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Muzaffarnagar News: नहीं हो सका डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, वाहन भी रुके
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फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। कंपनी कर्मचारियों से वाहनों की चाबी लिए जाने के कारण शनिवार को शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हो सका। कांपेक्टर सहित बड़े कूड़ा वाहन भी खड़े रहे। इस कारण डलावघरों पर कूड़े के ढेर लग गए। कुछ स्थानों से नगर पालिका ने अपने संसाधनों से कूड़ा उठवाया।
शहर के 55 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र की कंपनी एमआईटूसी उठा रही है। कूड़ा कलेक्शन के लिए नई कंपनी एसजे एनवायरों के साथ पालिका का तीन वर्ष का अनुबंध होने के बाद पुरानी कंपनी धीरे-धीरे अपना काम बंद कर रही है।
तीन जून की बोर्ड बैठक में पुरानी कंपनी को पिछले दो माह का पैसा देने के लिए प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन उसके पारित न हो पाने के कारण भुगतान रुक गया। इसका प्रभाव कंपनी कर्मचारियों पर भी पड़ा। पालिका से भुगतान रुकने के कारण कंपनी कर्मचारियों को दो माह का वेतन भी नहीं मिल सका। शुक्रवार को कंपनी अधिकारियों की ओर से कूड़ा वाहन चालकों से चाबियां ले ली गई थी।
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इसके चलते शनिवार को शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हो सका। कंपनी जोन दो के इंचार्ज सुजित ने बताया कि पालिका से कंपनी को भुगतान न हो पाने के कारण गाड़ियों में डीजल भी नहीं डाला जा सका। डीजल न होने के कारण चालकों से गाड़ियों की चाबियां ले ली गई थी। कांपेक्टर भी कार्य नहीं कर रहे, जिस कारण डलाव घरों पर कूड़े के ढेर लग गए।
-कर्मचारियों के देयकों का भुगतान कराया जाएगा
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार का कहना है कि कंपनी की ओर से कर्मचारियों के भत्ते, पीएफ आदि का भुगतान न करने की जानकारी मिली थी। जिस पर बोर्ड ने कंपनी को दिये जाने वाले भुगतान पर रोक लगा दी थी। जांच की जा रही है कि कंपनी की ओर से कर्मचारियों को उनके देयकों का भुगतान किया गया है अथवा नहीं। जांच उपरांत कंपनी को बोर्ड के अनुमोदन पर भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नई कंपनी को डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। कंपनी कर्मचारियों से वाहनों की चाबी लिए जाने के कारण शनिवार को शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हो सका। कांपेक्टर सहित बड़े कूड़ा वाहन भी खड़े रहे। इस कारण डलावघरों पर कूड़े के ढेर लग गए। कुछ स्थानों से नगर पालिका ने अपने संसाधनों से कूड़ा उठवाया।
शहर के 55 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र की कंपनी एमआईटूसी उठा रही है। कूड़ा कलेक्शन के लिए नई कंपनी एसजे एनवायरों के साथ पालिका का तीन वर्ष का अनुबंध होने के बाद पुरानी कंपनी धीरे-धीरे अपना काम बंद कर रही है।
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तीन जून की बोर्ड बैठक में पुरानी कंपनी को पिछले दो माह का पैसा देने के लिए प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन उसके पारित न हो पाने के कारण भुगतान रुक गया। इसका प्रभाव कंपनी कर्मचारियों पर भी पड़ा। पालिका से भुगतान रुकने के कारण कंपनी कर्मचारियों को दो माह का वेतन भी नहीं मिल सका। शुक्रवार को कंपनी अधिकारियों की ओर से कूड़ा वाहन चालकों से चाबियां ले ली गई थी।
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इसके चलते शनिवार को शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हो सका। कंपनी जोन दो के इंचार्ज सुजित ने बताया कि पालिका से कंपनी को भुगतान न हो पाने के कारण गाड़ियों में डीजल भी नहीं डाला जा सका। डीजल न होने के कारण चालकों से गाड़ियों की चाबियां ले ली गई थी। कांपेक्टर भी कार्य नहीं कर रहे, जिस कारण डलाव घरों पर कूड़े के ढेर लग गए।
-कर्मचारियों के देयकों का भुगतान कराया जाएगा
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार का कहना है कि कंपनी की ओर से कर्मचारियों के भत्ते, पीएफ आदि का भुगतान न करने की जानकारी मिली थी। जिस पर बोर्ड ने कंपनी को दिये जाने वाले भुगतान पर रोक लगा दी थी। जांच की जा रही है कि कंपनी की ओर से कर्मचारियों को उनके देयकों का भुगतान किया गया है अथवा नहीं। जांच उपरांत कंपनी को बोर्ड के अनुमोदन पर भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नई कंपनी को डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।