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कथा में गोपियों और श्रीकृष्ण के प्रेम का वर्णन
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संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। श्रीमद्भागवत कथा में गंगोत्री तिवारी मृदुल महाराज ने गोपियों और श्रीकृष्ण के प्रेम का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण गोपियों से बहुत प्यार करते थे।
अशोक विहार के ब्लाक सी में चल रही कथा में सुनाया कि एक बार रास्ते में डोली और अर्थी मिली। दोनों में समानता थी। दोनों सजी हुई थी। दोनों को चार-चार व्यक्तियों ने उठाया हुआ था। दोनों के पीछे ही लोग थे, जो रो रहे थे। अर्थी ने डोली से कहा कि तू संसार रूपी पति के पास जा रही हो और मै जगतपति के पास जा रही हूं। उन्होंने बताया कि प्रेम अंधा नहीं होता, अंधी होती है वासना, प्रेम जब अनंत हो जाता है तब रोम-रोम आनंदित हो जाता है। भागवत कथा में यज्ञमान अमित उपाध्याय सपत्नी रहे। कथा में प्रदीप, नीटू उपाध्याय, मनोज, दीनदयाल, डॉ कन्हैया लाल, राकेश चौधरी, अनुज, गौरव, पूनम, दीपा, राधिका, ममता, उर्मिला, पंकज, सपना, शैली, प्रीति, सुधीश पुंडीर, प्रदीप ठाकुर, दुष्यंत, विजय आदि श्रोता उपस्थित रहे।
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खतौली। श्रीमद्भागवत कथा में गंगोत्री तिवारी मृदुल महाराज ने गोपियों और श्रीकृष्ण के प्रेम का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण गोपियों से बहुत प्यार करते थे।
अशोक विहार के ब्लाक सी में चल रही कथा में सुनाया कि एक बार रास्ते में डोली और अर्थी मिली। दोनों में समानता थी। दोनों सजी हुई थी। दोनों को चार-चार व्यक्तियों ने उठाया हुआ था। दोनों के पीछे ही लोग थे, जो रो रहे थे। अर्थी ने डोली से कहा कि तू संसार रूपी पति के पास जा रही हो और मै जगतपति के पास जा रही हूं। उन्होंने बताया कि प्रेम अंधा नहीं होता, अंधी होती है वासना, प्रेम जब अनंत हो जाता है तब रोम-रोम आनंदित हो जाता है। भागवत कथा में यज्ञमान अमित उपाध्याय सपत्नी रहे। कथा में प्रदीप, नीटू उपाध्याय, मनोज, दीनदयाल, डॉ कन्हैया लाल, राकेश चौधरी, अनुज, गौरव, पूनम, दीपा, राधिका, ममता, उर्मिला, पंकज, सपना, शैली, प्रीति, सुधीश पुंडीर, प्रदीप ठाकुर, दुष्यंत, विजय आदि श्रोता उपस्थित रहे।
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