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किसानों ने हाईवे जाम कर सरकार के खिलाफ किया जोरदार प्रदर्शन
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किसानों के प्रदर्शन दौरान हाईवे पर लगे जाम में फंसे वाहन
- फोटो : DEVBAND
हाईवे जाम कर सरकार के खिलाफ गरजे किसान
देवबंद। पंजाब व हरियाणा के किसानों पर पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में सोमवार को देवबंद में भी किसानों ने सहारनपुर-मुजफ्फरनगर हाईवे पर जाम लगाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बाद में राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण की मांग की गई।
पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा के नेतृत्व में किसान हाईवे स्थित जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज पर इकट्ठा हुए। वहां से निजी वाहनों पर सवार होकर जुलूस की शक्ल में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुजफ्फरनगर चुंगी पर पहुंचे और हाईवे पर जाम लगा दिया। इसके बाद किसान एसडीएम कार्यालय पहुंच कर गुस्से का इजहार किया। एसडीएम राकेश कुमार सिंह की मार्फत राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कहा कि अब देश का किसान जाग रहा है। केंद्र सरकार के कृषि कानून देश को बर्बाद करने वाले हैं। इसलिए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने, किसानों को कर्जमुक्त करने, फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, गन्ना मूल्य 600 रुपये क्विंटल घोषित करने, बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान ब्याज सहित दिलाने, गन्ने की घटतौली रोकने, मनरेगा योजना को सीधे खेती से जोड़ने, किसानों को सस्ते दाम पर डीजल दिलाने और कृषि कार्य हेतु निशुल्क बिजली दिलाने की मांग की। राष्ट्रीय सलाहाकार हाफिज मुर्तजा त्यागी ने कहा कि प्रधानमंत्री को किसानों के साथ वार्ता कर उनकी सभी मांगे मान लेनी चाहिए। प्रदर्शन में प्रदेश महामंत्री वाजिद अली त्यागी, आसिम मलिक, गुलविंदर सिंह, गुलशेर त्यागी, कारी सईद, प्रविंद्र सिंह, संजय त्यागी, यासीन त्यागी, अखिल शर्मा, जियाउलहक, भूरा त्यागी, अभिषेक चौधरी, अमित कुमार, राजकरण, सुशील, महकार, सुरेश, मनप्रीत, महबूब आदि किसान मौजूद रहे।
हाईवे पर जाम लगने से घंटों परेशान रहे चालक
देवबंद। किसानों द्वारा सहारनपुर-मुजफ्फरनगर हाईवे पर जाम लगाने के कारण राहगीरों को घंटों परेशानी उठानी पड़ी। हाईवे पर पुल के नीचे से गुजरने वाले वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। छोटे वाहनों पर सवार कुछ लोग तो बाजार की तंग गलियों से होकर गंतव्य तक पहुंचने में सफल रहे। जाम खुलने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
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देवबंद। पंजाब व हरियाणा के किसानों पर पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में सोमवार को देवबंद में भी किसानों ने सहारनपुर-मुजफ्फरनगर हाईवे पर जाम लगाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बाद में राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण की मांग की गई।
पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा के नेतृत्व में किसान हाईवे स्थित जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज पर इकट्ठा हुए। वहां से निजी वाहनों पर सवार होकर जुलूस की शक्ल में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुजफ्फरनगर चुंगी पर पहुंचे और हाईवे पर जाम लगा दिया। इसके बाद किसान एसडीएम कार्यालय पहुंच कर गुस्से का इजहार किया। एसडीएम राकेश कुमार सिंह की मार्फत राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कहा कि अब देश का किसान जाग रहा है। केंद्र सरकार के कृषि कानून देश को बर्बाद करने वाले हैं। इसलिए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने, किसानों को कर्जमुक्त करने, फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, गन्ना मूल्य 600 रुपये क्विंटल घोषित करने, बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान ब्याज सहित दिलाने, गन्ने की घटतौली रोकने, मनरेगा योजना को सीधे खेती से जोड़ने, किसानों को सस्ते दाम पर डीजल दिलाने और कृषि कार्य हेतु निशुल्क बिजली दिलाने की मांग की। राष्ट्रीय सलाहाकार हाफिज मुर्तजा त्यागी ने कहा कि प्रधानमंत्री को किसानों के साथ वार्ता कर उनकी सभी मांगे मान लेनी चाहिए। प्रदर्शन में प्रदेश महामंत्री वाजिद अली त्यागी, आसिम मलिक, गुलविंदर सिंह, गुलशेर त्यागी, कारी सईद, प्रविंद्र सिंह, संजय त्यागी, यासीन त्यागी, अखिल शर्मा, जियाउलहक, भूरा त्यागी, अभिषेक चौधरी, अमित कुमार, राजकरण, सुशील, महकार, सुरेश, मनप्रीत, महबूब आदि किसान मौजूद रहे।
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हाईवे पर जाम लगने से घंटों परेशान रहे चालक
देवबंद। किसानों द्वारा सहारनपुर-मुजफ्फरनगर हाईवे पर जाम लगाने के कारण राहगीरों को घंटों परेशानी उठानी पड़ी। हाईवे पर पुल के नीचे से गुजरने वाले वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। छोटे वाहनों पर सवार कुछ लोग तो बाजार की तंग गलियों से होकर गंतव्य तक पहुंचने में सफल रहे। जाम खुलने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
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