{"_id":"631f7e640c490f379f1c5728","slug":"discussion-on-the-budget-in-the-meeting-of-majlis-e-shura-devband-news-mrt60489266","type":"story","status":"publish","title_hn":"मजलिस-ए-शूरा की बैठक में बजट पर चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मजलिस-ए-शूरा की बैठक में बजट पर चर्चा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवबंद (सहारनपुर)। यूपी में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे की कार्रवाई शुरू होने के बीच दारुल उलूम में सुप्रीम पॉवर मजलिस-ए-शूरा की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से आरंभ हो गई। जिसमें पहले दिन संस्था के वार्षिक बजट पर चर्चा की गई। उम्मीद जताई जा रही है कि बैठक में सर्वे को लेकर शूरा सदस्य कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं।
मजलिस-ए-शूरा की तीन दिवसीय बैठक में संस्था का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा। इसमें पहले दिन बजट पर चर्चा के साथ ही पिछली शूरा और मजलिस-ए-आमला (वर्किंग कमेटी) की बैठक की कार्रवाई की समीक्षा की गई। विभिन्न विभागाध्यक्षों ने शूरा सदस्यों के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश की। जिस पर सदस्यों ने संतुष्टि जताई। बताया गया है कि महंगाई को देखते हुए इस वर्ष संस्था के बजट में वृद्धि की जा सकती है। मदरसों का सरकारी सर्वे कराए जाने को लेकर बैठक में कोई बड़ा निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसमें दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी, जमीयत अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी, असम सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी, विधायक मौलाना इस्माइल मालेगांव, हकीम कलीमुल्लाह अलीगढ़ी, मौलाना हबीब बांदवी, मुफ्ती शफीक बेंगलूरु, मौलाना आकिल गढ़ी दौलत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मजलिस-ए-शूरा की तीन दिवसीय बैठक में संस्था का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा। इसमें पहले दिन बजट पर चर्चा के साथ ही पिछली शूरा और मजलिस-ए-आमला (वर्किंग कमेटी) की बैठक की कार्रवाई की समीक्षा की गई। विभिन्न विभागाध्यक्षों ने शूरा सदस्यों के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश की। जिस पर सदस्यों ने संतुष्टि जताई। बताया गया है कि महंगाई को देखते हुए इस वर्ष संस्था के बजट में वृद्धि की जा सकती है। मदरसों का सरकारी सर्वे कराए जाने को लेकर बैठक में कोई बड़ा निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसमें दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी, जमीयत अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी, असम सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी, विधायक मौलाना इस्माइल मालेगांव, हकीम कलीमुल्लाह अलीगढ़ी, मौलाना हबीब बांदवी, मुफ्ती शफीक बेंगलूरु, मौलाना आकिल गढ़ी दौलत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन