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गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 15 Nov 2016 12:43 AM IST
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शुक्रताल गंगाघाट पर लगी श्रद्धालुओं की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने पौराणिक शुकतीर्थ में गंगा तट पर श्रद्धा और भक्ति से पुण्य की डुबकी लगाई। मध्य रात्रि के बाद ही गंगा घाट पर गंगा मैय्या के जयघोष गूंजने लगे। तीर्थ के मंदिरों, आश्रमों और धर्मशालाओं में ठहरे तीर्थ यात्री समूह के साथ गंगा घाट पहुंचे और सामूहिक स्नान किया।
कार्तिक गंगा स्नान पर शुक्रताल में हजारों श्रद्धालुओं ने पतित पावनी गंगा में डुबकी लगा कर पुण्य कमाया। मध्य रात्रि को स्नान का क्रम शुरू हो गया। सोमवार को दिन भर तीर्थयात्रियों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ स्नान कर गंगा की पूजा अर्चना की। पुरोहितों, आचार्यों और संत महात्माओं ने यजमानों से अनुष्ठान कराए। मंदिरों, आश्रमों और धर्मशालाओं में कई दिनों से ठहरे श्रद्धालु आस्था में मग्न होकर जत्थे में मंगलगीत गाते गंगा तट पर पहुंचे।
स्नान के बाद गंगा मंदिर और शिवालय पर पूजा के लिए भक्तों की भीड़ रही। पित्तरों की सद्गति के लिए लोगों ने दीपदान किया। परिवार के साथ शुकतीर्थ आए श्रद्धालुओं ने अनुष्ठान की पूर्ण आहुति दी। गंगा मेला क्षेत्र में लगे तंबुओं में ठहरे तीर्थयात्रियों ने भोर में गंगा स्नान प्रारंभ किया। स्नान के बाद खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया।
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भागवतपीठ श्री शुकदेव आश्रम में अक्षय वट वृक्ष की परिक्रमा और श्री शुकदेव मंदिर के दर्शन का तांता लगा रहा। तीर्थ के जीर्णोद्धार वीतराग स्वामी कल्याण देव के समाधि मंदिर में भक्तों ने पुष्प अर्पित किए। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया। भागवत कथाओं में देश भर से पहुंचे श्रद्धालुओं को भागवत मर्मज्ञों ने कार्तिक पूर्णिमा की महिमा बताई।
तीर्थ के हनुमतधाम, दंडी आश्रम, गणेश धाम, दुर्गाधाम, शिवधाम आदि में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। संत-महात्माओं का आशीर्वाद ग्रहण कर दान किया गया। गंगा तट पर स्थित कारगिल शहीद स्मारक पर तीर्थ यात्रियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद सैनिकों को नमन किया। गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय और महर्षि दयानंद योग धाम में आयोजित योग और व्यायाम प्रशिक्षण शिविर में बालक-बालिकाओं ने योगाभ्यास किया।
यजुर्वेद परायण महायज्ञ की पूर्णाहुति वेद मंत्रों के साथ दी गई। श्री गंगा सेवा समिति के पदाधिकारियों और पुरोहितों ने गंगा तट की व्यवस्था में सहयोग दिया। पांच दिवसीय मेले में आए ग्रामीण श्रद्धालुओं के तंबू शाम को उखड़ने लगे। तीर्थयात्री अपनी भैंसा-बुग्गियों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से लौट रहे हैं।
गंगा मेले में खरीदी धार्मिक सामग्री
शुक्रताल। गंगा मेले में धार्मिक सामग्री और वेद शास्त्र साहित्य खरीदने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्री शुकदेव आश्रम और प्राचीन गंगा मंदिर के बाहर बाजार में पूजन सामग्री तथा देवी-देवताओं की मूर्तियां खरीदी गई। श्री विश्वकर्मा मंदिर से दंडी आश्रम और हनुमत धाम तक सड़कों पर श्रद्धालुओं का संगम दिखाई दिया।
ब्राह्मण आश्रम, जाट धर्मशाला, गुर्जर धर्मशाला, संत रविदास आश्रम, त्यागी धर्मशाला, प्रजापति धर्मशाला, सैनी धर्मशाला, भट्ट ब्राह्मण धर्मशाला आदि में यज्ञ और पूजन में श्रद्धालुओं ने आहुति दी। महेश्वराश्रम, गौडियमठ, सिद्ध पीठ, सच्चा आश्रम में भी तीर्थ यात्रियों का समागम रहा।
गंगा में घूमती रही पीएसी की मोटरबोट
शुक्रताल। गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को 44 वाहिनी पीएसी मेरठ के जवान मोटर बोट के साथ गंगा में तैनात रहे। एसआई लल्लन यादव के नेतृत्व में 36 जवानों की टीम दो मोटर बोट के साथ गंगा में निरीक्षण करती रही। भोपा एसओ योगेश शर्मा, मेला प्रभारी सतीश चंद त्यागी ने गंगा तट पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे। महिला श्रद्धालुओं के लिए महिला पुलिस बल तैनात रहा। जिला पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मोर्चा संभाले रखा। कृषि प्रदर्शनी में किसानों ने उन्नत खेती और स्वास्थ्य रक्षा की जानकारी ली।
बैराज पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी
