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पंचायत चुनाव : आरक्षण में बदलाव होने से कई दावेदारों को लगा झटका, धरे रह गए होर्डिंग्स और बैनर

Sat, 20 Mar 2021 11:35 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 20 Mar 2021 11:35 PM IST
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Due to change in reservation, many claimants were shocked
पंचायत चुनाव - फोटो : अमर उजाला

हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंचायत चुनाव के लिए घोषित किए गए आरक्षण के बाद कई दावेदारों को झटका लगा है। उनकी पंचायत चुनाव की तैयारियों पर विराम लग गया। नई आरक्षण व्यवस्था से कुछ लोगों के लगे होर्डिंग्स और बैनर धरे रह गए। 

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मुजफ्फरनगर के चरथावल में शनिवार को दफ्तर खुलते ही आरक्षण सूची का इंतजार करने वाले फिक्रमंद लोगों की भीड़ संबंधित विकास खंड दफ्तरों पर एकत्र थी। कुछ समर्थक और उनके समर्थक सोशल मीडिया पर टकटकी लगाए बेताबी से इंतजार कर रहे थे। आरक्षण का जिन्न बाहर आया, तो काफी लोगों के अरमान पस्त हो गए।
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जिला पंचायत वार्ड 11 एससी के आरक्षित हुआ, तो कई के चुनाव लड़ने की मंशा सपना बन कर रह गया। इस वार्ड से निवर्तमान सदस्य अनिल त्यागी केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान की गुड लिस्ट में आते हैं। पूरे उत्साह से पूरे जोर से प्रचार और जनसंपर्क में जुटे थे।

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आरक्षण ने चुनाव लड़ने पर ब्रेक लगा दिया। वहीं, चरथावल ब्लॉक के जिला पंचायत के वार्ड 13, 14, 15 महिला में आरक्षित हो गए हैं। 14 नंबर से करीब दो दर्जन लोग चुनाव लड़ऩे को आतुर थे, उनके होॅर्डिंग्स और बैनर मुख्यमार्गों पर लगें है। लेकिन उन्हें अपनी जीवन संगिनी अथवा घर की महिलाओं को लड़ाने को मजबूर होना पड़ेगा।

लेकिन बघरा के वार्ड 19 के सामान्य होने से राकेश वशिष्ठ का मकसद पूरा हो गया। अभी तक वह वार्ड 14 से सदस्य हैं। वार्ड 12 को अनारक्षित किया है। यहां सबको चुनाव लड़ने का मौका है। खासकर ग्राम प्रधानी के चुनाव में चरथावल, सदर, बघरा और बुढ़ाना ब्लॉक में जारी आरक्षण ने समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं।

जातीय समीकरण हुए प्रभावित
चरथावल विकास खंड गांव में पिछले घोषित आरक्षण को लेकर घमासान मचा था। भाकिसं ने पंचायतें कर ठाकुर और मुस्लिम बहुल गांवों को एससी में आरक्षित करने पर आक्रोश था। शनिवार को प्रभारी बीडीओ राजेंद्र कुमार ने सूची चस्पा की, तो ठाकुर बहुल गांवों में आरक्षण की तस्वीर देख लोगों की बांछें खिल गई।

प्रधान पद के आरक्षण में पहले तीन एससी वोटों पर मंगनपुर गांव को एससी में रिजर्व कर दिया था। नए आरक्षण में मंगनपुर और चरथावल देहात पिछड़ा वर्ग, कुल्हेड़ी, कुटेसरा, रोनी हरजीपुर, बिरालसी, बलवाखेड़ी को अनारक्षित में जगह मिली है।

दधेडू खुर्द, निरधना को पिछड़े वर्ग से सामान्य में रखा गया है। वहीं न्यामू, चौकड़ा, खुसरोपुर, बहेड़ी को पिछड़ा वर्ग और पावटी, रोहाना ककलां, बड़कली, आखलौर, मलीरा को एससी और एससी महिला में आरक्षित करने से त्यागी बिरादरी का वर्चस्व टूट गया है। 

निवर्तमान प्रधानों को लगा झटका
कसौली गांव पिछड़े वर्ग में होने से चंद्रबोस के दुबारा चुनाव लड़ने के अरमान टूट गए। पीपलशाह में प्रदमुन पुंडीर, चौकड़ा में सुभाष त्यागी, न्यामू में लियाकत त्यागी और बहेड़ी गांव में चंद्रशेखर त्यागी गांवों के पिछड़े वर्ग में आरक्षित होने के कारण दुबारा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। 
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