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भाकियू का भुगतान के लिए मिल गेट पर धरना
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:50 AM IST
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मंसूरपुर चीनी मिल के बाहर धरना देते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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मंसूरपुर में भाकियू ने किसानों का बकाया गन्ना भुगतान कराने की मांग को लेकर मंसूरपुर मिल गेट पर धरना दिया। धरने पर पहुुंचे मिल अधिकारियों को किसानों ने धरने पर अपने बीच घंटों बैठाया रखा। बाद में मिल प्रशासन के 31 मार्च तक का भुगतान बृहस्पतिवार की सुबह तक करने तथा बाकी खतौली शुगर मिल के बराबर सात दिन में भुगतान करने के आश्वासन पर धरना समाप्त हो सका। इस दौरान किसानों ने धरने पर पहुंचे एडीएम तथा सिटी मजिस्ट्रेट के सामने मंसूरपुर रेलवे फाटक पर अंडरपास का मुद्दा भी उठाया। दोनों अधिकारियों ने समस्या को गंभीर मानते हुए समाधान का आश्वासन दिया। मिल गेट पर घंटों चले धरने का लेकर जाम लगा रहा। वाहन धीरे-धीरे रेंगते रहे।
भाकियू के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष चंद्रपाल फौजी के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ता व किसान काफिले के रूप में मंसूरपुर मिल गेट पर पहुंचे। मिल गेट पर किसान धरना देकर बैठ गए। धरने की सूचना पर शुगर मिल के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार दीक्षित, गन्ना महाप्रबंधक बलधारी सिंह तथा फैक्ट्री मैनेजर ओएन तिवारी धरने पर पहुंचे। किसानों ने मिल अधिकारियों को अपने बीच बैठा लिया। मिल के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार दीक्षित ने धरने पर घोषणा करते हुए कहा कि 31 मार्च तक का भुगतान आज शाम तक या बृहस्पतिवार की सुबह तक कर दिया जाएगा।
इस घोषणा से किसान संतुष्ट नहीं हुए और मिल अधिकारों से कहा कि दोबारा जाकर अपने मालिक से बात करो। किसानों को जिस तारीख तक का खतौली शुगर मिल ने भुगतान किया है, उस तारीख तक का भुगतान चाहिए। किसानों के धरना की सूचना पर एडीएम अमत सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी तथा रेलवे के अभियंता प्रवीण कुमार भी पहुंचे। चंद्रपाल फौजी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि किसान बगैर भुगतान के स्कूल में बच्चों की फीस नहीं दे पा रहे हैं।
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मिल अधिकारी बार बार झूठे आश्वासन दे रहे हैं। शुगर मिल के उपाध्यक्ष ने दोबारा किसानों के बीच कहा कि सरकार से हमें बिजली का पैसा मिलने वाला है, जो सीधा किसानों के खाते में जाएगा। इसके लिए तीन दिन का समय और चाहिए। एडीएम ने मिल उपाध्यक्ष से कहा कि वे तीन दिन की बजाए सात दिन का समय लें, लेकिन किसानों की मांग के अनुसार खतौली शुगर मिल रमिल ने चार अप्रैल तक का भुगतान कर दिया है। वे भी चार अप्रैल तक के भुगतान करने की व्यवस्था कर लें। एडीएम की बात से किसान भी सहमत हो गए। इस पर भाकियू ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।
अंडरपास की समस्या विकट
