फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Habib slipped from Jalalabad to London and slipped in Jadauda

जलालाबाद से लंदन तक पहुंचे और जड़ौदा में फिसल गए हबीब

Fri, 07 Jan 2022 12:33 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jan 2022 12:33 AM IST
विज्ञापन
Habib slipped from Jalalabad to London and slipped in Jadauda
जलालाबाद से लंदन तक पहुंचे और जड़ौदा में फिसल गए हबीब
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। पिछले आठ दशक से बालों की सुंदरता बढ़ाने के लिए हबीब परिवार की तीन पीढ़ियों का लोहा दुनिया ने माना है। अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन से लेकर प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की हेयर ड्रेसिंग करने का काम किया। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा का दामन थाने वाले तीसरी पीढ़ी के जावेद हबीब नरा जड़ौदा के कार्यक्रम से विवादों में घिर गए हैं। वीडियो का सच पुलिस जांच में सामने आएगा, लेकिन हबीब की साख को बट्टा लगा है।
हबीब हेयर एंड ब्यूटी लिमिटेड के सीईओ हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब का परिवार शामली के जलालाबाद कसबे का रहने वाला है। 1940 में जावेद के दादा नजीर अहमद राष्ट्रपति भवन के बारबर नियुक्त किए गए थे। पिता हबीब अहमद ने स्वर्गीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का हेयर स्टाइल बनाया, जो खूब पसंद किया गया। तीसरी पीढ़ी के जावेद हबीब ने लंदन के मोरिस स्कूल से हेयर ड्रेसिंग की पढ़ाई की। बॉलीवुड से लेकर जनप्रतिनिधियों के हेयर कट कर चुके जावेद हबीब किसी के पर्सनल हेयर ड्रेसर नहीं बनें। वर्तमान में 24 राज्यों और 110 शहरों में सेंटर चल रहे हैं। यही नहीं सिंगापुर, केन्या, दुबई, बांग्लादेश और नेपाल में भी सेंटर है। लेकिन अपने ही क्षेत्र के नरा जड़ौदा में जावेद हबीब विवादों में घिर गए। बड़ौत की महिला ने उन पर आरोप लगाए हैं और हिंदू संगठनों के हंगामे के बाद माहौल गरम है।
विज्ञापन

हबीब का विवादों से पुराना नाता
मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब पर 2017 में हिंदू देवी देवताओं का अपमान करने पर केस दर्ज किया गया था। सैलून के लिए एक न्यूजपेपर को दिए विज्ञापन में उन पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने का आरोप लगाया गया था। बाद में दोनों पक्षों के बीच प्रकरण समाप्त हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

कमल खिलाने भी निकले थे हबीब
2019 के लोकसभा चुनाव से पहले जावेद हबीब ने भाजपा का दामन थाम लिया था। हालांकि वह जिले में सक्रिय नजर नहीं आए। राजनीतिक मंचों पर भी वह नहीं दिखे।
भूमिगत हो गए हबीब को बुलाने वाले
मामला गरम होते ही हबीब को बुलाने वाले भूमिगत हो गए हैं। पुलिस ने ठिकानों पर छापा मारा, लेकिन आरोपी नहीं मिले।
शहंशाही अंदाज में हुई थी जावेद की एंट्री
गांव नरा जड़ौदा के तीन जनवरी को हुए कार्यक्रम में जावेद हबीब की एंट्री शाही अंदाज में हुई थी। घोड़े पर सवार कर उन्हें कार्यक्रम में ले जाया गया था। इंस्टाग्राम पर उन्होंने इसकी वीडियो भी अपलोड की है।
पक्ष रखने के लिए नहीं आए सामने
देशभर में चर्चा में आए प्रकरण में जावेद हबीब अपना पक्ष रखने के लिए अभी तक सामने नहीं आए हैं। उनके मैनेजर को भी कॉल की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed