देवबंद। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी मेला पंडाल में रविवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की अमर कथा का आयोजन किया गया। जिसमें सैनपुर आश्रम के आचार्य जसवीर दास ने गुरु रविदास महाराज की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
आचार्य जसवीर दास ने कहा सत्संग सुनने के बाद भी अगर घर में सुख-शांति नहीं है तो इसका कारण नशाखोरी हो सकता है। अगर हम मेहनत नहीं करेंगे तो गुरु वंदना या सत्संग हमारे कष्ट दूर नहीं कर सकते हैं। इसलिए कर्म का जीवन में सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। दुख का कारण मांस-मदिरा है। उन्होंने कहा कि पत्नी को कभी भी अपने पति का निरादर नहीं करना चाहिए। भगत फीमूदास ने कहा कि गुरु रविदास जी ने हमें पाखंड से दूर रहने की शिक्षा दी है। इस मौके पर नाहर सिंह, केशवदास, कृष्णदास, राजकुमार जाटव, ओमवीर सिंह, मोहनलाल कोरी, शिवकुमार, दयाराम भगत व रणवीर दास आदि रहे।