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Muzaffarnagar: घोड़ा-बग्गी पर बैठकर निकली बिटिया तो टूट गए सदियों के बंधन, बेटी की धूमधाम से हुई घुड़चढ़ी

Sun, 27 Nov 2022 09:28 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Published by: Digvijay Singh Updated Sun, 27 Nov 2022 09:28 PM IST
सार

मूल रूप से भैंसी गांव और वर्तमान में खतौली ग्रामीण की जगत कॉलोनी में रह रहे किसान पिंटू चौधरी के घर रविवार को खुशियां छाई थी। किसान की इकलौती बेटी सिमरन चौधरी कसबे में घोड़ा-बग्गी पर सवार होकर निकली। किसान ने बताया कि उसके घर में बेटा नहीं है, लेकिन हमेशा बेटी को ही बेटा मानकर परवरिश की है। 

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Father marries daughter in Muzaffarnagar with fanfare like son
सिमरन की धूमधाम से शादी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुजफ्फरनगर के खतौली में  बदलते दौर के साथ पुरानी परंपराएं टूटने लगी है। सदियों से बेटे की घुड़चढ़ी की परंपरा है। लेकिन खतौली में घर की इकलौती बेटी घोड़ा-बग्गी पर सवार होकर निकली। घंटे भर तक सडक़ों पर बिटिया की घुड़चढ़ी का जश्न मनाया गया। लोगों ने बिटिया को शाबाशी दी और हौसला बढ़ाया।

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मूल रूप से भैंसी गांव और वर्तमान में खतौली ग्रामीण की जगत कॉलोनी में रह रहे किसान पिंटू चौधरी के घर रविवार को खुशियां छाई थी। किसान की इकलौती बेटी सिमरन चौधरी कसबे में घोड़ा-बग्गी पर सवार होकर निकली। किसान ने बताया कि उसके घर में बेटा नहीं है, लेकिन हमेशा बेटी को ही बेटा मानकर परवरिश की है। ख्वाहिश थी कि वह बेटी की घुड़चढ़ी करें, परिवार ने सहमति दी तो रविवार को बेटी कसबे में खुशी मनाते हुए निकली। वह और उनका परिवार बेहद खुश है। मां पूनम, दादा जगत सिंह और दादी सुभद्रा ने भी खुशी जताई।

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दुबई में नौकरी करती है सिमरन चौधरी
किसान पिंटू ने बताया कि उनकी बेटी बीटेक करने के बाद दुबई में नौकरी करती है। उसकी शादी उत्तराखंड़ के काशीपुर निवासी दुष्यंत के साथ सोमवार को होगी। रविवार को घुड़चढ़ी की रस्म हुई है।

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मै ही लडक़ा और मै ही लडक़ी
बग्गी पर सवार सिमरन ने कहा कि वह ही बेटी है और वही बेटा। परिवार ने खुशी से पाला और खुशी से ही मुझे बग्गी पर बैठाया। हर माता-पिता को अपनी बेटियों को संस्कार और शिक्षा देनी चाहिए।


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