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मुकदमे से निकाला जाए मृतक का नाम
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मुकदमे से मृतक का नाम निकालने की मांग
मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर के नावला कोठी के पास स्थित सरकारी शराब ठेके पर नकली शराब बरामदगी के बाद मृत व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में एसएसपी ने मुकदमे से मृतक का नाम निकालने और असल आरोपियों की धरपकड़ के आदेश दिए हैं। हालांकि आबकारी विभाग ने 24 घंटे बाद तक भी मुकदमे से मृतक ठेकेदार का नाम निकालने की कार्रवाई शुरू नहीं की है।
जिला आबकारी विभाग ने बुधवार को मंसूरपर क्षेत्र में नावला कोठी के पास स्थित सरकारी ठेके पर छापा मारकर बड़े पैमाने पर वहां बेची जा रही नकली शराब बरामद की थी। आबकारी विभाग ने बिना जांच-पड़ताल के ही ठेका संचालक नरेश निवासी हुसैनपुर बोपाड़ा एवं सेल्समैन आशीष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। जबकि नरेश की करीब तीन माह पूर्व ही मौत हो चुकी थी। अमर उजाला में मृतक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की खबर प्रकाशित होने के बाद एसएसपी अभिषेक यादव ने मृतक ठेका संचालक का नाम मुकदमे से निकालने और असली आरोपियों चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
मामले में लापरवाही बरतने वाले आबकारी विभाग ने प्रकरण में 24 घंटे बाद तक मुकदमे से मृतक का नाम निकालने की कार्रवाई तक शुरू नहीं की है। इस मामले में विभागीय अधिकारियों ने फोन कॉल रिसीव नहीं की, जबकि कुछ अधिकारियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए।
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आखिर कहां बन रही है नकली शराब ?
मुजफ्फरनगर। सरकारी ठेके से नकली शराब बिक्री का भंडाफोड़ होने के बाद मृतक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाले आबकारी विभाग ने आगे की कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी है। विभागीय अफसरों ने शुरूआती जांच में मृतक ठेकेदार पर ही शराब बनाकर बिकवाने का आरोप लगाया था, लेकिन उसकी तीन माह पूर्व मौत होने के बाद यह बड़ा सवाल बन गया है कि आखिर ठेके पर बिक रही नकली शराब की आपूर्ति कहां से हो रही थी? गौरतलब है कि पूर्व में जनपद में कली शराब की तीन फैक्टरियों का भंडाफोड़ पुलिस द्वारा किया जा चुका है, इसके बावजूद जिले में सरकारी ठेकों पर नकली शराब की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है।
इन्होंने कहा ...
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि मामले में मृतक का नाम मुकदमे से निकालने और असल आरोपियों की गिरफ़्तारी के निर्देश दिए गए हैं। नकली शराब कहां से आ रही थी, इसकी भी जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
सीओ खतौली आशीष प्रताप सिंह का कहना है कि मुकदमा पंजीकृत कराने वाले अफसर की रिपोर्ट पर ही मृतक का नाम निकाला जाएगा। बृहस्पतिवार रात तक भी आबकारी विभाग द्वारा उन्हें मृतक का नाम मुकदमे से निकालने के लिए संबंधित रिपोर्ट नहीं दी है।
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मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर के नावला कोठी के पास स्थित सरकारी शराब ठेके पर नकली शराब बरामदगी के बाद मृत व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में एसएसपी ने मुकदमे से मृतक का नाम निकालने और असल आरोपियों की धरपकड़ के आदेश दिए हैं। हालांकि आबकारी विभाग ने 24 घंटे बाद तक भी मुकदमे से मृतक ठेकेदार का नाम निकालने की कार्रवाई शुरू नहीं की है।
जिला आबकारी विभाग ने बुधवार को मंसूरपर क्षेत्र में नावला कोठी के पास स्थित सरकारी ठेके पर छापा मारकर बड़े पैमाने पर वहां बेची जा रही नकली शराब बरामद की थी। आबकारी विभाग ने बिना जांच-पड़ताल के ही ठेका संचालक नरेश निवासी हुसैनपुर बोपाड़ा एवं सेल्समैन आशीष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। जबकि नरेश की करीब तीन माह पूर्व ही मौत हो चुकी थी। अमर उजाला में मृतक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की खबर प्रकाशित होने के बाद एसएसपी अभिषेक यादव ने मृतक ठेका संचालक का नाम मुकदमे से निकालने और असली आरोपियों चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
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मामले में लापरवाही बरतने वाले आबकारी विभाग ने प्रकरण में 24 घंटे बाद तक मुकदमे से मृतक का नाम निकालने की कार्रवाई तक शुरू नहीं की है। इस मामले में विभागीय अधिकारियों ने फोन कॉल रिसीव नहीं की, जबकि कुछ अधिकारियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए।
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आखिर कहां बन रही है नकली शराब ?
मुजफ्फरनगर। सरकारी ठेके से नकली शराब बिक्री का भंडाफोड़ होने के बाद मृतक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाले आबकारी विभाग ने आगे की कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी है। विभागीय अफसरों ने शुरूआती जांच में मृतक ठेकेदार पर ही शराब बनाकर बिकवाने का आरोप लगाया था, लेकिन उसकी तीन माह पूर्व मौत होने के बाद यह बड़ा सवाल बन गया है कि आखिर ठेके पर बिक रही नकली शराब की आपूर्ति कहां से हो रही थी? गौरतलब है कि पूर्व में जनपद में कली शराब की तीन फैक्टरियों का भंडाफोड़ पुलिस द्वारा किया जा चुका है, इसके बावजूद जिले में सरकारी ठेकों पर नकली शराब की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है।
इन्होंने कहा ...
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि मामले में मृतक का नाम मुकदमे से निकालने और असल आरोपियों की गिरफ़्तारी के निर्देश दिए गए हैं। नकली शराब कहां से आ रही थी, इसकी भी जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
सीओ खतौली आशीष प्रताप सिंह का कहना है कि मुकदमा पंजीकृत कराने वाले अफसर की रिपोर्ट पर ही मृतक का नाम निकाला जाएगा। बृहस्पतिवार रात तक भी आबकारी विभाग द्वारा उन्हें मृतक का नाम मुकदमे से निकालने के लिए संबंधित रिपोर्ट नहीं दी है।