फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Four thousand houses will be built in villages

खुशखबरी: अप्रैल के बाद गांवों में बनेंगे चार हजार आवास

Fri, 14 Feb 2020 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Feb 2020 12:30 AM IST
विज्ञापन
Four thousand houses will be built in villages
भौराकला गांव में निर्माणाधीन आईटीआई। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
खुशखबरी: अप्रैल के बाद गांवों में बनेंगे चार हजार आवास
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। वर्ष 2011 की सूची में नाम नहीं होने के कारण प्रधानमंत्री आवास से वंचित रह गए लोगों के लिए खुशखबरी है। अप्रैल के बाद नए सर्वे के आधार पर पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ दिया जाएगा। पिछले वर्ष यह सर्वे पूरा हुआ था। जिले में करीब चार हजार पात्र पाए गए थे। नई सर्वे सूची को मान्यता मिलने से इसमें शामिल लोगों के मकान बनने का रास्ता साफ हो गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पात्र व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये मकान निर्माण के लिए दिए जाते हैं। अब तक उन्हीं लोगों को योजना का लाभ दिया जा रहा था, जिनके नाम 2011 में हुए सर्वे की सूची में शामिल थे। इस सूची के आधार पर जिले में एक भी व्यक्ति पात्र नहीं रह गया, जबकि गांवों में अभी भी बड़ी तादाद में लोग आवासहीन हैं या कच्चे मकानों में रह रहे हैं। इसके चलते 2011 की सर्वे सूची पर सवाल उठते रहे। शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रह रहे तथा आवासहीन लोगों का सर्वे कराया था। यह सर्वे करीब एक साल पहले पूरा हुआ। ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस सर्वे में जनपद में 3989 पात्र पाए गए थे, लेकिन अभी तक शासन ने इस सर्वे को मंजूरी नहीं मिली थी। परियोजना निदेशक डीआरडीए जय सिंह यादव का कहना है कि शासन ने इस सर्वे के आधार पर आवास निर्माण कराने की मंजूरी दे दी है। कुछ दिन पूर्व वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए यह सूचना दी गई है। अप्रैल माह के बाद इस सूची के आधार पर पात्र ग्रामीणों के आवास बनाए जाएंगे।
विज्ञापन

लाभ देने से पहले फिर होगा सर्वे
किसी भी पात्र को योजना का लाभ देने से पहले एक बार फिर से सर्वे किया जाएगा। संबंधित व्यक्ति पात्रता की श्रेणी से बाहर तो नहीं हो गया है, इसकी पुष्टि के बाद ही मकान निर्माण को धनराशि दी जाएगी। यदि कोई और व्यक्ति पात्र मिलेगा तो उसका भी मकान बनाया जाएगा। इसलिए पात्रों की संख्या में कमी या बढ़ोतरी हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीन साल में बने 184 आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिले में तीन साल में कुल 184 आवास बन पाए हैं। 2011 की पात्रता सूची में शामिल लोगों में से पात्रता के मानकों पर केवल इतने लोग ही खरे उतरे थे। चालू वित्तीय वर्ष में दो लोग पात्र पाए गए थे, लेकिन इनमें से एक व्यक्ति से मकान बनवाने से इनकार कर दिया। इसलिए इस साल केवल एक ही मकान बन पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed