छठ पूजा: उगते सूर्य को अर्घ्य देकर खोला व्रत, व्रती महिलाओं ने तीन घंटे पानी में खड़े होकर की पूजा-अर्चना
नहाय खाय से शुरू हुए महापर्व छठ पूजा का चौथे दिन उगते हुए सूर्य देवता को को अर्घ्य देने के साथ ही समापन हो गया।
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नहाय खाय से शुरू हुए महापर्व छठ पूजा का चौथे दिन उगते हुए सूर्य देवता को को अर्घ्य देने के साथ ही समापन हो गया। व्रती महिलाओं ने कचवनिया का प्रसाद खाकर अपना व्रत खोला। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद लेकर धर्म लाभ उठाया।
शहर के अलमासपुर में सोमवार तड़के करीब तीन बजे श्रद्धालु और व्रती महिलाएं घाट (पोखर) पर पहुंच गईं। इसके बाद मनोकामना मांगने वाली करीब एक दर्जन महिलाओं ने पानी में खड़े होकर पूजा-अर्चना की। सुबह छह बजकर 47 मिनट पर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हुए अपना व्रत पूरा किया।
महिलाओं ने कचवनिया का प्रसाद खाकर अपना 36 घंटे का निर्जला व्रत खोला और बच्चों की दीर्घायु की कामना की। आयोजक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि सूर्य को अर्घ्य देने के बाद फलों का वितरण किया गया। इसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ। जिसमें पहुंचे श्रद्धालुओं ने खिचड़ी का प्रसाद लेकर धर्म लाभ उठाया। इसी के साथ छठ महापर्व का समापन किया गया।
वहीं, मंसूरपुर मिल में भी श्रद्धालुओं ने बड़े पंडाल में छठ मैया की मूर्तियां स्थापित कर पूजा अर्चना की। पति व पुत्र की दीर्घायु और परिवार की समृद्धि की कामना की। महिलाओं ने परिसर में बनाए गए तालाब में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर शुगर मिल उपाध्यक्ष हिमांशु कुमार मंगलम, प्रीति मंगलम, फैक्टरी मैनेजर रविंद्र कुमार शर्मा, ओएन तिवारी, ब्रजराज यादव, संजीव कुमार शर्मा, पंडित अखिलेश तिवारी, परशुराम, संतोष तिवारी, मंजू, वीणा, सविता, अंजू आदि मौजूद रहीं।
शुकतीर्थ में भी पूजा-अर्चना करने पहुंचे श्रद्धालु
तीर्थनगरी शुकतीर्थ में छठ पूजा के समापन पर सोमवार की सुबह महिलाओं ने सूर्योदय पर भगवान भास्कर के अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया। गंगा घाट पर सुरक्षा को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहा। जिला मुख्यालय, शुगर मिल खतौली, मंसूरपुर सहित दूरदराज से अनेक श्रद्धालु गंगा घाट पर पहुंचे।
महिलाओं ने बांस की टोकरी में पूजा की सामग्री, मौसमी फल, ठेकुआ, कसर, गन्ना आदि सामान सजाया और इसके बाद स्नान कर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पूजन किया। श्रद्धालुओं ने शुकदेव आश्रम, हनुमत धाम, गणेश धाम, शिव धाम, दुर्गा धाम के दर्शन कर भक्ति भाव से प्रसाद चढ़ाकर पूजा अर्चना भी की।