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भक्तों सारे संकट हर लेती है गोकुला देवी
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शाहपुर कस्बे का सिद्ध पीठ माँ गोकुलादेवी का मंदिर।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर, शाहपुर। कसबे में स्थित सिद्ध पीठ मां श्री गोकुलादेवी का मंदिर श्रद्धालुओं की भक्ति और आस्था का श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है । मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु इस सिद्धपीठ पर आकर सच्चे मन से मन्नत मांगता है । उसकी मन्नत पूरी होती है। मां गोकुला देवी भक्तों के संकट हरने का काम करती है।
मोहल्ला गोकुलपुर में स्थित गोकुला देवी मंदिर की दूर तक मान्यता है। कथा प्रचलित है कि वासुदेव जब भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद उन्हें गोकुल में नंद बाबा के यहां ले जाते हैं। वापस एक कन्या को लेकर जेल में चले जाते हैं। कंस उस कन्या का वध करना चाहता है, लेकिन वह कन्या उसके हाथों से छूटकर आकाश में चली जाती है और आकाशवाणी करती है । गोकुल में जन्मीं देवी कन्या के अंश को मानकर कसबे में गोकुला देवी की पूजा की जाती है ।
ऐसा है मां गोकुला का स्वरूप
मंदिर में माँ गोकुला देवी की अष्टभुजा धारी दिव्य व अलौकिक प्रतिमा होने के साथ नवदुर्गा मंदिर स्थापित आदि शक्ति माँ दुर्गा के नौ रूप में मन को मोह लेते हैं । इसके अलावा मंदिर में नव ग्रह , भगवान शिव , राधाकृष्ण व महावीर हनुमान जी आदि के भी मंदिर स्थापित है ।
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मां के दरबार में आते हैं श्रद्धालु, लगता है मेला
चैत्र मास के अलावा शारदीय नवरात्र में मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है । चैत्र मास में नवमी तिथि से लेकर चतुर्दशी तक विशाल मेला लगता है । चतुर्दशी पर कस्बे के अलावा अन्य जनपदों व अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु कस्बे में आकर प्रसाद चढ़ाते है ।
मन्नत पूरी कर देती है मां : श्याम सुंदर शर्मा
मंदिर के पुजारी पंडित श्याम सुंदर शर्मा का कहना है कि सिद्धपीठ के बारे में मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से मंदिर में आकर मन्नत मांगता है , उसकी मन्नत अवश्य पूरी होती है ।
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मोहल्ला गोकुलपुर में स्थित गोकुला देवी मंदिर की दूर तक मान्यता है। कथा प्रचलित है कि वासुदेव जब भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद उन्हें गोकुल में नंद बाबा के यहां ले जाते हैं। वापस एक कन्या को लेकर जेल में चले जाते हैं। कंस उस कन्या का वध करना चाहता है, लेकिन वह कन्या उसके हाथों से छूटकर आकाश में चली जाती है और आकाशवाणी करती है । गोकुल में जन्मीं देवी कन्या के अंश को मानकर कसबे में गोकुला देवी की पूजा की जाती है ।
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ऐसा है मां गोकुला का स्वरूप
मंदिर में माँ गोकुला देवी की अष्टभुजा धारी दिव्य व अलौकिक प्रतिमा होने के साथ नवदुर्गा मंदिर स्थापित आदि शक्ति माँ दुर्गा के नौ रूप में मन को मोह लेते हैं । इसके अलावा मंदिर में नव ग्रह , भगवान शिव , राधाकृष्ण व महावीर हनुमान जी आदि के भी मंदिर स्थापित है ।
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मां के दरबार में आते हैं श्रद्धालु, लगता है मेला
चैत्र मास के अलावा शारदीय नवरात्र में मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है । चैत्र मास में नवमी तिथि से लेकर चतुर्दशी तक विशाल मेला लगता है । चतुर्दशी पर कस्बे के अलावा अन्य जनपदों व अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु कस्बे में आकर प्रसाद चढ़ाते है ।
मन्नत पूरी कर देती है मां : श्याम सुंदर शर्मा
मंदिर के पुजारी पंडित श्याम सुंदर शर्मा का कहना है कि सिद्धपीठ के बारे में मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से मंदिर में आकर मन्नत मांगता है , उसकी मन्नत अवश्य पूरी होती है ।

शाहपुर कस्बे का सिद्ध पीठ माँ गोकुलादेवी का मंदिर।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

मंदिर के पुजारी पंडित श्याम सुंदर शर्मा- फोटो : MUZAFFARNAGAR