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मीरापुर पुलिस ने किया मोनू हत्याकांड का खुलासा
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शराब की दावत नहीं देने पर दोस्तों ने ही की थी हत्या
मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। पुलिस ने करीब चार माह पहले हुए मोनू शर्मा हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने एक हत्यारोपी को गिरफ्तार किया है। शराब की दावत नहीं करने पर उसने दोस्तों के साथ मिल कर मोनू की हत्या की थी।
सीओ जानसठ शकील अहमद ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि करीब साढ़े चार माह पूर्व मोरी मोहल्ला निवासी मोनू शर्मा पुत्र प्यारेलाल शर्मा की हत्या शराब की दावत नहीं देने पर उसके ही दोस्तों ने की थी। मोनू का 15 फरवरी की सुबह कस्बे के योगमाया मंदिर के निकट गला कटा हुआ शव मिला था। हत्या का खुलासा न होने के कारण कस्बा वासियों में रोष व्याप्त था। पुलिस ने रविवार को हत्यारोपी लालचंद पुत्र महेंद्र निवासी मोरी मोहल्ला को उसके घर से गिरफ्तार करते हुए हत्याकांड का खुलासा किया। सीओ ने बताया कि मोनू शराब पीने का आदी था और वह अंतिम संस्कार कराने का कार्य भी करता था। हत्या से एक दिन पहले अंतिम संस्कार की क्रिया में उसे अच्छे पैसे प्राप्त हुए थे। जिसके बाद मोनू ने अपने दोस्त गौरव निवासी रसूलपुर व लाला उर्फ लालचंद निवासी मोरी मोहल्ला मीरापुर को भी बुला लिया ।इस दौरान उसके दोस्तों ने शराब पिलाने की मांग की, परंतु मोनू ने दावत देने से मना करते हुए दोस्तों से गाली-गलौज कर दी। जिसे लेकर 14 फरवरी की रात में गौरव व लालचंद ने मोनू को फोन कर मंदिर के पास बुलाया था। यहां पर पुन: उक्त दोनो ने उस पर शराब पिलाने का दबाव बनाया था। जब उसने इंकार कर दिया तो उक्त दोनों ने उसका गला काटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को लालचंद को उसके घर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि एक हत्यारोपी गौरव ने दो दिन पूर्व न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था।
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मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। पुलिस ने करीब चार माह पहले हुए मोनू शर्मा हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने एक हत्यारोपी को गिरफ्तार किया है। शराब की दावत नहीं करने पर उसने दोस्तों के साथ मिल कर मोनू की हत्या की थी।
सीओ जानसठ शकील अहमद ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि करीब साढ़े चार माह पूर्व मोरी मोहल्ला निवासी मोनू शर्मा पुत्र प्यारेलाल शर्मा की हत्या शराब की दावत नहीं देने पर उसके ही दोस्तों ने की थी। मोनू का 15 फरवरी की सुबह कस्बे के योगमाया मंदिर के निकट गला कटा हुआ शव मिला था। हत्या का खुलासा न होने के कारण कस्बा वासियों में रोष व्याप्त था। पुलिस ने रविवार को हत्यारोपी लालचंद पुत्र महेंद्र निवासी मोरी मोहल्ला को उसके घर से गिरफ्तार करते हुए हत्याकांड का खुलासा किया। सीओ ने बताया कि मोनू शराब पीने का आदी था और वह अंतिम संस्कार कराने का कार्य भी करता था। हत्या से एक दिन पहले अंतिम संस्कार की क्रिया में उसे अच्छे पैसे प्राप्त हुए थे। जिसके बाद मोनू ने अपने दोस्त गौरव निवासी रसूलपुर व लाला उर्फ लालचंद निवासी मोरी मोहल्ला मीरापुर को भी बुला लिया ।इस दौरान उसके दोस्तों ने शराब पिलाने की मांग की, परंतु मोनू ने दावत देने से मना करते हुए दोस्तों से गाली-गलौज कर दी। जिसे लेकर 14 फरवरी की रात में गौरव व लालचंद ने मोनू को फोन कर मंदिर के पास बुलाया था। यहां पर पुन: उक्त दोनो ने उस पर शराब पिलाने का दबाव बनाया था। जब उसने इंकार कर दिया तो उक्त दोनों ने उसका गला काटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को लालचंद को उसके घर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि एक हत्यारोपी गौरव ने दो दिन पूर्व न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था।
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