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Muzaffarnagar News: मानवाधिकार के बारे में महिला व बच्चों को जानकारी दी
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फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरकाजी। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर अस्तित्व सामाजिक संस्था ने विकास खंड क्षेत्र के गांव लखनौती में कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम में मानवाधिकार के बारे में महिला व बच्चों को जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अस्तित्व संस्था की शादाब जहान ने कहा कि हर महिला का हिंसा मुक्त जीवन जीना उसका मानव अधिकार है। किसी भी महिला और युवती के ऊपर हिंसा नहीं होनी चाहिए। हम लोग अपने आसपास समाज में महिलाओं व युवतियों को जेंडर बेस्ड बैलेंस का सामना करते हुए देखते हैं। हम लोगों को उसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में महिला व किशोरियों को मानवाधिकार के बारे में जानकारी देते हुए महिलाओं व किशोरियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि किशोरियों का आज के युग में शिक्षित होना बहुत आवश्यक है। अगर किशोरी शिक्षित होगी तो वह अपने अधिकारों को पहचान सकेगी। उन्होंने बताया कि पहली बार 10 दिसंबर 1948 को यूएन ने मानवाधिकार घोषणा पत्र जारी कर व्यक्ति के अधिकारों का मुद्दा उठाया था। इसलिए इस दिवस को प्रत्येक वर्ष मानवाधिकार दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह वर्ष थीम एकता, सामाजिक-आर्थिक नवीनीकरण और राष्ट्र निर्माण का वर्ष भी है। कार्यक्रम में फिरदौस,भावना, कविता, शीतल, प्राची, किरण, बुलबुल, आरजू, अनीता आदि मौजूद रहीं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुरकाजी। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर अस्तित्व सामाजिक संस्था ने विकास खंड क्षेत्र के गांव लखनौती में कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम में मानवाधिकार के बारे में महिला व बच्चों को जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अस्तित्व संस्था की शादाब जहान ने कहा कि हर महिला का हिंसा मुक्त जीवन जीना उसका मानव अधिकार है। किसी भी महिला और युवती के ऊपर हिंसा नहीं होनी चाहिए। हम लोग अपने आसपास समाज में महिलाओं व युवतियों को जेंडर बेस्ड बैलेंस का सामना करते हुए देखते हैं। हम लोगों को उसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में महिला व किशोरियों को मानवाधिकार के बारे में जानकारी देते हुए महिलाओं व किशोरियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि किशोरियों का आज के युग में शिक्षित होना बहुत आवश्यक है। अगर किशोरी शिक्षित होगी तो वह अपने अधिकारों को पहचान सकेगी। उन्होंने बताया कि पहली बार 10 दिसंबर 1948 को यूएन ने मानवाधिकार घोषणा पत्र जारी कर व्यक्ति के अधिकारों का मुद्दा उठाया था। इसलिए इस दिवस को प्रत्येक वर्ष मानवाधिकार दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह वर्ष थीम एकता, सामाजिक-आर्थिक नवीनीकरण और राष्ट्र निर्माण का वर्ष भी है। कार्यक्रम में फिरदौस,भावना, कविता, शीतल, प्राची, किरण, बुलबुल, आरजू, अनीता आदि मौजूद रहीं।