मीरापुर। कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर गंगा बैराज पर मेला लगा। दूरदराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था के साथ डुबकी लगाई। मेले में श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
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कार्तिक गंगा स्नान पर शुक्रताल में हजारों श्रद्धालुओं ने पतित पावनी गंगा में डुबकी लगा कर पुण्य कमाया। मध्य रात्रि को स्नान का क्रम शुरू हो गया। सोमवार को दिन भर तीर्थयात्रियों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ स्नान कर गंगा की पूजा अर्चना की। पुरोहितों, आचार्यों और संत महात्माओं ने यजमानों से अनुष्ठान कराए। मंदिरों, आश्रमों और धर्मशालाओं में कई दिनों से ठहरे श्रद्धालु आस्था में मग्न होकर जत्थे में मंगलगीत गाते गंगा तट पर पहुंचे।
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स्नान के बाद गंगा मंदिर और शिवालय पर पूजा के लिए भक्तों की भीड़ रही। पित्तरों की सद्गति के लिए लोगों ने दीपदान किया। परिवार के साथ शुकतीर्थ आए श्रद्धालुओं ने अनुष्ठान की पूर्ण आहुति दी। गंगा मेला क्षेत्र में लगे तंबुओं में ठहरे तीर्थयात्रियों ने भोर में गंगा स्नान प्रारंभ किया। स्नान के बाद खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया।
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भागवतपीठ श्री शुकदेव आश्रम में अक्षय वट वृक्ष की परिक्रमा और श्री शुकदेव मंदिर के दर्शन का तांता लगा रहा। तीर्थ के जीर्णोद्धार वीतराग स्वामी कल्याण देव के समाधि मंदिर में भक्तों ने पुष्प अर्पित किए। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया। भागवत कथाओं में देश भर से पहुंचे श्रद्धालुओं को भागवत मर्मज्ञों ने कार्तिक पूर्णिमा की महिमा बताई।
तीर्थ के हनुमतधाम, दंडी आश्रम, गणेश धाम, दुर्गाधाम, शिवधाम आदि में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। संत-महात्माओं का आशीर्वाद ग्रहण कर दान किया गया। गंगा तट पर स्थित कारगिल शहीद स्मारक पर तीर्थ यात्रियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद सैनिकों को नमन किया। गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय और महर्षि दयानंद योग धाम में आयोजित योग और व्यायाम प्रशिक्षण शिविर में बालक-बालिकाओं ने योगाभ्यास किया।
यजुर्वेद परायण महायज्ञ की पूर्णाहुति वेद मंत्रों के साथ दी गई। श्री गंगा सेवा समिति के पदाधिकारियों और पुरोहितों ने गंगा तट की व्यवस्था में सहयोग दिया। पांच दिवसीय मेले में आए ग्रामीण श्रद्धालुओं के तंबू शाम को उखड़ने लगे। तीर्थयात्री अपनी भैंसा-बुग्गियों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से लौट रहे हैं।
गंगा मेले में खरीदी धार्मिक सामग्री
शुक्रताल। गंगा मेले में धार्मिक सामग्री और वेद शास्त्र साहित्य खरीदने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्री शुकदेव आश्रम और प्राचीन गंगा मंदिर के बाहर बाजार में पूजन सामग्री तथा देवी-देवताओं की मूर्तियां खरीदी गई। श्री विश्वकर्मा मंदिर से दंडी आश्रम और हनुमत धाम तक सड़कों पर श्रद्धालुओं का संगम दिखाई दिया।
ब्राह्मण आश्रम, जाट धर्मशाला, गुर्जर धर्मशाला, संत रविदास आश्रम, त्यागी धर्मशाला, प्रजापति धर्मशाला, सैनी धर्मशाला, भट्ट ब्राह्मण धर्मशाला आदि में यज्ञ और पूजन में श्रद्धालुओं ने आहुति दी। महेश्वराश्रम, गौडियमठ, सिद्ध पीठ, सच्चा आश्रम में भी तीर्थ यात्रियों का समागम रहा।
गंगा में घूमती रही पीएसी की मोटरबोट
शुक्रताल। गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को 44 वाहिनी पीएसी मेरठ के जवान मोटर बोट के साथ गंगा में तैनात रहे। एसआई लल्लन यादव के नेतृत्व में 36 जवानों की टीम दो मोटर बोट के साथ गंगा में निरीक्षण करती रही। भोपा एसओ योगेश शर्मा, मेला प्रभारी सतीश चंद त्यागी ने गंगा तट पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे। महिला श्रद्धालुओं के लिए महिला पुलिस बल तैनात रहा। जिला पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मोर्चा संभाले रखा। कृषि प्रदर्शनी में किसानों ने उन्नत खेती और स्वास्थ्य रक्षा की जानकारी ली।
बैराज पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी
मीरापुर। कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर गंगा बैराज पर मेला लगा। दूरदराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था के साथ डुबकी लगाई। मेले में श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।