फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Drinking water crisis in Muzaffarnagar

पानी के लिए तरसेंगे शहर के कई इलाके, घनी आबादी वाले क्षेत्रों में होगा पानी का संकट  

Sun, 09 Apr 2017 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Sun, 09 Apr 2017 12:15 AM IST
विज्ञापन
Drinking water crisis in Muzaffarnagar
पानी पीना
संसाधन, मैन पावर के साथ बजट में कोई कमी नहीं, बावजूद इसके भीषण गर्मी में नगर पालिका को हर साल पेयजल आपूर्ति करने में पसीने छूटते हैं। इस साल भी सबका गला तर करने में संकट गहराता दिख रहा है। वर्तमान स्थिति में ही पालिका प्रशासन डिमांड के अनुरूप पेयजल आपूर्ति करने में नाकाम साबित हो रही है।       
विज्ञापन


गर्मी बढ़ने के साथ ही नगर पालिका प्रशासन का भी गला सूखने लगा है। शहर में पानी सप्लाई के लिए करीब 40 साल पुरानी पाइप लाइन का जाल बिछा हुआ है। इसमें समय-समय पर नई लाइन डाली जरूर गई है, लेकिन आबादी के बढ़ते प्रेशर के कारण यह नाकाफी साबित होती है। मामूली से दबाव में लाइन फटकर आपूर्ति से ज्यादा पानी को बर्बाद करती है। वहीं, नगर पालिका सभी नागरिकों का पेयजल मुहैय्या कराने में फेल रही है। सबसे अधिक खराब हालात घनी आबादी वाले इलाकों के हैं। 
विज्ञापन


वर्तमान में शहर में 62 एमएलडी (मिलियन लीटर/डे)पेयजल आपूर्ति की जरुरत है, लेकिन इसके सापेक्ष पालिका केवल 50 एमएलडी सभी संसाधनों से पूरा कर पा रहा है। सामान्य दिनों में ही 12 एमएलडी की आपूर्ति कम है। मई-जून माह पेयजल आपूर्ति के लिहाज से पीक अवर माह होते हैं। इन दोनों माह में पानी की डिमांड अधिक रहती है। भीषण गर्मी के दिनों में 80 एमएलडी तक जरूरत बढ़ेगी, इसको लेकर पालिका प्रशासन को चिंता सताने लगी है।            
विज्ञापन
विज्ञापन

 
शहर के 45 वार्डों में 46 हजार कनेक्शन            
नगर पालिका के परिसीमन में 45 वार्ड हैं, जिनमें 46 हजार से अधिक कनेक्शन हैं। इन वार्डों में लाखों की आबादी है। पालिका प्रशासन उन लोगों को पानी सप्लाई के कनेक्शन जारी करता है, जितने मकान पालिका में पंजीकृत हैं। पालिका में शहर भर में करीब 78 हजार मकान ही पालिका में पंजीकृत हैं, जिनसे हाउस और जल टैक्स लिया जाता है।             
      
शहर में यह हैं घनी आबादी वाले इलाके            
भीषण के दिनों में पेयजल आपूर्ति के लिए सबसे अधिक माथापच्ची घनी आबादी वाले इलाकों में होती है। पालिका नजर में खालापार, लद्दावाला, किदवाईनगर, सदर क्षेत्र, कचहरी मार्ग और आसपास, रामपुरी क्षेत्र, जनकपुरी क्षेत्रों में अधिक पानी की जरूरत होती है। इन क्षेत्रों में बड़ी समस्या यह भी है कि प्रेशर बढ़ते ही पाइप लाइन फट जाती है, जिससे आपूर्ति बाधित होती है।             
          
58 पंप और 16 ओवरहेड टैंक         
शहर के मोहल्लों, बाजारों आदि में पेयजल आपूर्ति के लिए नगर पालिका के पास तामझाम के साथ संसाधन पूरे हैं। शहर में में करीब 58 पंप हैं। जिनमें 25, 35, 40, 41 हॉर्स पॉवर के पंप शामिल हैं, जबकि 2 हजार से लेकर 5 हजार लीटर तक के 16 ओवरहैड टैंक हैं। जिनसे शहर को पानी सप्लाई होती है। इसके अलावा भी गली-मोहल्लों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए हैंडपंप भी लगवाए गए हैं।             
      
27 पंपों पर लगे हैं जनरेटर             
नगर पालिका शहर में सुबह 4 बजे से 11 बजे तक पानी सप्लाई करती है। दिन में करीब दो घंटे का पंप रेस्ट लिया जाता है। उसके तुरंत बाद फिर जल आपूूर्ति शुरू होती है। जिसे रात्रि 11 बजे तक निर्बाध रखा जाता है। विद्युत आपूर्ति पर निर्भरता के साथ ही 27 पंपों पर पालिका ने जेनरेटर लगाए हैं, ताकि भीषण गर्मी में लोगों के गुस्से का शिकार न होना पड़े। पालिका के एई सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि शासन के मुताबिक प्रति व्यक्ति को रोजाना करीब 135 लीटर पानी की जरूरत होती है। शहर में इतना पानी सप्लाई किया जा रहा है।             

  ---------- कोट        
नगर पालिका में जलापूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था है। गर्मी के मौसम को देखते हुए विशेष प्रबंध किए गए हैं। मुख्य स्थानों पर जनरेटर लगाए गए हैं, ताकि जलापूर्ति बाधित न रहे। शहर में जहां भी शिकायत मिलेगी। उसके तत्काल सुलझाने के साथ पाइप लाइन को दुरुस्त किया जाएगा। - अजीत सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed