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जिले के चार इंटर कॉलेज तीन वर्ष के लिए डिबार
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जिले के चार इंटर कॉलेज तीन वर्ष के लिए डिबार
मुजफ्फरनगर। जिले के चार इंटर कॉलेजों को शासन ने बोर्ड परीक्षा का केंद्र नहीं बनाने का निर्णय लेते हुए तीन वर्ष के लिए डिबार कर दिया है। इन कॉलेजो में नकल की घटनाएं सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया। इनमें बीते वर्ष चर्चाओं में आया जनता इंटर कॉलेज बाढ़ भी शामिल है।
जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2018-19 में जनता इंटर कॉलेज बाढ़ में नकल का मामला सामने आया था। नकल के चलते इस केंद्र की पुन: परीक्षा करानी पड़ी थी। यहां नकल कराने के मामले में कॉलेज के प्रधानाचार्य सहित दस से अधिक लोगों को जेल जाना पड़ा था। यूपी एसटीएफ ने कॉलेज में नकल का मामला पकड़ा था। शासन ने इस केंद्र को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। वर्ष 2017- 18 के मामले चौधरी तिलकराम इंटर कॉलेज खतौली, आर्य इंटर कॉलेज सिकंदरपुर गढ़वाड़ा व जनता इंटर कॉलेज मुस्तफाबाद पचेंडा को भी डिबार किया गया है। जनता इंटर कॉलेज मुस्तफाबाद पचेंडा में जीव विज्ञान की परीक्षा का पेपर पहले ही खोल दिए जाने के चलते चर्चाओं में आया था, इसी के चलते इसे इस कॉलेज को भी काली सूची में डाला गया है। शासन ने निर्णय लिया है कि इन कॉलेजों को 2022 तक परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। डीआईओएस ने बताया कि प्रदेेश सरकार का उद्देश्य जिले में नकलविहीन परीक्षाएं कराना है। परीक्षाओं को लेकर सभी तैयारियां चल रही हैं।
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मुजफ्फरनगर। जिले के चार इंटर कॉलेजों को शासन ने बोर्ड परीक्षा का केंद्र नहीं बनाने का निर्णय लेते हुए तीन वर्ष के लिए डिबार कर दिया है। इन कॉलेजो में नकल की घटनाएं सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया। इनमें बीते वर्ष चर्चाओं में आया जनता इंटर कॉलेज बाढ़ भी शामिल है।
जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2018-19 में जनता इंटर कॉलेज बाढ़ में नकल का मामला सामने आया था। नकल के चलते इस केंद्र की पुन: परीक्षा करानी पड़ी थी। यहां नकल कराने के मामले में कॉलेज के प्रधानाचार्य सहित दस से अधिक लोगों को जेल जाना पड़ा था। यूपी एसटीएफ ने कॉलेज में नकल का मामला पकड़ा था। शासन ने इस केंद्र को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। वर्ष 2017- 18 के मामले चौधरी तिलकराम इंटर कॉलेज खतौली, आर्य इंटर कॉलेज सिकंदरपुर गढ़वाड़ा व जनता इंटर कॉलेज मुस्तफाबाद पचेंडा को भी डिबार किया गया है। जनता इंटर कॉलेज मुस्तफाबाद पचेंडा में जीव विज्ञान की परीक्षा का पेपर पहले ही खोल दिए जाने के चलते चर्चाओं में आया था, इसी के चलते इसे इस कॉलेज को भी काली सूची में डाला गया है। शासन ने निर्णय लिया है कि इन कॉलेजों को 2022 तक परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। डीआईओएस ने बताया कि प्रदेेश सरकार का उद्देश्य जिले में नकलविहीन परीक्षाएं कराना है। परीक्षाओं को लेकर सभी तैयारियां चल रही हैं।
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