फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Fake documents confirming the gangster's bail did not reach the police station.

Muzaffarnagar News: थाने नहीं पहुंचे गैंगस्टर की जमानत तस्दीक वाले फर्जी कागजात

Fri, 28 Nov 2025 01:52 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Nov 2025 01:52 AM IST
विज्ञापन
Fake documents confirming the gangster's bail did not reach the police station.
फर्जी जमानतियों के सहारे गैंगस्टर नीरज बाबा की जेल से रिहाई का मामला
विज्ञापन

पंकज ऐरन
मुजफ्फरनगर। फर्जी जमानतियों के सहारे गैंगस्टर नीरज बाबा उर्फ चीता के जेल की सलाखों से बाहर आने के मामले में एक और बड़ा मामला सामने आया है। जिन दो लोगों के नाम से जमानत कराने के लिए कागजात तैयार कराए गए, वे तस्दीक कराने के लिए थाने तक पहुंचे ही नहीं थे। सवाल यह भी है कि एक जमानती की मौत हो चुकी थी तो आरोपी की जमानत कराने के लिए उसके स्थान पर कोर्ट में किसे हाजिर किया गया।

पुलिस की मानें तो मेरठ के थाना रोहटा क्षेत्र के गांव अट्टा चिंदौड़ी निवासी नीरज बाबा उर्फ चीता एक शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ कई मामले पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज हैं, जिसके चलते उसके खिलाफ मुजफ्फरनगर के खतौली कोतवाली पुलिस ने 2022 में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। उसका गिरोह संगठित रूप से अपराध करता है। पुलिस ने उसे गिरोहबंद मानते हुए कार्रवाई की थी लेकिन उसके साथी उसे फर्जी जमानतियों के सहारे जमानत दिला कर जेल से रिहा करा कर ले गए।
विज्ञापन

अब सामने आया है कि हस्तिनापुर निवासी जिन दो लोगों के नाम से फर्जी कागजात तैयार कराए गए। उन्हें तस्दीक कराने के लिए संबंधित थाना हस्तिनापुर भेजना था लेकिन गिरोह के लोगों ने फर्जीवाड़ा कर कागजातों को थाने तक जाने ही नहीं दिया। बीच में ही सभी कार्रवाई पूरी कर कागजों को कोर्ट में पेश कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस सूत्रों का तो यह भी कहना है कि क्योंकि एक जमानती की मौत हो चुकी थी तो उसके स्थान पर किसी धोखेबाज व्यक्ति को जमानती बनाकर कोर्ट मेें पेश किया गया। फर्जी जमानतियों के नाम से दो अन्य मामलों में भी जमानत कराने का प्रयास किया गया था। एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि यह मामला जांच व कार्रवाई के लिए मेरठ पुलिस के पास भेजा जा रहा है।

-----
यह था मामला
तीन साल पहले मेरठ के हस्तिनापुर के रहने वाले प्रताप सिंह और उसके बड़े भाई बिलख सिंह के नाम पर गैंगस्टर के आरोपी नीरज बाबा उर्फ चीता की जमानत ली थी। जिस कारण गैंगस्टर जेल से रिहा हो गया था। मामला ट्रायल पर आने पर आरोपी व जमानती कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। गैंगस्टर कोर्ट ने एसएसपी को जमानतियों और आरोपी के सत्यापन कराने के आदेश जारी किए। तब एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत के जांच कराने पर मामला सामने आया। एक जमानती बिलख सिंह के बेटे ने पुलिस को बताया था कि उसके पिता ने जमानत नहीं ली है जबकि ताऊ प्रताप सिंह की 2008 में मौत हो चुकी है।
संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed