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गौरा के भतीजे ने पुलिस पर लगाया दबाव बनाने का आरोप
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गौरा के भतीजे ने पुलिस पर लगाया दबाव बनाने का आरोप
मुजफ्फरनगर, खतौली। हाईकेार्ट ने खतौली निवासी गौरा उर्फ गौरव के मामले में डीजीपी सहित एसएसपी मुजफ्फरनगर को तबल किया है। तभी से स्थानीय पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। गौरा के मामले की पैरवी कर रहे उसके भतीजे ने स्थानीय पुलिस पर दबाव बनाने तथा फर्जी मुकदमे में फसाने की संभावना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है।
खतौली कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला देवीदास निवासी चरणजीत सिंह ने बताया कि वह एक छात्र है, उसके पिता तथा चाचा के जेल में होने के कारण उनके मुकदमों की पैरवी वह कर रहा है। उसने मुख्यमंत्री के नाम भेजे शिकायती पत्र में बताया कि उसका चाचा गौरा उर्फ गौरव पर खतौली पुलिस ने 23 वर्षों में 49 मुकदमे दर्ज किए हुए है। 49 मामलों में से11 मामलों में उसके चाचा बरी है। नौ केस पुलिस ने वापस ले लिए, दो में गलती से शामिल किया गया है, एक केस में एनएसए लगाया है, जो रद्द हो चुका है। 21 मामलों में उसके चाचा जमानत पर है। एक में अग्रिम जमानत मिली है। उसके चाचा का एनडीपीएस एक्ट का मुकदमा एएसजे कोर्ट नंबर 1 मुजफ्फरनगर में विचाराधीन है। उस मुकदमे में गौरा की जमानत हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उक्त जमानत प्रार्थना पत्र में हाईकोर्ट ने डीजीपी सहित एसएसपी मुजफ्फरनगर को आगामी 13 दिसंबर को तलब किया हुआ है।
पीड़ित का आरोप है कि स्थानीय पुलिस उस पर पैरवी न करने का लगातार दबाव बना रही है। पीड़ित ने आशंका व्यक्त की है कि स्थानीय पुलिस उसे झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेज सकती या उसका एनकाउंटर कर सकती है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। गौरा की पत्नी प्रियंका का भी आरोप है कि खतौली पुलिस उन्हें आए दिन परेशान करती है, उसके पति को जब इस बार उठाया गया था, तब वह बच्चों के लिए दूध लेने के लिए गए थे, यह सीसीटीवी फुटेज में भी आया था। पुलिस जमानत होते ही दबिश देकर अन्य किसी मुकदमे में फंसाकर उसके पति गौरा को जेल भेज देती है। बच्चे अपने पिता की आने की राह तकते रहते है। उधर स्थानीय पुलिस में हड़कंप की स्थिति है। पुलिस गौरा की फाइल तैयार करने के लिए मुजफ्फरनगर न्यायालय के चक्कर लगा रही है।
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मुजफ्फरनगर, खतौली। हाईकेार्ट ने खतौली निवासी गौरा उर्फ गौरव के मामले में डीजीपी सहित एसएसपी मुजफ्फरनगर को तबल किया है। तभी से स्थानीय पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। गौरा के मामले की पैरवी कर रहे उसके भतीजे ने स्थानीय पुलिस पर दबाव बनाने तथा फर्जी मुकदमे में फसाने की संभावना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है।
खतौली कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला देवीदास निवासी चरणजीत सिंह ने बताया कि वह एक छात्र है, उसके पिता तथा चाचा के जेल में होने के कारण उनके मुकदमों की पैरवी वह कर रहा है। उसने मुख्यमंत्री के नाम भेजे शिकायती पत्र में बताया कि उसका चाचा गौरा उर्फ गौरव पर खतौली पुलिस ने 23 वर्षों में 49 मुकदमे दर्ज किए हुए है। 49 मामलों में से11 मामलों में उसके चाचा बरी है। नौ केस पुलिस ने वापस ले लिए, दो में गलती से शामिल किया गया है, एक केस में एनएसए लगाया है, जो रद्द हो चुका है। 21 मामलों में उसके चाचा जमानत पर है। एक में अग्रिम जमानत मिली है। उसके चाचा का एनडीपीएस एक्ट का मुकदमा एएसजे कोर्ट नंबर 1 मुजफ्फरनगर में विचाराधीन है। उस मुकदमे में गौरा की जमानत हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उक्त जमानत प्रार्थना पत्र में हाईकोर्ट ने डीजीपी सहित एसएसपी मुजफ्फरनगर को आगामी 13 दिसंबर को तलब किया हुआ है।
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पीड़ित का आरोप है कि स्थानीय पुलिस उस पर पैरवी न करने का लगातार दबाव बना रही है। पीड़ित ने आशंका व्यक्त की है कि स्थानीय पुलिस उसे झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेज सकती या उसका एनकाउंटर कर सकती है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। गौरा की पत्नी प्रियंका का भी आरोप है कि खतौली पुलिस उन्हें आए दिन परेशान करती है, उसके पति को जब इस बार उठाया गया था, तब वह बच्चों के लिए दूध लेने के लिए गए थे, यह सीसीटीवी फुटेज में भी आया था। पुलिस जमानत होते ही दबिश देकर अन्य किसी मुकदमे में फंसाकर उसके पति गौरा को जेल भेज देती है। बच्चे अपने पिता की आने की राह तकते रहते है। उधर स्थानीय पुलिस में हड़कंप की स्थिति है। पुलिस गौरा की फाइल तैयार करने के लिए मुजफ्फरनगर न्यायालय के चक्कर लगा रही है।
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