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घासीपुरा कांड में अफसरों से वार्ता के बाद महापंचायत टली

Sat, 01 Oct 2016 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Updated Sat, 01 Oct 2016 12:58 AM IST
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ghasipura case mein afsaron se varta ke baad mahapanhayat tali
अफसरों से वार्ता करते पंचायत आयोजक। - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर के घासीपुरा कांड को लेकर तीन अक्तूबर को मंसूरपुर में होने वाली महापंचायत स्थगित हो गई है। आयोजक ही बैकफुट पर आ गए। डीएम और एसएसपी ने शुक्रवार को आयोजकों के साथ वार्ता की और महापंचायत को टालने में सफल रहे। आयोजकों की मांगे मांगे पूरी करने प्रशासन ने भरोसा दिलाया है। फिलहाल आयोजकों ने महापंचायत का निर्णय वापस ले लिया है। जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है। इस महापंचायत पर सभी की निगाहें टिकी हुई थीं।      
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मंसूरपुर क्षेत्र के गांव घासीपुरा में 21 सितंबर की रात में शूटआउट हुआ था। पुलिस का दावा है कि सूचना पर पुलिस घासीपुरा गांव में बाहरी छोर पर एकांत में बने मकान पर पहुंची थी, जहां पर फायरिंग हो रही थी। कुछ देर बाद फायरिंग बंद हो गई। बाद में सीढ़ी लगाकर पुलिस ऊपर गई तो वहां छत पर तीन लाशें पड़ी हुई थी। बाद में मृतकों की पहचान शामली के मालेंडी निवासी गौरव, बागपत के गांव बदरखा के सचिन और गांगनौली के दीपक राठी के रूप में हुई थी। पुलिस ने गौरव और सचिन का आपराधिक इतिहास हासिल कर बताया था कि तीनों बदमाश हैं, जो आपसी फायरिंग में मारे गए। 
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हालांकि पुलिस दीपक राठी का आपराधिक इतिहास नहीं तलाश पाई। शूटआउट का मामला तभी से चर्चाओं में है। जिसको लेकर उसी रात मृतक के परिजनों ने मंसूरपुर थाने पर हंगामा किया था। मृतक गौरव के पिता त्रिलोक सिंह ने मंसूरपुर थाने पर तहरीर देकर कैराना विधायक नाहिद हसन के इशारे पर मंसूरपुर इंस्पेक्टर अमरेश सिंह बघेल आदि पर अपहरण कर हत्या करने का आरोप लगाया था।
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घासीपुरा कांड को लेकर भाकियू, रालोद और भाजपा नेताओं ने तीन अक्तूबर को मंसूरपुर में पुलिस के खिलाफ महापंचायत की घोषणा की थी। जिसको लेकर उनका जनसम्पर्क अभियान जारी था। उधर, प्रशासन इस पंचायत को टालने की जुगत में था। शुक्रवार को डीएम डीके सिंह और एसएसपी दीपक कुमार ने कलक्ट्रेट सभागार में आयोजकों की बैठक बुलाकर वार्ता की। 

आयोजकों ने तीन मांगे रखी, जिस पर अधिकारियों ने कार्रवाई  का भरोसा दिलाया। फिलहाल आयोजकों ने महापंचायत स्थगित करने की घोषणा कर दी। उधर, वहीं समझौता वार्ता में हालांकि परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग रखी है,  मगर वे सीबीआई जांच के लिए हाईकोर्ट जाएंगे। भाजपा नेता नितिन मलिक ने बताया कि सीबीआई  जांच के लिए अदालत का विकल्प खुला हुआ है।


परिजन कोर्ट का सहारा लेंगे। समझौता वार्ता में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, चंद्रपाल फौजी, अशोक बालियान, रालोद नेता संजय राठी, विकास बालियान, भाजपा नेता नितिन मलिक, मृतक गौरव के पिता त्रिलोक सिंह के अलावा मनोज डायरेक्टर, पप्पू प्रधान, अंतरवीर सिंह, अमरपाल, रमेश आदि  शामिल रहे।  
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