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Muzaffarnagar News: शहर में बिना रूट के दौड़ रही हैं ई-रिक्शा
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नगर के महावीर चौक पर खड़ी ई रिक्शा फोटो संवाद
मुजफ्फरनगर। नगर में ई-रिक्शा बिना रूट के दौड़ रही हैं। कई बार रूट बनाने के लिए बैठक भी हुईं। डीएम भी बैठक कर रूट बनाने के आदेश दे चुके हैं लेकिन ये आदेश बैठक से आगे नहीं बढ़ पाए। यातायात पुलिस ने जल्द रूट बनाने के दावे कर चुकी है लेकिन सभी दावे खोखले ही साबित हो रहे हैैं।
जिले केे परिवहन विभाग कार्यालय में 12 हजार ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनमें से 50 प्रतिशत ई-रिक्शा नगर व आसपास क्षेत्र में चल रही हैं। इन ई-रिक्शाओं को चालक सुबह से ही दौड़ाना शुरू कर देते हैं। नगर का ऐसा कोई चौराहा व सड़क ऐसी नहीं दिखाई देती, जहां ई-रिक्शा बेतरतीब तरीके से न दौड़ रही हों। इनके कारण नगर में जाम के हालात भी बने रहते हैं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इन हालातों को देखते हुए प्रशासन ने ई-रिक्शाओं के रूट तय करने का निर्णय किया था लेकिन लंबे समय से रूट निर्धारित करने की प्रक्रिया को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। ई- रिक्शाओं के चालकों ने रूट बनाए जाने का विरोध भी जताया था।
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n समिति बनी लेकिन नहीं बने रूट : ई-रिक्शाओं के रूट बनाने के लिए अधिकारियों की समिति बनाई गई। डीएम ने भी कई बार परिवहन विभाग, यातायात पुलिस व नगर पालिका के अधिकारियों की बैठक की, जिसमें ई-रिक्शाओं के रूट बनाने के लिए आदेश दिए गए। डेढ़ साल पहले तो रिक्शाओं की छतों पर नीला, पीला रंग कराकर उन्हें विभिन्न रूटों पर चलाने का निर्णय लिया गया। कई मार्गों पर ई-रिक्शा का आवागमन बंद भी किया गया लेकिन आज तक रूट नहीं बनाया जा सका। कांवड़ यात्रा से पहले पुलिस लाइन में ई-रिक्शा चालकों की बैठक की गई और कांवड़ के बाद रूट बनाने की निर्णय लिया गया लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
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जिले केे परिवहन विभाग कार्यालय में 12 हजार ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनमें से 50 प्रतिशत ई-रिक्शा नगर व आसपास क्षेत्र में चल रही हैं। इन ई-रिक्शाओं को चालक सुबह से ही दौड़ाना शुरू कर देते हैं। नगर का ऐसा कोई चौराहा व सड़क ऐसी नहीं दिखाई देती, जहां ई-रिक्शा बेतरतीब तरीके से न दौड़ रही हों। इनके कारण नगर में जाम के हालात भी बने रहते हैं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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इन हालातों को देखते हुए प्रशासन ने ई-रिक्शाओं के रूट तय करने का निर्णय किया था लेकिन लंबे समय से रूट निर्धारित करने की प्रक्रिया को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। ई- रिक्शाओं के चालकों ने रूट बनाए जाने का विरोध भी जताया था।
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n समिति बनी लेकिन नहीं बने रूट : ई-रिक्शाओं के रूट बनाने के लिए अधिकारियों की समिति बनाई गई। डीएम ने भी कई बार परिवहन विभाग, यातायात पुलिस व नगर पालिका के अधिकारियों की बैठक की, जिसमें ई-रिक्शाओं के रूट बनाने के लिए आदेश दिए गए। डेढ़ साल पहले तो रिक्शाओं की छतों पर नीला, पीला रंग कराकर उन्हें विभिन्न रूटों पर चलाने का निर्णय लिया गया। कई मार्गों पर ई-रिक्शा का आवागमन बंद भी किया गया लेकिन आज तक रूट नहीं बनाया जा सका। कांवड़ यात्रा से पहले पुलिस लाइन में ई-रिक्शा चालकों की बैठक की गई और कांवड़ के बाद रूट बनाने की निर्णय लिया गया लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।