{"_id":"602ac3d18ebc3ee91e1cb96b","slug":"former-muzaffarnagar-mp-harendra-malik-muzaffarnagar-news-mrt525550964","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार ने किसानों के साथ छल किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार ने किसानों के साथ छल किया
विज्ञापन
पूर्व सांसद हरेन्द्र मलिक।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
गन्ना मूल्य पर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा
मुजफ्फरनगर। कांग्रेसी नेता एवं पूर्व सांसद कांग्रेसी हरेंद्र मलिक का कहना है गन्ना मूल्य नहीं बढ़ने से किसानों को आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए। जो सरकार 200 किसानों की शहादत पर एक शब्द न बोली हो उससे गन्ना मूल्य की उम्मीद नहीं होनी चाहिए। भाजपा से उम्मीद करना रेगिस्तान में पानी तलाशना जैसा है। किसानों को अब इनकी सरकारों के जाने का इंतजार करना चाहिए।
सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी का कहना है कि भाजपा सरकार ने बिजली, खाद, डीजल के दाम बढा़कर किसानों की कमर तोड़ दी है। गन्ने के रेट को मिल मालिकों से साठगांठ कर तीसरे साल भी स्थिर रखकर किसानों को बर्बाद करने का काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने के बयान पर भी देश के किसानों से झूठ बोल रहे हैं। स्वामीनाथन रिपोर्ट में ही गन्ना रेट प्रत्येक वर्ष 10 फीसदी बढ़ाने की सिफारिश है।
रालोद के राष्ट्रीय सचिव राजपाल बालियान का कहना है कि गन्ने का समर्थन न बढ़ाना प्रदेश की योगी सरकार की किसान विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। पिछले कई साल से समर्थन मूल्य न बढ़ाकर किसान को गर्त में उतारने के काम किया है। किसानों ने जिस उम्मीद और वादों पर यकीन कर इस सरकार को बनाया था, वो सभी जुमले साबित हुए हैं। इस सरकार में किसान की हालत बद से बदतर हुई है। बसपा नेता जियाउर्रहमान का कहना है कि प्रदेश की राजनीति के इतिहास में जितना अधिक गन्ना मूल्य बसपा सरकार में बढ़ा किसी सरकार में नहीं बढ़ा है। मायावती की सरकार में गन्ना मूल्य भी बढ़ा और भुगतान भी समय से हुआ। भाजपा ने किसानों के साथ धोखा किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। कांग्रेसी नेता एवं पूर्व सांसद कांग्रेसी हरेंद्र मलिक का कहना है गन्ना मूल्य नहीं बढ़ने से किसानों को आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए। जो सरकार 200 किसानों की शहादत पर एक शब्द न बोली हो उससे गन्ना मूल्य की उम्मीद नहीं होनी चाहिए। भाजपा से उम्मीद करना रेगिस्तान में पानी तलाशना जैसा है। किसानों को अब इनकी सरकारों के जाने का इंतजार करना चाहिए।
सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी का कहना है कि भाजपा सरकार ने बिजली, खाद, डीजल के दाम बढा़कर किसानों की कमर तोड़ दी है। गन्ने के रेट को मिल मालिकों से साठगांठ कर तीसरे साल भी स्थिर रखकर किसानों को बर्बाद करने का काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने के बयान पर भी देश के किसानों से झूठ बोल रहे हैं। स्वामीनाथन रिपोर्ट में ही गन्ना रेट प्रत्येक वर्ष 10 फीसदी बढ़ाने की सिफारिश है।
विज्ञापन
रालोद के राष्ट्रीय सचिव राजपाल बालियान का कहना है कि गन्ने का समर्थन न बढ़ाना प्रदेश की योगी सरकार की किसान विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। पिछले कई साल से समर्थन मूल्य न बढ़ाकर किसान को गर्त में उतारने के काम किया है। किसानों ने जिस उम्मीद और वादों पर यकीन कर इस सरकार को बनाया था, वो सभी जुमले साबित हुए हैं। इस सरकार में किसान की हालत बद से बदतर हुई है। बसपा नेता जियाउर्रहमान का कहना है कि प्रदेश की राजनीति के इतिहास में जितना अधिक गन्ना मूल्य बसपा सरकार में बढ़ा किसी सरकार में नहीं बढ़ा है। मायावती की सरकार में गन्ना मूल्य भी बढ़ा और भुगतान भी समय से हुआ। भाजपा ने किसानों के साथ धोखा किया है।
विज्ञापन