देवबंद (सहारनपुर)। पवित्र रमजान माह के अलविदा (आखिरी) जुमा पर नगर व देहात क्षेत्र की मस्जिदों में अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ गया। रोजेदारों ने नमाज अदा कर अल्लाह की बारगाह में हाथ फैलाकर अपने गुनाहों की तौबा करते हुए पूरे साल इसी तरह रहमतें और बरकतें नाजिल करने तथा मुल्क में शांति के लिए दुआएं मांगी।
मुकद्दस रमजान माह के अलविदा जुमा पर नगर एवं देहात क्षेत्र से भारी संख्या में अकीदतमंदों ने प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया, जामा मस्जिद, छत्ता मस्जिद, खानकाह मस्जिद, मस्जिद काजी, आदीनी मस्जिद में नमाज अदा की। नमाज के उपरांत छत्ता मस्जिद में जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि जुमा का दिन तमाम दिनों का सरदार है। क्योंकि जब हजरत आदम को पैदा किया गया तो वे जुमा का दिन था और जब दुनिया खत्म होगी तो भी जुमा का दिन ही होगा। उन्होंने कहा कि हुजूर पाक ने अपनी उम्मत को हिदायत दी कि जुमा के दिन ज्यादा से ज्यादा दुरुद-ओ-सलाम भेजा जाए। मस्जिद रशीदिया में मौलाना महमूद मदनी ने नमाज अदा कराई और मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी ने बयान किया। उन्होंने कहा कि रमजान के तीसरे व आखिरी अशरे में एक रात ऐसी है जिसकी इबादत से 700 साल की इबादत के बराबर सवाब मिलता है। जामा मस्जिद में दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मुफ्ती आरिफ कासमी ने नमाज अदा कराई। उधर, घरों में महिलाओं और बच्चों ने भी नमाज अदा कर अल्लाह से दुआएं मांगी। अलविदा जुमा की नमाज अदा कर नगर एवं देहात क्षेत्र के लोगों ने बाजारों में जाकर ईद के लिए जमकर खरीदारी की।

दारुल उलूम की मस्जिद रशीदिया में अलविदा जुमा की नमाज अदा करते अकीदतमंद- फोटो : DEVBAND