{"_id":"5b4f8e134f1c1bee748b4948","slug":"gampaad-pradeep-becomes-a-soldier","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिपाही बनने के लिए नोना के प्रदीप ने छोड़ी प्रधानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिपाही बनने के लिए नोना के प्रदीप ने छोड़ी प्रधानी
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:29 AM IST
विज्ञापन
सिपाही बना नोना निवासी प्रदीप।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंसूरपुर के गांव नोना के युवा प्रधान प्रदीप ने सिपाही बनने के लिए प्रधान पद से त्याग पद दे दिया है। त्यागपत्र देने के बाद प्रदीप सिपाही की ट्रेनिंग में चला गया। प्रदीप ने भविष्य की तलाश में राजनीति में कदम रखा था। राजनीति में भविष्य ठीक नहीं लगा तो उसने सिपाही बनकर देश सेवा करने का मन बना लिया। अब प्रदीप सिर्फ गांव के लोगों की सेवा नहीं करेगा, बल्कि सिपाही बनकर देश सेवा करेगा।
ग्राम पंचायत के चुनाव 2015-16 में हुए थे। मंसूरपुर के गांव नोना की प्रधान पद के लिए सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। गांव निवासी प्रदीप कुमार पुत्र राम प्रसाद ने 28 साल की उम्र में प्रधान पद का चुनाव लड़ा था। ग्राम पंचायत के चुनाव में प्रधान पद पर प्रदीप निर्वाचित हो गया।
वर्ष 2015-16 में ही प्रदीप ने कांस्टेबल की भर्ती के लिए आवेदन किया था। पुलिस की भर्ती की सभी परीक्षाओं को प्रधान पद पर रहते हुए प्रदीप ने उत्तीर्ण की तथा उसका सिपाही बनने के लिए भर्ती हो गया। प्रदीप की 30 वर्ष की उम्र में कांस्टेबल की भर्ती हुई है। प्रदीप ने बताया कि उसने 11 जुलाई को डीपीओ को प्रधान पद से त्याग पत्र सौंप दिया था। त्याग पत्र देने के बाद वह सिपाही की ट्रेनिंग के लिए रामपुर चला गया। हाल में प्रदीप रामपुर में सिपाही की ट्रेनिंग कर रहा है।
विज्ञापन
दो भाई भी सरकारी कर्मी
प्रदीप कुमार के तीन भाई हैं। बड़ा भाई मनोज कुमार मोदीनगर में सिंचाई विभाग में जेई के पद पर तैनात है, जबकि दूसरा भाई पुनीत कोलकाता में सुरक्षा बल में तैनात है। अब प्रदीप भी सिपाही बनकर देश सेवा करने जा रहा है।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत के चुनाव 2015-16 में हुए थे। मंसूरपुर के गांव नोना की प्रधान पद के लिए सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। गांव निवासी प्रदीप कुमार पुत्र राम प्रसाद ने 28 साल की उम्र में प्रधान पद का चुनाव लड़ा था। ग्राम पंचायत के चुनाव में प्रधान पद पर प्रदीप निर्वाचित हो गया।
विज्ञापन
वर्ष 2015-16 में ही प्रदीप ने कांस्टेबल की भर्ती के लिए आवेदन किया था। पुलिस की भर्ती की सभी परीक्षाओं को प्रधान पद पर रहते हुए प्रदीप ने उत्तीर्ण की तथा उसका सिपाही बनने के लिए भर्ती हो गया। प्रदीप की 30 वर्ष की उम्र में कांस्टेबल की भर्ती हुई है। प्रदीप ने बताया कि उसने 11 जुलाई को डीपीओ को प्रधान पद से त्याग पत्र सौंप दिया था। त्याग पत्र देने के बाद वह सिपाही की ट्रेनिंग के लिए रामपुर चला गया। हाल में प्रदीप रामपुर में सिपाही की ट्रेनिंग कर रहा है।
विज्ञापन
दो भाई भी सरकारी कर्मी
प्रदीप कुमार के तीन भाई हैं। बड़ा भाई मनोज कुमार मोदीनगर में सिंचाई विभाग में जेई के पद पर तैनात है, जबकि दूसरा भाई पुनीत कोलकाता में सुरक्षा बल में तैनात है। अब प्रदीप भी सिपाही बनकर देश सेवा करने जा रहा है।