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किसानों ने हाईवे जाम किया
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर।
Updated Sat, 04 Jun 2016 12:02 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खतौली। भाकियू (भानू) के बैनर तले किसानों ने शुक्रवार को मूलभूत समस्याओं को लेकर नेशनल हाईवे जाम किया। हालांकि गरमी और लोगों की परेशानी को देखते हुए किसानों ने 25 मिनट में ही जाम खोल दिया। कुछ देर वाहनों को वाया जानसठ से भी गुजारा गया। जिलाध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर के नेतृत्व में किसानों ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इस दौरान हाईवे पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
भाकियू (भानू) की ओर से पूर्व में किसानों और आम जनता की मूलभूत समस्याओं की मांग को सरकार पर दबाव बनाकर उनको पूरा कराने को शुक्रवार को प्रदेशव्यापी नेशनल हाईवे पर चक्का जाम करने की घोषणा की गई थी। कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से चक्का जाम करने को भीड़ जुटाने की तैयारी में लगे हुए थे।
नेशनल हाईवे पर चक्का जाम करने का समय शुक्रवार सुबह 11 बजे रखा गया था। निर्धारित समय के बावजूद कार्यकर्ता किसानों को साथ लेकर 11.30 बजे तक नेशनल हाईवे पर नावला कोठी पहुंचे। जिलाध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और किसानों ने हाईवे पर चक्का जाम कर दिया।
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कुछ समय के लिए पुलिस ने वाहनों को वाया जानसठ से गुजारा। भानू कार्यकर्ता किसानों के साथ चक्का जाम कर सड़क पर धरना देकर बैठ गए। एसडीएम प्रियंका निरंजन धरने पर पहुंचीं।
जिलाध्यक्ष ने एसडीएम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम सौंपे ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि प्रदेश की जिन शुगर मिलों पर गन्ना भुगतान बकाया है, उन मिलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अविलंब भुगतान कराया जाए। ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों का किसानों को मुआवजा मिले। कांवड़ और रमजान माह में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की जाए। रजवाहों में टेल तक पानी पहुंचे। 60 वर्ष की उम्र से अधिक होने पर किसानों को पांच हजार रुपए पेंशन दिलाई जाए।
पश्चिम में हाईकोर्ट बेंच की शीघ्र स्थापना हो। सहित आठ सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा कराए जाने की मांग की। चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह विशाल आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन देने के बाद 25 मिनट मिनट बाद चक्का जाम खोल दिया गया।
मौके पर विक्रांत चौधरी, संजीव तोमर, नकुल अहलावत, संजीव त्यागी, विनोद शर्मा, योगेंद्र राठी, सगीर, जमीर अहमद, मोहम्मद काजी जिया, सकिब, रणबीर सिंह, अरशद, फिरोज खान, रविंद्र मेहरा आदि किसान शामिल रहे।
वाहन सवार गर्मी से बिलबिला उठे
खतौली। भीषण गरमी में नेशनल हाईवे पर मात्र 25 मिनट का चक्का जाम वाहन सवार लोगों के लिए कहर बन गया था। वाहनों में सवार महिलाएं एवं बच्चे भीषण गरमी की वजह से बिलबिला उठे। पुलिस को जानसठ तिराहे से जानसठ की ओर रूट डायवर्जन करना पड़ा। मेरठ की ओर से आने वाले वाहनों को जानसठ की ओर से निकाला गया।
इसके बाजवूद हाईवे पर चक्का जाम से जीटी रोड पर भी करीब एक घंटा जाम लगा रहा। जाम में वाहनों के फंसने से लोगों को गरमी में भारी मुसीबत उठानी पड़ गई। हाइवे पर भी 25 मिनट के चक्का जाम से वाहनों में सवार लोग पसीना-पसीना हो गए थे। इतना ही लोग जाम में फंसने से पानी तक को तरस गए थे। जाम खुलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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भाकियू (भानू) की ओर से पूर्व में किसानों और आम जनता की मूलभूत समस्याओं की मांग को सरकार पर दबाव बनाकर उनको पूरा कराने को शुक्रवार को प्रदेशव्यापी नेशनल हाईवे पर चक्का जाम करने की घोषणा की गई थी। कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से चक्का जाम करने को भीड़ जुटाने की तैयारी में लगे हुए थे।
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नेशनल हाईवे पर चक्का जाम करने का समय शुक्रवार सुबह 11 बजे रखा गया था। निर्धारित समय के बावजूद कार्यकर्ता किसानों को साथ लेकर 11.30 बजे तक नेशनल हाईवे पर नावला कोठी पहुंचे। जिलाध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और किसानों ने हाईवे पर चक्का जाम कर दिया।
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कुछ समय के लिए पुलिस ने वाहनों को वाया जानसठ से गुजारा। भानू कार्यकर्ता किसानों के साथ चक्का जाम कर सड़क पर धरना देकर बैठ गए। एसडीएम प्रियंका निरंजन धरने पर पहुंचीं।
जिलाध्यक्ष ने एसडीएम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम सौंपे ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि प्रदेश की जिन शुगर मिलों पर गन्ना भुगतान बकाया है, उन मिलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अविलंब भुगतान कराया जाए। ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों का किसानों को मुआवजा मिले। कांवड़ और रमजान माह में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की जाए। रजवाहों में टेल तक पानी पहुंचे। 60 वर्ष की उम्र से अधिक होने पर किसानों को पांच हजार रुपए पेंशन दिलाई जाए।
पश्चिम में हाईकोर्ट बेंच की शीघ्र स्थापना हो। सहित आठ सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा कराए जाने की मांग की। चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह विशाल आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन देने के बाद 25 मिनट मिनट बाद चक्का जाम खोल दिया गया।
मौके पर विक्रांत चौधरी, संजीव तोमर, नकुल अहलावत, संजीव त्यागी, विनोद शर्मा, योगेंद्र राठी, सगीर, जमीर अहमद, मोहम्मद काजी जिया, सकिब, रणबीर सिंह, अरशद, फिरोज खान, रविंद्र मेहरा आदि किसान शामिल रहे।
वाहन सवार गर्मी से बिलबिला उठे
खतौली। भीषण गरमी में नेशनल हाईवे पर मात्र 25 मिनट का चक्का जाम वाहन सवार लोगों के लिए कहर बन गया था। वाहनों में सवार महिलाएं एवं बच्चे भीषण गरमी की वजह से बिलबिला उठे। पुलिस को जानसठ तिराहे से जानसठ की ओर रूट डायवर्जन करना पड़ा। मेरठ की ओर से आने वाले वाहनों को जानसठ की ओर से निकाला गया।
इसके बाजवूद हाईवे पर चक्का जाम से जीटी रोड पर भी करीब एक घंटा जाम लगा रहा। जाम में वाहनों के फंसने से लोगों को गरमी में भारी मुसीबत उठानी पड़ गई। हाइवे पर भी 25 मिनट के चक्का जाम से वाहनों में सवार लोग पसीना-पसीना हो गए थे। इतना ही लोग जाम में फंसने से पानी तक को तरस गए थे। जाम खुलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।