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जगराता कलाकारों के सामने आर्थिक संकट
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रोहताश।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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जगराता कलाकारों के सामने आर्थिक संकट
मुजफ्फरनगर, भोपा। कोरोना वायरस के चलते लागू किए गए लॉकडाउन ने माता का जगराता करने वाले कलाकारों के समक्ष भी आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है।
भोपा व आसपास क्षेत्र के बड़ी संख्या में युवा कलाकार जागरण मंडली से जुड़े हुए हैं, जिनके रोजगार का एकमात्र साधन माता रानी के जगराते ही होते हैं। लॉकडाउन के चलते करीब ढाई माह से जागरण नहीं हो रहे हैं और आगे भी लंबे समय तक इनके आयोजन की कोई राह नहीं है। ऐसे में जगराता कलाकारों के रोजगार ठप हो चुके हैं। भजन गायक संजीव गिल का कहना है कि माता के जगराते से सिंगर के साथ ही इंस्ट्रूमेंट बजाने वाले और झांकी कलाकारों सहित साउंड व दरबार के भी सैकड़ों कलाकार जुड़े हुए हैं, जिनके परिवार की इससे रोजी-रोटी चलती है। लॉकडाउन से इन सभी के रोजगार ठप हो चुके हैं, जिनके लिए आर्थिक सहायता जरूरी है। सिंगर सतेंद्र उर्फ मेडिकल का कहना है कि कोरोना के चलते लागू किए गए लॉकडाउन से उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट उत्पन्न हो गया है। शासन को उनके लिए भी गाइड लाइन जारी करनी चाहिए, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग के साथ माता के जगराते के आयोजन को भी हरी झंडी मिलनी जरूरी है। भजन गायक रोहताश कुमार, दिनेश कुमार, सतीश हंसराज, सुनील, विशाल, ललित मनारिया, सोनू, पूनम व सरला आदि कलाकारों ने भी शासन-प्रशासन से जगराते शुरू कराए जाने की मांग की है।
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मुजफ्फरनगर, भोपा। कोरोना वायरस के चलते लागू किए गए लॉकडाउन ने माता का जगराता करने वाले कलाकारों के समक्ष भी आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है।
भोपा व आसपास क्षेत्र के बड़ी संख्या में युवा कलाकार जागरण मंडली से जुड़े हुए हैं, जिनके रोजगार का एकमात्र साधन माता रानी के जगराते ही होते हैं। लॉकडाउन के चलते करीब ढाई माह से जागरण नहीं हो रहे हैं और आगे भी लंबे समय तक इनके आयोजन की कोई राह नहीं है। ऐसे में जगराता कलाकारों के रोजगार ठप हो चुके हैं। भजन गायक संजीव गिल का कहना है कि माता के जगराते से सिंगर के साथ ही इंस्ट्रूमेंट बजाने वाले और झांकी कलाकारों सहित साउंड व दरबार के भी सैकड़ों कलाकार जुड़े हुए हैं, जिनके परिवार की इससे रोजी-रोटी चलती है। लॉकडाउन से इन सभी के रोजगार ठप हो चुके हैं, जिनके लिए आर्थिक सहायता जरूरी है। सिंगर सतेंद्र उर्फ मेडिकल का कहना है कि कोरोना के चलते लागू किए गए लॉकडाउन से उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट उत्पन्न हो गया है। शासन को उनके लिए भी गाइड लाइन जारी करनी चाहिए, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग के साथ माता के जगराते के आयोजन को भी हरी झंडी मिलनी जरूरी है। भजन गायक रोहताश कुमार, दिनेश कुमार, सतीश हंसराज, सुनील, विशाल, ललित मनारिया, सोनू, पूनम व सरला आदि कलाकारों ने भी शासन-प्रशासन से जगराते शुरू कराए जाने की मांग की है।

सतेन्द्र उर्फ मैडिकल।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

संजीव गिल।- फोटो : MUZAFFARNAGAR