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बारिश से किसानों से खिले चेहरे, धान की रोपाई शुरू
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सिखेड़ा क्षेत्र में एक खेत में धान की रोपाई करते किसान।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
बारिश से किसानों से खिले चेहरे, धान की रोपाई शुरू
मुजफ्फरनगर। इस बार मानसून समय पर आ गया है। बुधवार को हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। हालांकि बारिश का असर पूरे जिले में नहीं रहा, लेकिन जहां भी बारिश हुई वहां फसलों के लिए काफी लाभदायक रही। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून समय पर आने से फसल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है।
बुधवार दोपहर में जिले के अधिकांश हिस्से में अच्छी बारिश हुई, जबकि मोरना और भोपा क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हुई। इस बार मानसून समय पर आया है। इससे किसानों में खुशी की लहर है। उप निदेशक कृषि जसवीर तेवतिया का कहना है कि धान की नर्सरी तैयार हो गई है। बारिश होने से किसानों को धान की रोपाई के लिए सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही गन्ने, चारे एवं आम की फसल को भी फायदा है। अब तक आम अच्छा नहीं आ रहा था, लेकिन बारिश के बाद इसकी क्वलिटी में सुधार होगा। मानसून का समय पर आना अच्छा संकेत है। इस सीजन की जो भी फसल है उसे लाभ ही है।
सब्जी की खेती को हो सकता है नुकसान
गंगा खादर में लगी पलेज एवं सब्जी की खेती को ज्यादा बारिश नुकसान पहुंचाएगी। इस समय खीरा, टिंडा, लौकी, करेला, भिंडी, तुरई, हरी मिर्च, खरबूजा, तरबूज आदि की फसलें खड़ी हैं। बारिश होने से खादर क्षेत्र में पानी आ जाने से पलेज नष्ट हो जाएगी। हालांकि इस समय पलेज का अंतिम समय चल रहा है।
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16.6 मिमी हुई बारिश
बुधवार दोपहर 16.6 मिमी बारिश हुई। कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। हालांकि दोपहर बाद उमस बढ़ गई। जिले में अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री तथा न्यूनतम 26 डिग्री रिकार्ड किया गया।
इस समय सब्जी को छोड़कर कोई ऐसी फसल नहीं है जिसे बारिश से नुकसान हो। मानसून समय पर आया है। इसका किसानों को लाभ ही लाभ है। धान की नर्सरी तैयार हो गई है। कुछ किसानों ने रोपाई भी शुरू कर दी है। - जसवीर तेवतिया, उप निदेशक कृषि।
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मुजफ्फरनगर। इस बार मानसून समय पर आ गया है। बुधवार को हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। हालांकि बारिश का असर पूरे जिले में नहीं रहा, लेकिन जहां भी बारिश हुई वहां फसलों के लिए काफी लाभदायक रही। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून समय पर आने से फसल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है।
बुधवार दोपहर में जिले के अधिकांश हिस्से में अच्छी बारिश हुई, जबकि मोरना और भोपा क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हुई। इस बार मानसून समय पर आया है। इससे किसानों में खुशी की लहर है। उप निदेशक कृषि जसवीर तेवतिया का कहना है कि धान की नर्सरी तैयार हो गई है। बारिश होने से किसानों को धान की रोपाई के लिए सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही गन्ने, चारे एवं आम की फसल को भी फायदा है। अब तक आम अच्छा नहीं आ रहा था, लेकिन बारिश के बाद इसकी क्वलिटी में सुधार होगा। मानसून का समय पर आना अच्छा संकेत है। इस सीजन की जो भी फसल है उसे लाभ ही है।
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सब्जी की खेती को हो सकता है नुकसान
गंगा खादर में लगी पलेज एवं सब्जी की खेती को ज्यादा बारिश नुकसान पहुंचाएगी। इस समय खीरा, टिंडा, लौकी, करेला, भिंडी, तुरई, हरी मिर्च, खरबूजा, तरबूज आदि की फसलें खड़ी हैं। बारिश होने से खादर क्षेत्र में पानी आ जाने से पलेज नष्ट हो जाएगी। हालांकि इस समय पलेज का अंतिम समय चल रहा है।
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16.6 मिमी हुई बारिश
बुधवार दोपहर 16.6 मिमी बारिश हुई। कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। हालांकि दोपहर बाद उमस बढ़ गई। जिले में अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री तथा न्यूनतम 26 डिग्री रिकार्ड किया गया।
इस समय सब्जी को छोड़कर कोई ऐसी फसल नहीं है जिसे बारिश से नुकसान हो। मानसून समय पर आया है। इसका किसानों को लाभ ही लाभ है। धान की नर्सरी तैयार हो गई है। कुछ किसानों ने रोपाई भी शुरू कर दी है। - जसवीर तेवतिया, उप निदेशक कृषि।