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आठ मिनट की चर्चा में सत्ता के समीकरण पर गुप्तगु
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मुजफ्फरनगर के प्रेमपुरी में पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक के आवास पर पूर्व विधायक पंकज मलिक से मुलाक?
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक के घर पर 35 मिनट रहे। उन्होंने घर पर ही भोजन किया और हरेंद्र और पंकज से आठ मिनट अकेले में बात की। इस बातचीत में मुजफ्फरनगर शामली सहित पश्चिम के जातीय समीकरणों पर चर्चा हुई।
बुढ़ाना में आयोजित कश्यप महासम्मेलन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिललेश यादव पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक के आवास पर पहुंचे। हरेंद्र मलिक हाल ही में कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं। हालांकि वह पहले भी सपा में रह चुके हैं। हरेंद्र मलिक और उनके बेटे पंकज मलिक का शामली और मुजफ्फरनगर की राजनीति में न केवल खासा कद है, बल्कि वह पश्चिमी क्षेत्र के प्रभावशाली जाट नेताओं में भी गिने जाते हैं।
हरेंद्र मालिक के सपा में शामिल होने के बाद निश्चित रूप से विधानसभा चुनाव में सपा को फायदा मिलेगा। हरेंद्र के सपा में आने के बाद चरथावल सीट पर भी उनके बेटे की दावेदारी सपा से मजबूत मानी जा रही है। हालांकि रालोद से सीटों के बंटवारे पर बात अभी अटकी हुई है। बृहस्पतिवार को हरेंद्र मलिक के आवास पर अखिलेश यादव आधा घंटे से भी ज्यादा रहे। लेकिन इस प्रवास में सबसे ज्यादा अहम वह आठ मिनट रहे, जिसमें उन्होंने बंद कमरे में हरेंद्र और पंकज मलिक से गोपनीय वार्ता की। सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव ने शामली और मुजफ्फरनगर दोनों की विधानसभाओं पर हरेंद्र मलिक से चर्चा की।
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बुढ़ाना में आयोजित कश्यप महासम्मेलन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिललेश यादव पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक के आवास पर पहुंचे। हरेंद्र मलिक हाल ही में कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं। हालांकि वह पहले भी सपा में रह चुके हैं। हरेंद्र मलिक और उनके बेटे पंकज मलिक का शामली और मुजफ्फरनगर की राजनीति में न केवल खासा कद है, बल्कि वह पश्चिमी क्षेत्र के प्रभावशाली जाट नेताओं में भी गिने जाते हैं।
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हरेंद्र मालिक के सपा में शामिल होने के बाद निश्चित रूप से विधानसभा चुनाव में सपा को फायदा मिलेगा। हरेंद्र के सपा में आने के बाद चरथावल सीट पर भी उनके बेटे की दावेदारी सपा से मजबूत मानी जा रही है। हालांकि रालोद से सीटों के बंटवारे पर बात अभी अटकी हुई है। बृहस्पतिवार को हरेंद्र मलिक के आवास पर अखिलेश यादव आधा घंटे से भी ज्यादा रहे। लेकिन इस प्रवास में सबसे ज्यादा अहम वह आठ मिनट रहे, जिसमें उन्होंने बंद कमरे में हरेंद्र और पंकज मलिक से गोपनीय वार्ता की। सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव ने शामली और मुजफ्फरनगर दोनों की विधानसभाओं पर हरेंद्र मलिक से चर्चा की।
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