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शहर में जल रहा कूड़ा, प्रदूषण बढ़ा
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नवीन मंडी रजबहे रोड पर जलाया जा रहा कूड़ा।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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शहर में जल रहा कूड़ा, प्रदूषण बढ़ा
मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन में छूट मिलते ही जिले में प्रदूषण फिर बढ़ने लगा है। वाहनों एवं उद्योग धंधों से फैल रहे प्रदूषण के साथ ही जगह-जगह कूड़े में ढेर में लगाई जा रही आग भी प्रदूषण का कारण बन रही है। बुधवार को जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 230 तक पहुंच गया है। गर्मी और प्रदूषण के कारण लोगों को दिक्कत होने लगी है।
मुजफ्फरनगर देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहा है। सर्दी सीजन और दिवाली के आसपास तो जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से ऊपर पहुंच जाता है। 25 मार्च से लागू हुए लॉकडाउन में सभी गतिविधियां बंद हो जाने से प्रदूषण काफी कम हो गया था। जिले के लोगों ने राहत की सांस ली थी। एयर क्वालिटी इंडेक्स एक बार तो 56 तक आ गया था, लेकिन अनलॉक-1 में औद्योगिक गतिविधियां शुरू हो जाने से प्रदूषण बढ़ने लगा। वाहनों के संचालन के साथ ही शहर में जहां-तहां कूड़ा जलाया जा रहा है। बुधवार को नई मंडी क्षेत्र, रुड़की रोड समेत कई स्थानों पर कूड़े के ढेरों को जलाने से धुआं निकलता रहा। एनजीटी ने कूड़ा जलाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा रखी है, लेकिन इस पर अमल नहीं किया जा रहा। शहरी क्षेत्र में नगर पालिका की जिम्मेदारी है, लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक डीसी पांडेय का कहना है कि कूड़ा जलाने की पूरी तरह मनाही है। यदि कहीं पर इस तरह का मामला आता है तो नगर पालिका को नोटिस जारी किया जाएगा। उधर, ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी का कहना है कि शहर से कूड़े का नियमित उठान हो रहा है। हो सकता है कहीं पर पड़े कूड़े में किसी ने आग लगा दी हो।
वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का मानक
एक्यूआई मानक
0-50 अच्छा
50-100 संतोषजनक
101-200 मध्यम
201-300 खराब
300-400 बहुत खराब
400 से ज्यादा गंभीर
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मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन में छूट मिलते ही जिले में प्रदूषण फिर बढ़ने लगा है। वाहनों एवं उद्योग धंधों से फैल रहे प्रदूषण के साथ ही जगह-जगह कूड़े में ढेर में लगाई जा रही आग भी प्रदूषण का कारण बन रही है। बुधवार को जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 230 तक पहुंच गया है। गर्मी और प्रदूषण के कारण लोगों को दिक्कत होने लगी है।
मुजफ्फरनगर देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहा है। सर्दी सीजन और दिवाली के आसपास तो जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से ऊपर पहुंच जाता है। 25 मार्च से लागू हुए लॉकडाउन में सभी गतिविधियां बंद हो जाने से प्रदूषण काफी कम हो गया था। जिले के लोगों ने राहत की सांस ली थी। एयर क्वालिटी इंडेक्स एक बार तो 56 तक आ गया था, लेकिन अनलॉक-1 में औद्योगिक गतिविधियां शुरू हो जाने से प्रदूषण बढ़ने लगा। वाहनों के संचालन के साथ ही शहर में जहां-तहां कूड़ा जलाया जा रहा है। बुधवार को नई मंडी क्षेत्र, रुड़की रोड समेत कई स्थानों पर कूड़े के ढेरों को जलाने से धुआं निकलता रहा। एनजीटी ने कूड़ा जलाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा रखी है, लेकिन इस पर अमल नहीं किया जा रहा। शहरी क्षेत्र में नगर पालिका की जिम्मेदारी है, लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक डीसी पांडेय का कहना है कि कूड़ा जलाने की पूरी तरह मनाही है। यदि कहीं पर इस तरह का मामला आता है तो नगर पालिका को नोटिस जारी किया जाएगा। उधर, ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी का कहना है कि शहर से कूड़े का नियमित उठान हो रहा है। हो सकता है कहीं पर पड़े कूड़े में किसी ने आग लगा दी हो।
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वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का मानक
एक्यूआई मानक
0-50 अच्छा
50-100 संतोषजनक
101-200 मध्यम
201-300 खराब
300-400 बहुत खराब
400 से ज्यादा गंभीर