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जिलाधिकारी ने श्मशान घाट और कब्रिस्तानों का जायजा लिया

Wed, 21 Apr 2021 11:25 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Apr 2021 11:25 PM IST
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DM inspected crematoriums and cemeteries
नवीन मंडी के शमशानघाट का निरीक्षण करती डीएम। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
जिलाधिकारी ने श्मशान घाट और कब्रिस्तानों का जायजा लिया
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मुजफ्फरनगर। कोरोना महामारी के चलते बीते एक सप्ताह से शहर में बढ़ी मौतों को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद जिला प्रशासन भी सचेत हो गया है। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने शहर के श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों में पहुंचकर वहां की स्थिति को देखा। नदी घाट के श्मशान घाट पर डीएम पीपीई किट लेकर पहुंचीं। उन्होंने अंतिम क्रिया कराने वाले सभी लोगों का वैक्सीनेशन कराने के आदेश दिए।
शहर में लगातार हो रही मौतें और श्मशान घाट एवं कब्रिस्तान में बढे़ शवों की संख्या को देखते हुए डीएम सेल्वा कुमारी जे ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने श्मशान घाट और कब्रिस्तान में व्यवस्थाओं को देखा। नदी घाट स्थित श्मशान घाट पर वह अपने साथ में 50 पीपीई किट लेकर पहुंचीं। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह को निर्देश दिए कि श्मशान घाट में कोरोना संक्रमितों के दाह संस्कार के लिए कर्मचारियों के पास पीपीई किट की कमी नहीं होनी चाहिए। श्मशान घाट की व्यवस्थाओं पर उन्होंने परोपकारी सेवा समिति के कार्य की सराहना की। डीएम ने अंतिम क्रिया में लगे सभी कर्मचारियों का वैक्सीनेशन कराने के निर्देश दिए। डीएम ने नई मंडी स्थित श्मशान घाट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने समिति के अध्यक्ष संजय मित्तल से व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत की। मित्तल ने बताया कि कोरोना मरीजों के साथ वह पांच लोगों को ही पीपीई किट के साथ अनुमति दे रहे हैं। डीएम ने शहर के चारों कब्रिस्तान की स्थिति को भी देखा और कोरोना को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह उनके साथ रहे।
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प्रदूषण मुक्त शवदाह गृह में हो अंतिम संस्कार
नदी घाट के शमशान घाट में पूर्व मंत्री चितरंजन स्वरूप के प्रयास से आधुनिक प्रदूषण मुक्त शवदाह गृह भी बना है। सामान्य रूप से जहां चार क्विंटल लकड़ी लगती है, आधुनिक शवदाह गृह में एक क्विंटल लकड़ी लगती है। परोपकारी सेवा समिति के अध्यक्ष अजय अग्रवाल का कहना है कि कोरोना संक्रमितों का इसमें अंतिम संस्कार किया जाए तो हर तरह खतरा समाप्त हो सकता है। प्रशासन ने कोरोना संक्रमितों के दाह संस्कार को लेकर अभी कोई गाइड लाइन नहीं बनाई है।
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