एडीएम ने कहा की मंसूरपुर रेलवे फाटक पर अंडरपास की समस्या गंभीर है। किसानों का गन्ना शुगर मिल में आना भी बहुत जरूरी है। रेलवे के अभियंता प्रवीण कुमार ने बताया कि अंडरपास की चौड़ाई 13 फुट तथा ऊंचाई 8 फुट है। इस पर किसानों ने कहा कि इतनी ऊंचाई के अंडरपास से गन्नों के वाहन नहीं निकल सकते। एडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि जब तक शुगर मिल में गन्ने वाहन आने का कोई इंतजाम नहीं होता, तब तक रेलवे फाटक बंद नहीं होगा। इसके लिए उच्चाधिकारियों से बातचीत करके समस्या का समाधान कराया जाएगा।
धरने पर संजीव राठी, राजीव तोमर, चेयरमैन अरुण बालियान, रुपेंद्र चेयरमैन, मनोज डायरेक्टर, रविंद्र काकड़ा, नवीन सहरावत, कुलवीर, जगपाल जोहरा, राजेश्वर आर्य, इंदर भगत जी, ओमपाल मोघपुर, अनुज पहलवान, अंतरवीर, जानसठ ब्लाक अध्यक्ष बिट्टू ठाकुर, लक्ष्मण सिंह, ब्रह्म सिंह, सुनील पहलवान, टीटू राठी, नीलू चौधरी आदि मौजूद रहे।
गन्ना महाप्रबंधक व परिषद संचालक के बीच नोंकझोक
मंसूरपुर। शुगर मिल गेट पर चल रहे धरने के दौरान गन्ना महाप्रबंधक और परिषद डायरेक्टर के बीच रेलवे फाटक के खुले रहने की अवधि को लेकर नोकझोंक हो गई। पुलिस तथा जिम्मेदार लोगों ने दोनों को शांत कराया। मंसूरपुर में बुधवार को बकाया गन्ना भुगतान को लेकर शुगर मिल गेट पर भाकियू का धरना चल रहा था। धरने में एडीएम अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, जिला गन्ना अधिकारी आरडी द्विवेदी तथा मंसूरपुर थाना प्रभारी केपीएस चाहल मौजूद थे।
धरने को मंसूरपुर गन्ना परिषद के डायरेक्टर जगपाल सिंह संबोधित कर रहे थे। पेराई सत्र के दौरान मंसूरपुर रेलवे फाटक के खुले रहने के समय को लेकर दोनों में नोकझोंक हो गई। नोकझोंक के दौरान धरने में बैठे सभी लोग उठ खड़े हो गए। थाना प्रभारी केपीएस चाहल तुरंत किसानों के बीच पहुंचे। थाना प्रभारी तथा भाकियू नेता चंद्रपाल फौजी और अन्य किसानों ने दोनों को शांत कराया।
धरने के दौरान इस तरह की नोकझोंक पर भाकियू नेता चंद्रपाल फौजी ने नाराजगी भी जताई। शुगर मिल के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार दीक्षित का कहना है कि गन्ना प्रबंधक बलधारी सिंह व डायरेक्टर जगपाल सिंह दोनों एक ही बात कह रहे थे, आपस में गलतफहमी हो गई थी। जिसको लेकर दोनों में बहस हो गई।
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भाकियू के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष चंद्रपाल फौजी के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ता व किसान काफिले के रूप में मंसूरपुर मिल गेट पर पहुंचे। मिल गेट पर किसान धरना देकर बैठ गए। धरने की सूचना पर शुगर मिल के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार दीक्षित, गन्ना महाप्रबंधक बलधारी सिंह तथा फैक्ट्री मैनेजर ओएन तिवारी धरने पर पहुंचे। किसानों ने मिल अधिकारियों को अपने बीच बैठा लिया। मिल के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार दीक्षित ने धरने पर घोषणा करते हुए कहा कि 31 मार्च तक का भुगतान आज शाम तक या बृहस्पतिवार की सुबह तक कर दिया जाएगा।
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इस घोषणा से किसान संतुष्ट नहीं हुए और मिल अधिकारों से कहा कि दोबारा जाकर अपने मालिक से बात करो। किसानों को जिस तारीख तक का खतौली शुगर मिल ने भुगतान किया है, उस तारीख तक का भुगतान चाहिए। किसानों के धरना की सूचना पर एडीएम अमत सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी तथा रेलवे के अभियंता प्रवीण कुमार भी पहुंचे। चंद्रपाल फौजी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि किसान बगैर भुगतान के स्कूल में बच्चों की फीस नहीं दे पा रहे हैं।
