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दहेज हत्या में पिता-पुत्र को आठ वर्ष का कारावास
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दहेज हत्या में बाप-बेटे को आठ वर्ष का कारावास
मुजफ्फरनगर। दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के मामले में अदालत ने अभियुक्त पिता-पुत्र को आठ साल के कठोर कारावास व जुर्माना की सजा सुनाई है।
एडीजीसी विरेंद्र कुमार नागर ने बताया कि पुरकाजी थाना पर मेहरबान, निवासी हासिमपुर, जनपद सहारनपुर ने सात अगस्त 2018 को यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बहन मेहराना की शादी चार वर्ष पूर्व आसिफ पुत्र मजरमीन निवासी पुरकाजी के साथ हुई थी। अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर सात अगस्त 2018 को आरोपियों ने मेहराना की मिट्टी का तेल डालकर जलाकर हत्या कर दी। मुकदमे में मेहराना के पति आसिफ व ससुर मजरमीन को आरोपी बनाया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुमित पंवार की अदालत एफटीसी प्रथम में हुई। एडीजीसी विरेंद्र कुमार नागर ने 15 लोगों की गवाही कराई। मगर, इन में वादी सहित नौ गवाह पक्ष द्रोही हो गए। शेष गवाहों ने घटना की पुष्टि की। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त आसिफ व मजरमीन को मेहराना की दहेज के लिए हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 304 बी के तहत दोनों को आठ-आठ वर्ष का कठोर सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
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मुजफ्फरनगर। दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के मामले में अदालत ने अभियुक्त पिता-पुत्र को आठ साल के कठोर कारावास व जुर्माना की सजा सुनाई है।
एडीजीसी विरेंद्र कुमार नागर ने बताया कि पुरकाजी थाना पर मेहरबान, निवासी हासिमपुर, जनपद सहारनपुर ने सात अगस्त 2018 को यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बहन मेहराना की शादी चार वर्ष पूर्व आसिफ पुत्र मजरमीन निवासी पुरकाजी के साथ हुई थी। अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर सात अगस्त 2018 को आरोपियों ने मेहराना की मिट्टी का तेल डालकर जलाकर हत्या कर दी। मुकदमे में मेहराना के पति आसिफ व ससुर मजरमीन को आरोपी बनाया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुमित पंवार की अदालत एफटीसी प्रथम में हुई। एडीजीसी विरेंद्र कुमार नागर ने 15 लोगों की गवाही कराई। मगर, इन में वादी सहित नौ गवाह पक्ष द्रोही हो गए। शेष गवाहों ने घटना की पुष्टि की। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त आसिफ व मजरमीन को मेहराना की दहेज के लिए हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 304 बी के तहत दोनों को आठ-आठ वर्ष का कठोर सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।