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नकली दवा प्रकरण: आठ माह पूर्व हुआ था फैक्टरी का निरीक्षण

Thu, 01 Jul 2021 12:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Thu, 01 Jul 2021 12:18 AM IST
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Factory inspection was done eight months ago
आठ माह पूर्व हुआ था फैक्टरी का निरीक्षण
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मुजफ्फरनगर। नकली दवाइयों के निर्माण व पैकिंग करने वाली गांव बिलासपुर स्थित फैक्टरी की वैधता में केवल दो माह का समय ही शेष रह गया था। इस फैक्टरी की स्थानीय प्रशासन द्वारा जांच भी करीब आठ माह पूर्व हुई थी, जिसमें सब कुछ ओके पाया गया था। अफसरों का दावा है कि निरीक्षण के समय फैक्टरी में लाखों कीमत की मशीनें नहीं थीं।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव बिलासपुर में जिस फैक्टरी में नकली दवाइयां बनतीं पाई गईं, उसका पंजीकरण आयुर्वेदिक चिकित्सा विभाग में है। आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रभारी डॉ इसमपाल सिंह ने बताया कि इस फैक्टरी में केवल चूरण और एक आयुर्वेदिक दवाई बनाने के लिए अनुमति दी गई थी। फैक्टरी की वैधता केवल दो माह ही बची रह गई है। उन्होंने बताया कि आखिरी बार करीब आठ माह पूर्व उन्होंने खुद ही इस फैक्टरी का निरीक्षण किया था, जिसमें कहीं कोई खामी नहीं पाई गई थी। उन्होंने दावा किया कि निरीक्षण के दौरान इस फैक्टरी में भारी-भरकम मशीनें भी नहीं थीं। इससे साफ है कि कोरोना के समय लाखों मुनाफा कमाने के लिए आठ माह की अवधि में ही इन मशीनों को फैक्टरी में लगाया गया था। वहीं, महमूदनगर में पकड़ी गईं कैप्सूल निर्माण की फैक्टरी का कहीं भी किसी तरह का कोई पंजीकरण नहीं कराया गया था।
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कोर्ट में पेश की गई सीजर रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर। नकली दवा प्रकरण में बुधवार को जिला औषधि विभाग द्वारा संबंधित कोर्ट में सीजर रिपोर्ट पेश की गई। औषधि निरीक्षक लवकुश प्रसाद ने बताया कि चार दिन में नकली दवा के मामले में जो भी कार्रवाई की गई है, उसकी एक रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। इसमें दवा फैक्टरियों से बरामद सभी मशीनों के साथ ही बरामद की गईं दवाइयों की भी सीजर रिपोर्ट तैयार की गई। इसमें सभी मशीनों के संबंध में सभी जानकारियां कोर्ट को दी गई, यानि कुल बरामदगी और बरामद माल कहां रखा गया है। इन सभी को सीजर रिपोर्ट में शामिल किया गया है। अब कोर्ट के आदेश पर ही इस मामले में कार्रवाई की जा सकेगी।
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