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मिल अधिकारी बार बार झूठे आश्वासन दे रहे हैं। शुगर मिल के उपाध्यक्ष ने दोबारा किसानों के बीच कहा कि सरकार से हमें बिजली का पैसा मिलने वाला है, जो सीधा किसानों के खाते में जाएगा। इसके लिए तीन दिन का समय और चाहिए। एडीएम ने मिल उपाध्यक्ष से कहा कि वे तीन दिन की बजाए सात दिन का समय लें, लेकिन किसानों की मांग के अनुसार खतौली शुगर मिल रमिल ने चार अप्रैल तक का भुगतान कर दिया है। वे भी चार अप्रैल तक के भुगतान करने की व्यवस्था कर लें। एडीएम की बात से किसान भी सहमत हो गए। इस पर भाकियू ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।
अंडरपास की समस्या विकट
एडीएम ने कहा की मंसूरपुर रेलवे फाटक पर अंडरपास की समस्या गंभीर है। किसानों का गन्ना शुगर मिल में आना भी बहुत जरूरी है। रेलवे के अभियंता प्रवीण कुमार ने बताया कि अंडरपास की चौड़ाई 13 फुट तथा ऊंचाई 8 फुट है। इस पर किसानों ने कहा कि इतनी ऊंचाई के अंडरपास से गन्नों के वाहन नहीं निकल सकते। एडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि जब तक शुगर मिल में गन्ने वाहन आने का कोई इंतजाम नहीं होता, तब तक रेलवे फाटक बंद नहीं होगा। इसके लिए उच्चाधिकारियों से बातचीत करके समस्या का समाधान कराया जाएगा।
धरने पर संजीव राठी, राजीव तोमर, चेयरमैन अरुण बालियान, रुपेंद्र चेयरमैन, मनोज डायरेक्टर, रविंद्र काकड़ा, नवीन सहरावत, कुलवीर, जगपाल जोहरा, राजेश्वर आर्य, इंदर भगत जी, ओमपाल मोघपुर, अनुज पहलवान, अंतरवीर, जानसठ ब्लाक अध्यक्ष बिट्टू ठाकुर, लक्ष्मण सिंह, ब्रह्म सिंह, सुनील पहलवान, टीटू राठी, नीलू चौधरी आदि मौजूद रहे।
गन्ना महाप्रबंधक व परिषद संचालक के बीच नोंकझोक
मंसूरपुर। शुगर मिल गेट पर चल रहे धरने के दौरान गन्ना महाप्रबंधक और परिषद डायरेक्टर के बीच रेलवे फाटक के खुले रहने की अवधि को लेकर नोकझोंक हो गई। पुलिस तथा जिम्मेदार लोगों ने दोनों को शांत कराया। मंसूरपुर में बुधवार को बकाया गन्ना भुगतान को लेकर शुगर मिल गेट पर भाकियू का धरना चल रहा था। धरने में एडीएम अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, जिला गन्ना अधिकारी आरडी द्विवेदी तथा मंसूरपुर थाना प्रभारी केपीएस चाहल मौजूद थे।
धरने को मंसूरपुर गन्ना परिषद के डायरेक्टर जगपाल सिंह संबोधित कर रहे थे। पेराई सत्र के दौरान मंसूरपुर रेलवे फाटक के खुले रहने के समय को लेकर दोनों में नोकझोंक हो गई। नोकझोंक के दौरान धरने में बैठे सभी लोग उठ खड़े हो गए। थाना प्रभारी केपीएस चाहल तुरंत किसानों के बीच पहुंचे। थाना प्रभारी तथा भाकियू नेता चंद्रपाल फौजी और अन्य किसानों ने दोनों को शांत कराया।
धरने के दौरान इस तरह की नोकझोंक पर भाकियू नेता चंद्रपाल फौजी ने नाराजगी भी जताई। शुगर मिल के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार दीक्षित का कहना है कि गन्ना प्रबंधक बलधारी सिंह व डायरेक्टर जगपाल सिंह दोनों एक ही बात कह रहे थे, आपस में गलतफहमी हो गई थी। जिसको लेकर दोनों में बहस हो गई।