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ब्लड सैंपल लेकर लक्षण मालूम करने में जुटा विभाग
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कुल्हेड़ी में पशुओं का चेकअप करती चिकित्सा विभाग की टीम
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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ब्लड सैंपल लेकर लक्षण मालूम करने में जुटा विभाग
मुजफ्फरनगर, चरथावल। कुल्हेड़ी गांव में पशुओं की मौत के बाद पशुपालन विभाग हरकत में आ गया। बृहस्पतिवार को चरथावल केंद्र प्रभारी डॉ. अमरदीप सिंह के नेतृत्व में गांव में 32 परिवारों में बीमार पशुओं की जांच की। मवेशियों का ब्लड सैंपल लेकर बीमारी के लक्षण मालूम करने में विभाग जुट गया है। दूसरी ओर, स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण किया गया।
पिछले एक हफ्ते से पशुओं में चल रही जानलेवा बीमारी के कारण विभागीय टीम ने कुल्हेड़ी गांव पहुंची। उन्होंने पीड़ित परिवारों के घर जाकर लक्षण जानने के लिए पशुओं का चेकअप किया। जिला मुख्यालय से प्रयोगशाला अधीक्षक डॉ. सुधीर डबास ने पीड़ित पशुओं के ब्लड के नमूने लिए। वहीं कर्मचारियों ने स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण किया। केंद्र प्रभारी ने बताया करीब 25 फीसदी पशुओं में खुरपका और मुंहपका के लक्षण नजर आए है। ठंड बढ़ने के कारण बीमार पशुओं में ज्यादातर वायरल और निमोनिया के लक्षण पाए गए। प्रभावित पशुपालकों को बचाव के टिप्स दिए।
पशुधन प्रसार अधिकारी नवीन सैनी और सतीश कुमार आदि का सहयोग रहा। टीम ने पशुओं का टीका लगवाने को पशुपालकों को प्रेरित किया। भ्रांतिवश गांव में 50 फीसदी पशुपालकों ने टीके नहीं लगवाए थे। कई बार टीका नहीं लगना भी पशुओं में संक्रमण की वजह बन जाती है। टीकाकरण के बाद पशुओं में प्रतिरोधक क्षमता 15 दिन बाद बढ़ती है। ग्राम प्रधान मौहम्मद जब्बार ने बताया कि ग्रामीणों से नियमित टीका लगवाने की अपील की है।
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मुजफ्फरनगर, चरथावल। कुल्हेड़ी गांव में पशुओं की मौत के बाद पशुपालन विभाग हरकत में आ गया। बृहस्पतिवार को चरथावल केंद्र प्रभारी डॉ. अमरदीप सिंह के नेतृत्व में गांव में 32 परिवारों में बीमार पशुओं की जांच की। मवेशियों का ब्लड सैंपल लेकर बीमारी के लक्षण मालूम करने में विभाग जुट गया है। दूसरी ओर, स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण किया गया।
पिछले एक हफ्ते से पशुओं में चल रही जानलेवा बीमारी के कारण विभागीय टीम ने कुल्हेड़ी गांव पहुंची। उन्होंने पीड़ित परिवारों के घर जाकर लक्षण जानने के लिए पशुओं का चेकअप किया। जिला मुख्यालय से प्रयोगशाला अधीक्षक डॉ. सुधीर डबास ने पीड़ित पशुओं के ब्लड के नमूने लिए। वहीं कर्मचारियों ने स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण किया। केंद्र प्रभारी ने बताया करीब 25 फीसदी पशुओं में खुरपका और मुंहपका के लक्षण नजर आए है। ठंड बढ़ने के कारण बीमार पशुओं में ज्यादातर वायरल और निमोनिया के लक्षण पाए गए। प्रभावित पशुपालकों को बचाव के टिप्स दिए।
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पशुधन प्रसार अधिकारी नवीन सैनी और सतीश कुमार आदि का सहयोग रहा। टीम ने पशुओं का टीका लगवाने को पशुपालकों को प्रेरित किया। भ्रांतिवश गांव में 50 फीसदी पशुपालकों ने टीके नहीं लगवाए थे। कई बार टीका नहीं लगना भी पशुओं में संक्रमण की वजह बन जाती है। टीकाकरण के बाद पशुओं में प्रतिरोधक क्षमता 15 दिन बाद बढ़ती है। ग्राम प्रधान मौहम्मद जब्बार ने बताया कि ग्रामीणों से नियमित टीका लगवाने की अपील की है।

कुल्हेड़ी में पशुओं का चेकअप करती चिकित्सा विभाग की टीम- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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