य करने की सलाह दी। इस मौके पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अभय कुमार ओझा, सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव प्रेमचंद चौरसिया, गन्ना अधिकारी सेठपाल सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान भी मौजूद रहे।