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गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराने का मामला...
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जमीयत की बैठक में विचार रखते दारुल उलूम के नायब मोहतमिम मुफ्ती राशिद आजमी
- फोटो : DEVBAND
मदरसों में सरकारी दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं : दारुल उलूम
देवबंद (सहारनपुर)। इस्लामी तालीम के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम के नायब मोहतमिम मौलाना मुफ्ती राशिद आजमी ने कहा है कि मदरसों को साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। मदरसों में सरकारी दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मदरसा संचालकों से आह्वान किया कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
शुक्रवार को मोहल्ला पठानपुरा रेती चौक स्थित मुगलों वाली मस्जिद में आयोजित जमीयत उलमा-ए-हिंद की बैठक में सरकार के मदरसों के सर्वे किए जाने के फैसले का पुरजोर विरोध किया गया। इसमें दारुल उलूम के नायब मोहतमिम मौलाना मुफ्ती राशिद आजमी ने कहा कि वर्तमान में साजिश के तहत मदरसों को निशाना बनाया जा रहा है। मगर इससे घबराने की जरूरत नहीं है। इनको बचाने के लिए हमें संघर्ष करते रहना है। उन्होंने कहा कि मदरसों की स्थापना का उद्देश्य देश सेवा, मुल्क में अमनो अमान और आपसी भाईचारे को मजबूत करना है। मुफ्ती राशिद ने कहा कि मदरसे सांविधानिक दायरे में चल रहे हैं और उसी के अनुसार हमें अपनी लड़ाई लड़नी है।
दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मुफ्ती शरीफ खान कासमी, जामिया तुश शेख हुसैन अहमद अल मदनी के मोहतमिम मौलाना मुजम्मिल अली ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार को ऐसा फैसला लेने से पूर्व मदरसों का इतिहास जानना चाहिए। जमीयत के जिलाध्यक्ष मौलाना जहूर अहमद कासमी व मुफ्ती खादिमुल इस्लाम ने कहा कि हमें जमीयत के रहनुमाओं के बताए मार्ग पर चलकर मदरसों की सुरक्षा के संबंध में काम करना चाहिए।
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अध्यक्षता मौलाना अमजद मदनी व संचालन मुफ्ती खादिम हुसैन कासमी ने किया। इसमें मौलाना हबीब अहसनी, हाजी यासीन, मौलाना मसूद, मौलाना अशद हक्कानी, मौलाना अहमद साद, मो. आरिफ, मौलाना इमरान कासमी, मौलाना मो. गुलनवाज, मौलाना मसरूर कासमी और सदरुद्दीन अंसारी आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। इस्लामी तालीम के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम के नायब मोहतमिम मौलाना मुफ्ती राशिद आजमी ने कहा है कि मदरसों को साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। मदरसों में सरकारी दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मदरसा संचालकों से आह्वान किया कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
शुक्रवार को मोहल्ला पठानपुरा रेती चौक स्थित मुगलों वाली मस्जिद में आयोजित जमीयत उलमा-ए-हिंद की बैठक में सरकार के मदरसों के सर्वे किए जाने के फैसले का पुरजोर विरोध किया गया। इसमें दारुल उलूम के नायब मोहतमिम मौलाना मुफ्ती राशिद आजमी ने कहा कि वर्तमान में साजिश के तहत मदरसों को निशाना बनाया जा रहा है। मगर इससे घबराने की जरूरत नहीं है। इनको बचाने के लिए हमें संघर्ष करते रहना है। उन्होंने कहा कि मदरसों की स्थापना का उद्देश्य देश सेवा, मुल्क में अमनो अमान और आपसी भाईचारे को मजबूत करना है। मुफ्ती राशिद ने कहा कि मदरसे सांविधानिक दायरे में चल रहे हैं और उसी के अनुसार हमें अपनी लड़ाई लड़नी है।
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दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मुफ्ती शरीफ खान कासमी, जामिया तुश शेख हुसैन अहमद अल मदनी के मोहतमिम मौलाना मुजम्मिल अली ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार को ऐसा फैसला लेने से पूर्व मदरसों का इतिहास जानना चाहिए। जमीयत के जिलाध्यक्ष मौलाना जहूर अहमद कासमी व मुफ्ती खादिमुल इस्लाम ने कहा कि हमें जमीयत के रहनुमाओं के बताए मार्ग पर चलकर मदरसों की सुरक्षा के संबंध में काम करना चाहिए।
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अध्यक्षता मौलाना अमजद मदनी व संचालन मुफ्ती खादिम हुसैन कासमी ने किया। इसमें मौलाना हबीब अहसनी, हाजी यासीन, मौलाना मसूद, मौलाना अशद हक्कानी, मौलाना अहमद साद, मो. आरिफ, मौलाना इमरान कासमी, मौलाना मो. गुलनवाज, मौलाना मसरूर कासमी और सदरुद्दीन अंसारी आदि मौजूद रहे।