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Muzaffarnagar News: आखिरकार मिला प्रवेश, आईआईटी धनबाद का छात्र बना अतुल
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मुजफ्फरनगर। तीन महीने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से आखिरकार अनुसूचित जाति के छात्र अतुल कुमार को आईआईटी धनबाद में प्रवेश मिल गया है। छात्र अब इलेक्टि्रकल से बीटेक करेगा। परिवार में खुशी है।
खतौली के टिटौड़ा गांव निवासी छात्र के पिता राजेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को संस्थान के डीन से मुलाकात की है। संस्थान की ओर से उनकी मदद की गई और प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कराई। साथ ही तीन महीने की छूटी पढ़ाई के विषय में भी मदद का भरोसा दिया गया है।
अतुल को हॉस्टल पहले ही मिल चुका है। इन दिनों संस्थान में दुर्गा पूजा का अवकाश चल रहा है, जिस कारण कक्षाएं नहीं चल रही है। छात्र के पिता राजेंद्र और मामा ललित मंगलवार को वापस आने के लिए ट्रेन में सवार होंगे, जबकि छात्र अतुल हॉस्टल में ही रहेगा।
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इनसे
सांसद चाहर ने चुकाई पहले सेमेस्टर की फीस
छात्र अतुल के पहले सेमेस्टर की फीस फतेहपुर सीकरी के भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने भेजी है। राजेंद्र कुमार ने बताया कि सांसद ने मदद की है। इसके अलावा अभी अन्य लोगों से पढ़ाई के लिए मदद नहीं मिली है।
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इनसेट
क्या था मामला
प्रवेश परीक्षा में छात्र अतुल कुमार की रैंक 1455वी थी। आईआईटी धनबाद में प्रवेश लेना था। 24 जून की शाम पांच बजे तक काउंसिलिंग शुल्क के 17500 रुपये का किसी तरह इंतजाम हुआ, लेकिन तब तक वेबसाइट लॉगआउट हो गई। करीब तीन मिनट से पिछड़ गया था, जिस कारण प्रवेश नहीं मिल रहा था। इसके बाद एससी-एसटी आयोग, हाईकोर्ट झारखंड और मद्रास पहुंचे। मद्रास के बाद प्रकरण सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां पर छात्र के हक में ही फैसला आया था।
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खतौली के टिटौड़ा गांव निवासी छात्र के पिता राजेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को संस्थान के डीन से मुलाकात की है। संस्थान की ओर से उनकी मदद की गई और प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कराई। साथ ही तीन महीने की छूटी पढ़ाई के विषय में भी मदद का भरोसा दिया गया है।
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अतुल को हॉस्टल पहले ही मिल चुका है। इन दिनों संस्थान में दुर्गा पूजा का अवकाश चल रहा है, जिस कारण कक्षाएं नहीं चल रही है। छात्र के पिता राजेंद्र और मामा ललित मंगलवार को वापस आने के लिए ट्रेन में सवार होंगे, जबकि छात्र अतुल हॉस्टल में ही रहेगा।
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सांसद चाहर ने चुकाई पहले सेमेस्टर की फीस
छात्र अतुल के पहले सेमेस्टर की फीस फतेहपुर सीकरी के भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने भेजी है। राजेंद्र कुमार ने बताया कि सांसद ने मदद की है। इसके अलावा अभी अन्य लोगों से पढ़ाई के लिए मदद नहीं मिली है।
इनसेट
क्या था मामला
प्रवेश परीक्षा में छात्र अतुल कुमार की रैंक 1455वी थी। आईआईटी धनबाद में प्रवेश लेना था। 24 जून की शाम पांच बजे तक काउंसिलिंग शुल्क के 17500 रुपये का किसी तरह इंतजाम हुआ, लेकिन तब तक वेबसाइट लॉगआउट हो गई। करीब तीन मिनट से पिछड़ गया था, जिस कारण प्रवेश नहीं मिल रहा था। इसके बाद एससी-एसटी आयोग, हाईकोर्ट झारखंड और मद्रास पहुंचे। मद्रास के बाद प्रकरण सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां पर छात्र के हक में ही फैसला आया था।