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बर्मिंघम कॉमनवेल्थ में दमखम दिखाएंगी दिव्या
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लखनऊ में ट्रायल मैच में प्रतिभाग करती पहलवान दिव्या काकरान।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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बर्मिंघम कॉमनवेल्थ में दमखम दिखाएंगी दिव्या
मुजफ्फरनगर। पुरबालियान गांव की बेटी अर्जुन अवार्डी दिव्या काकरान का चयन बर्मिंघम में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों के लिए हुआ है। ट्रायल के फाइनल में दिव्या ने रेलवे की निशा दहिया को हराकर अपना टिकट पक्का किया। चयन के बाद गांव और घर में खुशी का माहौल है।
कुश्ती के अखाड़े में दिव्या काकरान ने एक बार फिर खुद को साबित कर दिखाया है। कॉमनवेल्थ खेलों के ट्रायल के लिए देशभर से महिला पहलवान जुटी थीं। 68 किलो भार वर्ग में हरियाणा की पहलवानों ने दिव्या को चुनौती दी। काकरान ने सोनिका हुड्डा, नैना कर्णवाल, राधिका और निशा दहिया को पछाड़कर एक बार फिर खुद को साबित कर दिखाया। चयन के बाद गांव में खुशी का माहौल है। दिव्या के पिता सूरज पहलवान ने कहा कि उनके लिए खुशी का दिन है। कॉमनवेल्थ खेलों के अलावा वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी दिव्या फिर देश का प्रतिनिधित्व करेगी।
अब तक 78 पदक जीत चुकी दिव्या
दिव्या ने पिछले साल सर्बिया में आयोजित अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। काकरान ने अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 78 पदक जीत चुकी है। एशियन चैंपियन पहलवान 72 केजी भार वर्ग के मुकाबलों में भी दमखम दिखाती है। पिछले दिनों ही दिव्या की सगाई शामली के जाफरपुर गांव के सचिन प्रताप के साथ तय हुई थी। दिव्या काकरान का कहना है कि उसका लक्ष्य ओलंपिक पदक है। इसके लिए वह जी जान से मेहनत कर रही है। उम्मीद है फिर से कॉमनवेल्थ खेलों में पदक मिलेगा।
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मुजफ्फरनगर। पुरबालियान गांव की बेटी अर्जुन अवार्डी दिव्या काकरान का चयन बर्मिंघम में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों के लिए हुआ है। ट्रायल के फाइनल में दिव्या ने रेलवे की निशा दहिया को हराकर अपना टिकट पक्का किया। चयन के बाद गांव और घर में खुशी का माहौल है।
कुश्ती के अखाड़े में दिव्या काकरान ने एक बार फिर खुद को साबित कर दिखाया है। कॉमनवेल्थ खेलों के ट्रायल के लिए देशभर से महिला पहलवान जुटी थीं। 68 किलो भार वर्ग में हरियाणा की पहलवानों ने दिव्या को चुनौती दी। काकरान ने सोनिका हुड्डा, नैना कर्णवाल, राधिका और निशा दहिया को पछाड़कर एक बार फिर खुद को साबित कर दिखाया। चयन के बाद गांव में खुशी का माहौल है। दिव्या के पिता सूरज पहलवान ने कहा कि उनके लिए खुशी का दिन है। कॉमनवेल्थ खेलों के अलावा वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी दिव्या फिर देश का प्रतिनिधित्व करेगी।
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अब तक 78 पदक जीत चुकी दिव्या
दिव्या ने पिछले साल सर्बिया में आयोजित अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। काकरान ने अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 78 पदक जीत चुकी है। एशियन चैंपियन पहलवान 72 केजी भार वर्ग के मुकाबलों में भी दमखम दिखाती है। पिछले दिनों ही दिव्या की सगाई शामली के जाफरपुर गांव के सचिन प्रताप के साथ तय हुई थी। दिव्या काकरान का कहना है कि उसका लक्ष्य ओलंपिक पदक है। इसके लिए वह जी जान से मेहनत कर रही है। उम्मीद है फिर से कॉमनवेल्थ खेलों में पदक मिलेगा।

लखनऊ में ट्रायल मैच में प्रतिभाग करती पहलवान दिव्या काकरान।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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