{"_id":"6033fd9d8ebc3ee9002c00fc","slug":"farmers-hope-to-get-long-term-benefits-from-budget-devband-news-mrt5267027121","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकतर किसानों ने बजट को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाने वाला बताया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकतर किसानों ने बजट को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाने वाला बताया
विज्ञापन
श्यामवीर त्यागी
- फोटो : DEVBAND
किसानों को बजट से दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद
देवबंद। चुनावी वर्ष में प्रदेश सरकार ने अपने बजट में भले ही किसानों की आय दोगुना करने, उन्हें रियायती दरों पर फसली ऋण देने, बीज और सोलर पंपों की व्यवस्था जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं चलाने में हजारों करोड़ों रुपये का की व्यवस्था कर रखी है। लेकिन किसान इससे खुश नहीं हैं।
भारतीय किसान संघ के प्रदेश संयोजक श्यामवीर त्यागी ने कहा कि बजट से दीर्घकालिक लाभ होगा। बजट में किसानों की आय दोगुना करने के लिए आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना, मुख्यमंत्री कृषक दुघर्टना कल्याण योजना, फसलों की सिंचाई का मुफ्त पानी और 62 लाख 50 हजार क्विंटल बीज का वितरण के साथ सोलर पंप लगाने का जो लक्ष्य रखा है उसका आने वाले समय में किसानों को लाभ पहुंचेगा। गंझेड़ी के किसान चौधरी ओमवीर सिंह, तलहेड़ी बुजुर्ग के राकेश त्यागी, पनियाली कासिमपुर के चौधरी सुदेशपाल और बचीटी के पूर्व प्रधान मुनेश त्यागी ने कहा कि बजट तो विकसित है लेकिन किसानों को उम्मीद थी कि प्रदेश सरकार किसान सम्मान निधि में केंद्र के बराबर हिस्सा देगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान 14 दिन के भीतर कराने संबंधी प्रस्ताव भी बजट में रखना चाहिए था।
पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार का बजट किसानों को निराशा करने वाला है। बजट में किसानों की आय दोगुना करने का वादा खोखला है। गन्ने की फसल के लिए 20000 करोड रुपये की व्यवस्था किसानों के भुगतान के लिए रखनी चाहिए थी। इससे गन्ना किसानों को सीधे 200 क्विंटल गन्ने का रेट अधिक मिल जाता। बजट में सौर ऊर्जा चालित नलकूप लगाने को जो बजट आवंटित किया गया है। यह कमीशनखोरी को बढ़ावा देने वाला है। वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री यदि बजट में गन्ना किसानों के लिए 4 फीसदी की व्यवस्था कर देते तो गन्ना किसान अपना लाठियां लेकर ट्रैक्टर ट्रालियों के भाजपा के साथ पूरी ताकत से खड़े रहते, लेकिन भाजपा सरकार ने किसानों की उपेक्षा कर निराश करने का काम किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
देवबंद। चुनावी वर्ष में प्रदेश सरकार ने अपने बजट में भले ही किसानों की आय दोगुना करने, उन्हें रियायती दरों पर फसली ऋण देने, बीज और सोलर पंपों की व्यवस्था जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं चलाने में हजारों करोड़ों रुपये का की व्यवस्था कर रखी है। लेकिन किसान इससे खुश नहीं हैं।
भारतीय किसान संघ के प्रदेश संयोजक श्यामवीर त्यागी ने कहा कि बजट से दीर्घकालिक लाभ होगा। बजट में किसानों की आय दोगुना करने के लिए आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना, मुख्यमंत्री कृषक दुघर्टना कल्याण योजना, फसलों की सिंचाई का मुफ्त पानी और 62 लाख 50 हजार क्विंटल बीज का वितरण के साथ सोलर पंप लगाने का जो लक्ष्य रखा है उसका आने वाले समय में किसानों को लाभ पहुंचेगा। गंझेड़ी के किसान चौधरी ओमवीर सिंह, तलहेड़ी बुजुर्ग के राकेश त्यागी, पनियाली कासिमपुर के चौधरी सुदेशपाल और बचीटी के पूर्व प्रधान मुनेश त्यागी ने कहा कि बजट तो विकसित है लेकिन किसानों को उम्मीद थी कि प्रदेश सरकार किसान सम्मान निधि में केंद्र के बराबर हिस्सा देगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान 14 दिन के भीतर कराने संबंधी प्रस्ताव भी बजट में रखना चाहिए था।
विज्ञापन
पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार का बजट किसानों को निराशा करने वाला है। बजट में किसानों की आय दोगुना करने का वादा खोखला है। गन्ने की फसल के लिए 20000 करोड रुपये की व्यवस्था किसानों के भुगतान के लिए रखनी चाहिए थी। इससे गन्ना किसानों को सीधे 200 क्विंटल गन्ने का रेट अधिक मिल जाता। बजट में सौर ऊर्जा चालित नलकूप लगाने को जो बजट आवंटित किया गया है। यह कमीशनखोरी को बढ़ावा देने वाला है। वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री यदि बजट में गन्ना किसानों के लिए 4 फीसदी की व्यवस्था कर देते तो गन्ना किसान अपना लाठियां लेकर ट्रैक्टर ट्रालियों के भाजपा के साथ पूरी ताकत से खड़े रहते, लेकिन भाजपा सरकार ने किसानों की उपेक्षा कर निराश करने का काम किया है।
विज्ञापन