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बजट में उद्यमियों ने जताई सहयोग की आस

Sat, 29 Jan 2022 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jan 2022 11:54 PM IST
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Entrepreneurs expressed hope of cooperation in the budget
विपुल भटनागर। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
बजट में उद्यमियों ने जताई सहयोग की आस
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मुजफ्फरनगर। जिले के उद्यमियों को बजट में सरकार से उम्मीद है। यहां के पेपर उद्योग के सामने केंटर के भाड़े से लेकर इंपोर्ट होने वाले कागज पर अधिक ड्यूटी बड़ी समस्या है। बिजली की आपूर्ति बाधित होने से उद्योगों को समस्या का सामना करना पड़ता है। एनसीआर में गैस से फैक्ट्री चलाने के आदेश ने उद्यमियों को तनाव में डाल दिया है। इस ईंधन पर चार गुना खर्च आता है।
आईआईए के एनसीआर चैप्टर के चेयरमैन प्रमुख उद्यमी कुशपुरी का कहना है कि इस समय उद्योगों के सामने सबसे बड़ी समस्या केंटर का किराया बढ़ना है। भाड़ा बढ़ जाने से खर्च बढ़ गया है। इस समय एक केंटर पर छह हजार और 12 हजार की सब्सिडी मिल रही है। हम इसे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। बजट में इसकी सुविधा दी जानी चाहिए।
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आईआईए के मुजफ्फरनगर के चैप्टर के चेयरमैन विपुल भटनागर का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में जो जमीन उद्यमियों को लीज पर मिली है, उसे फ्री होल्ड किया जाना चाहिए। यह मांग काफी लंबे समय से चल रही है। प्राधिकरण का चार्ज बहुत अधिक है यह भी कम होना चाहिए।
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पेपर उद्योग से जुडे़ उद्यमी अमित गर्ग का कहना है कि कच्चा पेपर विदेशों से आयात होता है। इस पर इंपोर्ट ड्यूटी कम होनी चाहिए। जो सब्सिडी नई फैक्ट्रियों को मिलती है उसका लाभ पुरानी को भी होना चाहिए। एनसीआर में गैस से फैक्ट्री चलाने का प्रस्ताव वापिस होना चाहिए। विद्युत आपूर्ति निर्बाध होनी चाहिए।
गुड मंडी एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी का कहना है कि मंडी में टैक्स कम होना चाहिए। मध्यप्रदेश और हरियाणा की तरह 50 पैसे टैक्स लिया जाना चाहिए। इससे मंडी शुल्क की चोरी अपने आप कम हो जाएगी। सरकार को बजट में इसका प्रावधान करना चाहिए।

उद्योगों की प्रमुख पांच समस्या
- निर्बाध विद्युत आपूर्ति नहीं हो पाना
- कैंटर का भाड़ा बढ़ने से खर्चा बढ़ जाना
- विकास प्राधिकरण का चार्ज अत्यधिक होना
- विद्युत दरें उत्तराखंड, हिमाचल से अधिक
- पेपर पर इंपोर्ट ड्यूटी अधिक होना
उद्यमियों की पांच प्रमुख मांगे
- एनसीआर में गैस से फैक्ट्री चलाने का आदेश रद्द हो
- विकास प्राधिकरण के शुल्क को सरकार कम करे
- नई फैक्ट्रियों को दी जाने वाली सब्सिडी की स्कीम पुरानी को भी दे
- कैंटर के भाड़े पर मिलने वाली सब्सिडी को बढ़ाया जाए
- औद्योगिक क्षेत्र की लीज की भूमि को फ्री होल्ड किया जाए

श्याम सिंह सैनी।

श्याम सिंह सैनी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

कुशपुरी।

कुशपुरी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

अमित गर्ग।

अमित गर्ग।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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