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मुजफ्फरनगर जिले में बसपा में बढ़ी गुटबाजी
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मुजफ्फरनगर जिले में बसपा में बढ़ी गुटबाजी
मुजफ्फरनगर। अनुशासित पार्टी मानी जाने वाली बसपा जिले में इस समय गुटबाजी की शिकार है। पूर्व जिलाध्यक्ष कमल गौतम को लेकर पार्टी के नेता दो गुटो में बंटे हैं। मायावती के जन्मदिन से पहले कमल गौतम पर अवैध वसूली के आरोप लगाए गए और अगले दिन जन्मदिन के कार्यक्रम में वह मंच पर नजर आए। वर्तमान जिलाध्यक्ष और पूर्व जिलाध्यक्ष में सीधे वर्चस्व की लड़ाई प्रारंभ हो गई है।
बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे कमल गौतम ने अपने कार्यकाल के दौरान खतौली क्षेत्र के ब्रिजेश लोहड्डा को पार्टी से निकाल दिया था। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे थे। बाद में उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पार्टी कार्यालय पर कमल गौतम के विरुद्ध प्रदर्शन किया था। पार्टी हाईकमान ने कमल गौतम को जिलाध्यक्ष पद से हटाते हुए बाद में एक साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। ब्रिजेश लोहड्डा का निष्कासन वापिस हो गया था। बसपा का जिलाध्यक्ष सतीश कुमार को बनाया गया और कमल गौतम की वापसी नहीं होने दी गई।
इस बीच पार्टी के कुछ बड़े नेताओं ने दोनों गुटों को बराबर किए रखा। हाल ही में मायावती के जन्मदिन से एक दिन पहले 14 जनवरी को बसपा जिलाध्यक्ष की तरफ से एक विज्ञप्ति जारी की गई जिसमें कमल गौतम पर बसपा के नाम पर वसूली का आरोप लगाया गया। यह भी कहा गया कि वह निष्कासित हैं उनका बसपा से कोई लेना देना नहीं है। लोगों को आश्चर्य तब हुआ जब अगले दिन शुक्रवार को मायावती के जन्मदिन पर कमल गौतम मंच पर नजर आए। वहीं 16 जनवरी को कमल गौतम के आवास पर दलित और पिछड़े समाज की एक बैठक हुई जिसमें पार्टी के ही कुछ लोगों पर पार्टी और संगठन को कमजोर करने का आरोप लगाया गया।
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कमल गौतम का कहना है कि वह बसपा के समर्पित कार्यकर्ता है और बसपा में ही है। पार्टी के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उनकी छवि को खराब करने के लिए उन्हें बदनाम करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। उधर, बसपा जिलाध्यक्ष सतीश कुमार का कहना है कमल गौतम एक साल से पार्टी से निष्कासित हैं। मायावती के जन्मदिन के कार्यक्रम में मंच पर बैठने पर उन्होंने कहा कि जन्मदिन तो कोई भी मना सकता है।
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मुजफ्फरनगर। अनुशासित पार्टी मानी जाने वाली बसपा जिले में इस समय गुटबाजी की शिकार है। पूर्व जिलाध्यक्ष कमल गौतम को लेकर पार्टी के नेता दो गुटो में बंटे हैं। मायावती के जन्मदिन से पहले कमल गौतम पर अवैध वसूली के आरोप लगाए गए और अगले दिन जन्मदिन के कार्यक्रम में वह मंच पर नजर आए। वर्तमान जिलाध्यक्ष और पूर्व जिलाध्यक्ष में सीधे वर्चस्व की लड़ाई प्रारंभ हो गई है।
बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे कमल गौतम ने अपने कार्यकाल के दौरान खतौली क्षेत्र के ब्रिजेश लोहड्डा को पार्टी से निकाल दिया था। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे थे। बाद में उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पार्टी कार्यालय पर कमल गौतम के विरुद्ध प्रदर्शन किया था। पार्टी हाईकमान ने कमल गौतम को जिलाध्यक्ष पद से हटाते हुए बाद में एक साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। ब्रिजेश लोहड्डा का निष्कासन वापिस हो गया था। बसपा का जिलाध्यक्ष सतीश कुमार को बनाया गया और कमल गौतम की वापसी नहीं होने दी गई।
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इस बीच पार्टी के कुछ बड़े नेताओं ने दोनों गुटों को बराबर किए रखा। हाल ही में मायावती के जन्मदिन से एक दिन पहले 14 जनवरी को बसपा जिलाध्यक्ष की तरफ से एक विज्ञप्ति जारी की गई जिसमें कमल गौतम पर बसपा के नाम पर वसूली का आरोप लगाया गया। यह भी कहा गया कि वह निष्कासित हैं उनका बसपा से कोई लेना देना नहीं है। लोगों को आश्चर्य तब हुआ जब अगले दिन शुक्रवार को मायावती के जन्मदिन पर कमल गौतम मंच पर नजर आए। वहीं 16 जनवरी को कमल गौतम के आवास पर दलित और पिछड़े समाज की एक बैठक हुई जिसमें पार्टी के ही कुछ लोगों पर पार्टी और संगठन को कमजोर करने का आरोप लगाया गया।
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कमल गौतम का कहना है कि वह बसपा के समर्पित कार्यकर्ता है और बसपा में ही है। पार्टी के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उनकी छवि को खराब करने के लिए उन्हें बदनाम करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। उधर, बसपा जिलाध्यक्ष सतीश कुमार का कहना है कमल गौतम एक साल से पार्टी से निष्कासित हैं। मायावती के जन्मदिन के कार्यक्रम में मंच पर बैठने पर उन्होंने कहा कि जन्मदिन तो कोई भी मना सकता है।